बेमेतरा:-विधायक दीपेश साहू ने निवास कार्यालय में सुनी ‘मन की बात’ की 139वीं कड़ी, स्वदेशी, पर्यावरण संरक्षण और जनभागीदारी के संदेश को बताया महत्वपूर्ण

बेमेतरा:-विधायक दीपेश साहू ने निवास कार्यालय में सुनी ‘मन की बात’ की 139वीं कड़ी, स्वदेशी, पर्यावरण संरक्षण और जनभागीदारी के संदेश को बताया महत्वपूर्ण

बेमेतरा:-विधायक दीपेश साहू ने निवास कार्यालय में सुनी ‘मन की बात’ की 139वीं कड़ी, स्वदेशी, पर्यावरण संरक्षण और जनभागीदारी के संदेश को बताया महत्वपूर्ण
बेमेतरा:-विधायक दीपेश साहू ने निवास कार्यालय में सुनी ‘मन की बात’ की 139वीं कड़ी, स्वदेशी, पर्यावरण संरक्षण और जनभागीदारी के संदेश को बताया महत्वपूर्ण
मेघू राणा बेमेतरा। आज बेमेतरा विधानसभा क्षेत्र के विधायक श्री दीपेश साहू ने अपने निवास कार्यालय, बेमेतरा में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ की 139वीं कड़ी को सुना। इस दौरान प्रधानमंत्री जी ने समाज के विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य कर रहे लोगों के प्रयासों, पारंपरिक कृषि, पर्यावरण संरक्षण, स्वदेशी उत्पादों और भारत की सांस्कृतिक विरासत से जुड़े विषयों पर अपने विचार साझा किए।

विधायक दीपेश साहू का संबोधन

विधायक श्री दीपेश साहू ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी का ‘मन की बात’ कार्यक्रम देश के सामान्य नागरिकों के असाधारण योगदान को सामने लाने का महत्वपूर्ण माध्यम है। इस कार्यक्रम के 12 वर्ष पूर्ण होना जनसंवाद की इस यात्रा का उल्लेखनीय पड़ाव है। प्रधानमंत्री जी ने इस यात्रा को एक तीर्थयात्रा के समान बताते हुए देशवासियों के परिश्रम, समर्पण और सेवाभाव को सम्मान दिया है।
उन्होंने कहा कि आज के कार्यक्रम में प्रधानमंत्री जी ने पंजाब के मालवा क्षेत्र में ‘नव-त्रिंजन’ पहल के माध्यम से प्राकृतिक रंगों वाले जैविक कपास की खेती और पारंपरिक बुनाई कला को बढ़ावा देने के प्रयासों का उल्लेख किया। यह पहल पारंपरिक हुनर को नई पहचान देने के साथ स्थानीय लोगों के लिए आजीविका के अवसर विकसित करने की प्रेरणा देती है।

श्री साहू ने कहा कि उत्तराखंड के टिहरी गढ़वाल क्षेत्र में हेवल नदी और प्राकृतिक जलस्रोतों के संरक्षण के लिए ग्रामीणों एवं स्थानीय प्रशासन द्वारा किए गए प्रयास यह बताते हैं कि वर्षा जल संचयन, भूजल पुनर्भरण और वृक्षारोपण जैसे छोटे-छोटे सामूहिक प्रयास पर्यावरण संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

उन्होंने आगे कहा कि प्रधानमंत्री जी ने दीपावली और छठ पर्व से पहले स्वच्छता बनाए रखने तथा त्योहारों की खरीदारी में स्वदेशी उत्पादों को प्राथमिकता देने का संदेश दिया। बिहार के पूर्णिया के मखाने और कर्नाटक के कलबुर्गी की अरहर दाल जैसे उत्पादों का विदेशों तक पहुंचना स्थानीय किसानों और उत्पादकों के लिए नए अवसरों का उदाहरण है। हमें भी ‘वोकल फॉर लोकल’ की भावना के साथ अपने क्षेत्र के स्थानीय उत्पादों और कारीगरों को प्रोत्साहित करना चाहिए।
विधायक ने कहा कि प्रधानमंत्री जी ने महाराष्ट्र की जनजातीय समुदायों की ‘शबरी नेचुरल्स’ पहल का उल्लेख किया, जहां शहद, महुआ, चिरौंजी और बांस से बने उत्पादों की आकर्षक पैकेजिंग के माध्यम से स्थानीय कला और उत्पादों को बाजार में पहचान दिलाई जा रही है। वहीं, कर्नाटक में बांस और कृषि अवशेषों से पैकेजिंग सामग्री तैयार करने की पहल पर्यावरण के अनुकूल नवाचार का उदाहरण है।

श्री साहू ने कहा कि कार्यक्रम में भारत के महान वैज्ञानिक नरिंदर सिंह कपानी, जिन्हें फाइबर ऑप्टिक्स के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए जाना जाता है, का स्मरण किया गया। उनका जीवन युवाओं को विज्ञान, अनुसंधान और नवाचार के क्षेत्र में आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है। प्रधानमंत्री जी ने मोटे अनाज यानी मिलेट्स की परंपरा और पूर्वोत्तर भारत में इसकी खेती को फिर से प्रोत्साहित किए जाने का भी उल्लेख किया, जो हमारी पारंपरिक कृषि और पोषण संबंधी विरासत के महत्व को दर्शाता है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जी ने अयोध्या के श्रीराम मंदिर में महर्षि वाल्मीकि, निषादराज और माता शबरी को समर्पित मंदिरों तथा अयोध्या के हवाई अड्डे का नाम महर्षि वाल्मीकि के नाम पर रखे जाने का उल्लेख करते हुए सामाजिक समरसता और सबको साथ लेकर चलने की भावना को रेखांकित किया। साथ ही, स्वतंत्रता संग्राम के सेनानी भाई परमानंद के योगदान का स्मरण कर देश के इतिहास और राष्ट्रसेवा की परंपरा को सम्मान दिया।

विधायक श्री साहू ने कहा कि प्रधानमंत्री जी का संदेश है कि समाज और राष्ट्र के विकास में प्रत्येक नागरिक की भूमिका महत्वपूर्ण है। स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, स्वदेशी उत्पादों को प्रोत्साहन, पारंपरिक कौशल का संरक्षण और स्थानीय प्रतिभाओं को अवसर देना ऐसे कार्य हैं, जिनमें हर व्यक्ति अपना योगदान दे सकता है।

अंत में उन्होंने सभी नागरिकों से अपील की कि दीपावली और छठ सहित आगामी त्योहारों को स्वस्थ, सुरक्षित एवं स्वच्छ वातावरण में मनाएं। अपनी खुशियों में जरूरतमंदों को भी शामिल करें तथा सेवा, सद्भाव और जनभागीदारी की भावना के साथ विकसित भारत के निर्माण में अपनी भूमिका निभाएं।

इस अवसर पर डॉ ड़ोसन साहू रश्मि शर्मा मुस्कान वर्मा लक्ष्मीनारायण यादव गोपी निषाद राहुल साहू बिमलेश निषाद मिथलेश निषाद उपस्थित रहे l

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