धर्मनगरी दुर्ग में हुआ शिव-शक्ति का अद्भुत एवं अलौकिक मिलन
दुर्ग - उज्जैन के मनमहेश चंद्रमौलेश्वर महाकाल ने गंजपारा में दिए दर्शन, भव्य स्वागत एवं महाआरती में झूम उठे श्रद्धालु
छत्तीसगढ़ की धर्मनगरी दुर्ग के गंजपारा स्थित श्री सत्तीचौरा मां दुर्गा मंदिर में आज शिव-शक्ति का अद्भुत एवं अलौकिक मिलन देखने को मिला। बाबा महाकाल की पावन नगरी उज्जैन से भगवान भोलेनाथ की विशेष प्रतिमा, मनमहेश चंद्रमौलेश्वर महाकाल जी का शुभागमन हुआ। यह वही दिव्य प्रतिमा है, जो उज्जैन में प्रतिवर्ष निकलने वाली बाबा महाकाल की भव्य पालकी यात्रा में विराजमान होती है।
उल्लेखनीय है कि बाबा महाकाल की यह प्रतिमा उज्जैन से जगन्नाथ पुरी के लिए प्रस्थान कर रही है, जहां भगवान जगन्नाथ (हरि) एवं भगवान शिव (हर) का अद्भुत मिलन होगा। इसके पश्चात प्रतिमा पुनः उज्जैन लौटेगी।
प्रतिमा के साथ उज्जैन के महाराज कुलदीप गुरु भी दुर्ग पहुंचे। उनके द्वारा प्रतिवर्ष उज्जैन में बाबा महाकाल की भव्य पालकी यात्रा निकाली जाती है। इस अवसर पर कुलदीप गुरु ने उपस्थित धर्मप्रेमियों को संबोधित करते हुए कहा कि सदैव माता रानी एवं बाबा की सेवा निस्वार्थ भाव से करनी चाहिए तथा घर से निकलने से पहले अपने माता-पिता का आशीर्वाद अवश्य लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि शिव का अर्थ पिता और शक्ति का अर्थ माता है। जो अपने माता-पिता को ही शिव-शक्ति मानकर उनकी पूजा एवं सेवा करते हैं, उनका जीवन सदैव सुखमय रहता है।
भोले बाबा के भक्त ऋषि मिश्री गुप्ता ने बताया कि बाबा महाकाल की प्रतिमा का सर्वप्रथम सत्ती माता, सतीश्वर महादेव एवं बजरंगबली मंदिर में विधिवत मिलन कराया गया। इसके पश्चात प्रतिमा को श्री सत्तीचौरा मां दुर्गा मंदिर लाया गया, जहां मंदिर समिति द्वारा ढोल-बाजे एवं भव्य आतिशबाजी के साथ बाबा का जोरदार स्वागत किया गया।
दुर्ग-भिलाई के धार्मिक इतिहास में यह एक विशेष एवं अविस्मरणीय अवसर रहा, जब उज्जैन के महाकाल स्वयं अपनी दिव्य प्रतिमा के रूप में दुर्ग पहुंचे और शहर के धर्मप्रेमियों को उज्जैन के बाबा महाकाल के दर्शन का सौभाग्य प्राप्त हुआ।
मंदिर परिसर में शिव-शक्ति के इस दिव्य मिलन के पश्चात बाबा महाकाल की भव्य महाआरती की गई। आरती के दौरान ढोल, ताशा एवं झांझ की गूंज से पूरा मंदिर परिसर भक्तिमय हो उठा। इस अवसर पर महाराज कुलदीप गुरु ने एक पैर पर खड़े होकर झूमते हुए बाबा महाकाल की महाआरती की। उनका यह अद्भुत भक्तिमय स्वरूप उपस्थित श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। आरती के दौरान उपस्थित धर्मप्रेमी भी भक्ति में सराबोर होकर झूम उठे।
बाबा महाकाल का रात्रि विश्राम समिति के सदस्य एवं भक्त मिश्री गुप्ता के निवास पर हुआ। इसके पश्चात सुबह बाबा महाकाल की प्रतिमा को भगवान जगन्नाथ पुरी में हरि-हर के दिव्य मिलन हेतु विधिवत विदाई देकर रवाना किया गया।
यह पूरा आयोजन दुर्गवासियों के लिए आस्था, श्रद्धा और भक्ति का ऐसा अलौकिक अनुभव बन गया, जिसे लंबे समय तक याद रखा जाएगा।
पूरे आयोजन में अशोक राठी महेश टावरी तारा मिश्री गुप्ता प्रतिभा सुरेश गुप्ता पार्षद दुर्गा अग्रवाल मिथिला शर्मा चंदा शर्मा तारा पुरोहित सरिता राजेश शर्मा अर्चला गोपाल शर्मा चंचल संजय शर्मा किरण मनीष सेन आभा गोपाल शर्मा चंचल ललित शर्मा ईशान शर्मा मनोज गुप्ता पिंकी गुप्ता विनय मिश्रा राकेश महोबिया लक्ष्मी यादव मनोज गुप्ता लाला विनय मिश्रा राहुल शर्मा मनोज शर्मा दिनेश पुरोहित हर्षद पारख मोहित पुरोहित चिंटू शर्मा वाशु शर्मा अनीता अग्रवाल प्रीति राजगढ़िया लक्की अग्रवाल प्रकाश सिन्हा ललिता जायसवाल सुयश गुप्ता नमन खंडेलवाल गोलू गुप्ता सोनल सेन सार्थक शर्मा मोक्ष शर्मा सिद्धू सेन विक्रांत दुबे आकाश दुबे सैकड़ों भक्त एवं समिति के सदस्य उपस्थित थे
विनीत
श्री सत्तीचौरा मां दुर्गा मंदिर समिति
एवं समस्त भक्तगण, दुर्ग।