*छत्तीसगढ़ स्थापना दिवस पर दल्लीराजहरा में ‘माँ सरस्वती कला धाम’ की स्थापना* डी-मैक ने खंडित एवं उपेक्षित सरस्वती प्रतिमा का जीर्णोद्धार कर दिवंगत मूर्तिकार जी.एस. मिस्त्री को दी श्रद्धांजलि
*छत्तीसगढ़ स्थापना दिवस पर दल्लीराजहरा में ‘माँ सरस्वती कला धाम’ की स्थापना*
डी-मैक ने खंडित एवं उपेक्षित सरस्वती प्रतिमा का जीर्णोद्धार कर दिवंगत मूर्तिकार जी.एस. मिस्त्री को दी श्रद्धांजलि
दल्लीराजहरा, 1 नवंबर 2026। छत्तीसगढ़ स्थापना दिवस के पावन अवसर पर दल्लीराजहरा में कला, संस्कृति और श्रद्धा का एक अनूठा संगम देखने को मिला। दल्लीराजहरा मॉडर्न आर्ट क्लब (डी-मैक) द्वारा लगभग 35 वर्ष से अधिक पुरानी माँ सरस्वती एवं उनके साथ स्थापित दो हाथियों की कलाकृति का जीर्णोद्धार कर उसे ‘माँ सरस्वती कला धाम’ के रूप में पुनः स्थापित किया गया।
यह ऐतिहासिक कलाकृति स्वर्गीय श्री जी.एस. मिस्त्री द्वारा लगभग 35 वर्ष पूर्व शासकीय क्रमांक 2 विद्यालय परिसर में निर्मित की गई थी। अपनी अद्भुत कलात्मकता और भव्यता के लिए पहचानी जाने वाली इस प्रतिमा से कई पीढ़ियों के विद्यार्थियों की आस्था जुड़ी रही है। विद्यालय में अध्ययनरत अनेक विद्यार्थियों ने परीक्षा के समय माँ सरस्वती का आशीर्वाद लेकर जीवन में सफलता प्राप्त की।
समय के साथ असामाजिक तत्वों द्वारा प्रतिमा को क्षतिग्रस्त कर दिया गया था। माँ सरस्वती के हाथ टूट गए थे तथा प्रतिमा के कई हिस्से खराब हो गए थे। दोनों हाथियों के कान, सूंड और पैर भी जर्जर अवस्था में पहुँच चुके थे। इस ऐतिहासिक कलाकृति की दुर्दशा देखकर डी-मैक ने इसे संरक्षित करने और मूल कलाकार को सम्मान देने का संकल्प लिया।
डी-मैक के संचालक विजय बोरकर, मिलन मरई के नेतृत्व में संस्था ने प्रतिमा के जीर्णोद्धार का निर्णय लिया। खैरागढ़ विश्वविद्यालय के कलाकार केशव पटेल एवं सुनील निषाद के सहयोग से प्रतिमा की मरम्मत की गई तथा उसे नए रंगों और कलात्मक सज्जा के साथ नया स्वरूप प्रदान किया गया। इसके पश्चात संस्था के परिसर में विधि-विधान एवं पूजा-अर्चना के साथ प्रतिमा की पुनः स्थापना की गई, ताकि नगरवासी इस ऐतिहासिक कलाकृति के दर्शन कर सकें और इसकी सुंदरता को आने वाली पीढ़ियों तक सुरक्षित रखा जा सके।
इस अवसर पर नगर पालिका अध्यक्ष तोरण लाल साहू, भाजपा मंडल अध्यक्ष रमेश्वर साहू, विशाल मोटवानी, छगन साहू, पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष शिबू नायर, विवेक मसीह, बाबू अंकल, स्टेला आंटी, शब्बीर ,भूपेश देवांगन, महेश जायसवाल, हेमंत साहू, बिन्नी,ओंकार साहू, गगन सोनी, सूरज, नितेश छत्री सहित डी-मैक के सदस्य प्रोग्राम में शामिल थे उसके पश्चात मोबाइल के माध्यम से भी इस कार्य के लिए आशुतोष माथुर, पूर्वी वर्मा , प्रशांत बोकाडे, बीएसपी महाप्रबंधक सीजीएम सर एवं आर.के. बांधे पूरे टीम को मेक सराहनी कार्य के लिए शुभकामनाएं दी इसके अतिरिक्त अनेक गणमान्य नागरिकों एवं सहयोगियों ने भी इस नेक कार्य में सहभागिता निभाई।
नगर पालिका अध्यक्ष तोरण लाल साहू ने डी-मैक की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि नगर की धरोहरों के संरक्षण के लिए नगर पालिका की ओर से हरसंभव सहयोग किया जाएगा। विशाल मोटवानी ने प्रतिमा के जीर्णोद्धार को सराहनीय पहल बताते हुए कहा कि जिस कलाकृति को खंडित कर दिया गया था, उसे डी-मैक ने नया जीवन दिया है। उन्होंने संस्था के सदस्यों को बधाई देते हुए भविष्य में भी सहयोग का आश्वासन दिया।
भाजपा मंडल अध्यक्ष रमेश्वर साहू ने संस्था की प्रशंसा करते हुए कहा कि डी-मैक ने छोटे बच्चों से लेकर बड़ों ने डांस एवं कला के क्षेत्र में राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुँचाया है। इस ऐतिहासिक कलाकृति का संरक्षण कर संस्था ने दिवंगत कलाकार जी.एस. मिस्त्री को सच्ची श्रद्धांजलि अर्पित की है।
पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष शिबू नायर ने प्रतिमा से जुड़ी पुरानी यादों को साझा करते हुए कहा कि क्रमांक 2 विद्यालय में पढ़ने वाले अनेक विद्यार्थियों की आस्था इस प्रतिमा से जुड़ी रही है। उन्होंने डी-मैक की पहल को कला, संस्कृति और विरासत के संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।
कार्यक्रम में माँ सरस्वती की पूजा-अर्चना के साथ छत्तीसगढ़ महतारी के चित्र पर माल्यार्पण किया गया। छत्तीसगढ़ के राजगीत के माध्यम से राज्य की संस्कृति और गौरव का सम्मान किया गया तथा छत्तीसगढ़ स्थापना दिवस की शुभकामनाएँ दी गईं।
डी-मैक का यह प्रयास केवल एक प्रतिमा का जीर्णोद्धार नहीं, बल्कि एक महान कलाकार की कला को जीवित रखने, नगर की सांस्कृतिक धरोहर को संजोने और भावी पीढ़ियों तक कला एवं श्रद्धा की विरासत पहुँचाने का प्रेरणादायी उदाहरण है।