प्रभु भगवान श्रीराम की पावन कथा रामायण के स्मरण और उसकी प्रेरणा को आत्मसात करनें के लिए एकत्रित हुए हैं। उक्त बातें डौंडीलोहारा विधानसभा क्षेत्र की विधायक अनिला भेंडिया के प्रतिनिधि पीयूष सोनी नें ग्राम खल्लारी में आयोजित रामायण पाठ के समापन अवसर पर अपने उदबोधन में कहा।

प्रभु भगवान श्रीराम की पावन कथा रामायण के स्मरण और उसकी प्रेरणा को आत्मसात करनें के लिए एकत्रित हुए हैं। उक्त बातें डौंडीलोहारा विधानसभा क्षेत्र की विधायक अनिला भेंडिया के प्रतिनिधि पीयूष सोनी नें ग्राम खल्लारी में आयोजित रामायण पाठ के समापन अवसर पर अपने उदबोधन में कहा।

प्रभु भगवान श्रीराम की पावन कथा रामायण के स्मरण और उसकी प्रेरणा को आत्मसात करनें के लिए एकत्रित हुए हैं। उक्त बातें डौंडीलोहारा विधानसभा क्षेत्र की विधायक अनिला भेंडिया के प्रतिनिधि पीयूष सोनी नें ग्राम खल्लारी में आयोजित रामायण पाठ के समापन अवसर पर अपने उदबोधन में कहा।

दल्लीराजहरा / डौंडी :-
          आज के इस पवित्र अवसर पर हम सब यहां प्रभु भगवान श्रीराम की पावन कथा रामायण के स्मरण और उसकी प्रेरणा को आत्मसात करनें के लिए एकत्रित हुए हैं। उक्त बातें डौंडीलोहारा विधानसभा क्षेत्र की विधायक अनिला भेंडिया के प्रतिनिधि पीयूष सोनी नें ग्राम खल्लारी में आयोजित रामायण पाठ के समापन अवसर पर अपने उदबोधन में कहा।
          विकास खंड डौंडी के ग्राम पंचायत खल्लारी में आयोजित रामायण पाठ के समापन अवसर पर मुख्य अतिथि के रुप में उपस्थित विधायक प्रतिनिधि पीयूष सोनी का ग्रामीणों ने पुष्प गुच्छ भेंटकर उनका स्वागत किया।
        आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक प्रतिनिधि पीयूष सोनी नें कहा की रामायण एक ग्रंथ या धार्मिक कहानी नहीं है। बल्कि यह जीवन जीनें की कला, कर्तव्य - बोध और मर्यादा का सर्वोच्च आदर्श है।
        विधायक प्रतिनिधि नें कहा की भगवान श्रीराम को मर्यादा पुरुषोत्तम कहा जाता है। उन्होंने हर रिश्ते में एक आदर्श स्थापित किया - एक आदर्श पुत्र के रुप में पिता के वचनों की लाज रखनें के लिए हंसते हंसते 14 वर्ष का वनवास स्वीकार किया।
      एक आदर्श भाई के रुप में भ्रातृप्रेम की मिसाल पेश की। 
    एक आदर्श पति और प्रजापालक राजा बनें, जिनके राज्य में न्याय, समानता और सुख का वास था।
     विधायक प्रतिनिधि पीयूष सोनी नें कहा की वहीं माता सीता का चरित्र हमें सहनशीलता, त्याग, पवित्रता और आत्मबल की शिक्षा देता है। विपरीत परिस्थितियों में भी उन्होंने अपने धर्म और संस्कारों को नहीं छोड़ा।
       वहीं विधायक प्रतिनिधि नें कहा कि रामायण हमें सिखाता है कि धर्म का रास्ता कठिन हो सकता है पर जीत हमेशा सत्य और अच्छाई की होती है। माता - पिता का आदर और समाज के प्रति कर्तव्य सबसे ऊपर होता है। अहंकार और बुराई का अंत निश्चित है , इसलिए सदाचार का मार्ग अपनाना चाहिए।
        विधायक प्रतिनिधि पीयूष सोनी ने अंत में कहा की आइए हम सब केवल रामायण का पाठ ही न करें, बल्कि इसके आदर्शो को अपने आचरण और व्यवहार में उतारें।
         कार्यक्रम के अंत में ग्रामीणों नें विधायक अनिला भेंडिया और विधायक प्रतिनिधि पीयूष सोनी के प्रति आभार जताया हुए कहा की ग्रामीणों की मांग पर उन्होंने मैदान का मुरमीकरण और सामुदायिक भवन की मांग पूरी की गई।
        ग्रामीणों ने विधायक प्रतिनिधि को स्मृति चिन्ह भेंटकर उनका सम्मान किया गया।
      आयोजित कार्यक्रम में विशेष अतिथि के रुप में कुशल ठाकुर, विवेक लोढ़ा, तुषार निषाद, टिकम नेताम, जीवराखन निषाद उपस्थित थे।

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