*स्थापना शाखा का ताला टूटना महज इत्तेफाक नहीं,भ्रष्टाचार पर पर्दा डालने का सुनियोजित खेल - डॉ. प्रतीक उमरे*
*स्थापना शाखा का ताला टूटना महज इत्तेफाक नहीं,भ्रष्टाचार पर पर्दा डालने का सुनियोजित खेल - डॉ. प्रतीक उमरे*
दुर्ग नगर निगम के पूर्व एल्डरमैन भाजपा नेता डॉ. प्रतीक उमरे ने दुर्ग नगर निगम की स्थापना शाखा का ताला तोड़कर महत्वपूर्ण सरकारी फाइलों को गायब किए जाने और उनसे छेड़छाड़ की सनसनीखेज घटना पर निगम प्रशासन पर बेहद तीखा हमला बोला है।डॉ. प्रतीक उमरे ने इस घटना को साधारण चोरी मानने से साफ इनकार करते हुए इसे नगर निगम में व्याप्त काले कारनामों और भ्रष्टाचार के सबूतों को मिटाने की एक बहुत बड़ी प्रशासनिक व राजनीतिक साजिश करार दिया है।डॉ. प्रतीक उमरे ने कहा कि यह बेहद शर्मनाक और हैरान करने वाला है कि शहर की सबसे सुरक्षित मानी जाने वाली नगर निगम की इमारत में चोर आसानी से घुस जाते हैं,स्थापना शाखा जैसी संवेदनशील जगह का ताला तोड़ते हैं और फाइलों को खंगालकर रफूचक्कर हो जाते हैं।डॉ. प्रतीक उमरे ने सीधे तौर पर आरोप लगाते हुए कहा कि स्थापना शाखा में कर्मचारियों की नियुक्तियों,पदोन्नति,वित्तीय अनियमितताओं और पिछले कुछ समय में हुए कई संदिग्ध फैसलों से जुड़े दस्तावेज मौजूद थे।उन्होंने अंदेशा जताया कि किसी बड़े घोटाले के उजागर होने के डर से बौखलाए बैठे रसूखदारों ने रात के अंधेरे में इस वारदात को अंजाम दिलवाया है ताकि आने वाले समय में जांच एजेंसियों को कोई सबूत ही न मिल सके।डॉ. प्रतीक उमरे ने कहा कि नगर निगम परिसर में सुरक्षाकर्मियों की तैनाती और सीसीटीवी कैमरों के नाम पर हर महीने लाखों रुपये फूंक दिए जाते हैं।इसके बावजूद यदि चोर इतनी बड़ी वारदात कर जाते हैं और सीसीटीवी कैमरों से कोई ठोस सुराग नहीं मिलता,तो यह साबित करता है कि निगम की सुरक्षा व्यवस्था सिर्फ कागजों पर चल रही है।उन्होंने सवाल उठाया कि जब निगम प्रशासन अपने दफ्तर की फाइलें सुरक्षित नहीं रख सकता,तो वह शहर की जनता और संपत्तियों की रक्षा क्या खाक करेगा?डॉ. प्रतीक उमरे ने कलेक्टर अभिजित सिंह से मांग की है कि इस मामले की उच्च स्तरीय और निष्पक्ष जांच कराई जाए।