बेमेतरा:-स्मार्ट मीटर की मनमानी और भाजपा सरकार की वादाखिलाफी के खिलाफ कांग्रेस का हल्लाबोल, देवरबीजा बिजली कार्यालय का किया घेराव
बेमेतरा:-स्मार्ट मीटर की मनमानी और भाजपा सरकार की वादाखिलाफी के खिलाफ कांग्रेस का हल्लाबोल, देवरबीजा बिजली कार्यालय का किया घेराव
रविन्द्र चौबे एवं गुरुदयाल सिंह बंजारे ने किया संबोधित, आशीष छाबड़ा बोले—जनता को राहत देने के बजाय परेशान कर रही भाजपा सरकार, समस्याओं के निराकरण के लिए विभाग को दिया एक सप्ताह का अल्टीमेटम
मेघू राणा बेमेतरा/देवरबीजा। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष माननीय श्री दीपक बैज जी के निर्देशानुसार एवं जिला कांग्रेस कमेटी बेमेतरा के अध्यक्ष एवं पूर्व विधायक श्री आशीष छाबड़ा जी के नेतृत्व में बेमेतरा विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत ग्राम देवरबीजा में स्मार्ट मीटर से जुड़ी बिजली समस्याओं, बढ़ते बिजली बिलों एवं भाजपा सरकार की वादाखिलाफी के विरोध में कांग्रेस ने जोरदार हल्लाबोल किया। कांग्रेसजनों ने देवरबीजा बस स्टैंड से बिजली कार्यालय तक विरोध मार्च निकालकर धरना-प्रदर्शन किया तथा बिजली कार्यालय का घेराव कर आम जनता और बिजली उपभोक्ताओं की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। इस दौरान स्मार्ट मीटर के खिलाफ विरोध दर्ज कराते हुए बिजली कार्यालय में स्मार्ट मीटर भी सौंपा गया। वहीं, *वोट चोरी के मुद्दे को लेकर मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करते हुए पुतला दहन कर विरोध प्रदर्शन किया गया।*
कांग्रेस ने बिजली विभाग को दिया एक सप्ताह का समय प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने बिजली विभाग के अधिकारियों के समक्ष क्षेत्र में बिजली उपभोक्ताओं को हो रही समस्याओं, स्मार्ट मीटर से संबंधित शिकायतों और बढ़ते बिजली बिलों का मुद्दा उठाया। कांग्रेस ने इन समस्याओं के निराकरण की मांग करते हुए विभाग को एक सप्ताह के भीतर समस्याओं का समाधान करने का समय दिया। कांग्रेस नेताओं ने स्पष्ट किया कि यदि निर्धारित समयावधि में उपभोक्ताओं की समस्याओं का संतोषजनक निराकरण नहीं किया गया, तो कांग्रेस आम जनता के हित में आंदोलन को और तेज करने के लिए बाध्य होगी। बिजली उपभोक्ताओं की शिकायतों की अनदेखी किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने भाजपा सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि स्मार्ट मीटर से जुड़ी शिकायतों, बढ़ते बिजली बिलों और बिजली व्यवस्था की समस्याओं से आम जनता परेशान है। चुनाव के समय जनता से बड़े-बड़े वादे किए गए थे, लेकिन सत्ता में आने के बाद सरकार उन वादों को पूरा करने में विफल नजर आ रही है। जनता को राहत देने के बजाय उसकी परेशानियां बढ़ाई जा रही हैं। भाजपा सरकार की कथनी और करनी का अंतर अब जनता के सामने उजागर हो रहा है।
कार्यक्रम को छत्तीसगढ़ के पूर्व कृषि मंत्री एवं वरिष्ठ कांग्रेस नेता श्री रविन्द्र चौबे जी तथा पूर्व विधायक श्री गुरुदयाल सिंह बंजारे जी ने भी संबोधित किया। उन्होंने बिजली उपभोक्ताओं की समस्याओं को गंभीर बताते हुए कहा कि आम जनता के हितों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जनता को राहत दिलाने और उसकी जायज मांगों को पूरा कराने के लिए कांग्रेस पूरी मजबूती के साथ संघर्ष करती रहेगी।
आशीष छाबड़ा का भाजपा सरकार पर तीखा हमला
जिला कांग्रेस कमेटी बेमेतरा के अध्यक्ष एवं पूर्व विधायक श्री आशीष छाबड़ा ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि भाजपा सरकार ने चुनाव के समय जनता को राहत देने के बड़े-बड़े वादे किए थे, लेकिन आज वही जनता बढ़ते बिजली बिलों और स्मार्ट मीटर से जुड़ी समस्याओं के कारण परेशान है। आखिर जनता को राहत देने के नाम पर उसके ऊपर परेशानी का बोझ क्यों डाला जा रहा है? सरकार को इसका जवाब देना होगा। उन्होंने कहा कि बिजली आम आदमी की बुनियादी जरूरत है, कोई विलासिता नहीं। गरीब, किसान, मजदूर, छोटे व्यापारी और मध्यमवर्गीय परिवार पहले ही महंगाई से परेशान हैं। ऐसे में बिजली बिलों का बढ़ता बोझ उनकी आर्थिक मुश्किलों को और बढ़ा रहा है। स्मार्ट मीटर को लेकर उपभोक्ताओं के मन में उठ रहे सवालों और शिकायतों का समाधान करने के बजाय सरकार का मौन रहना दुर्भाग्यपूर्ण है। सरकार की जिम्मेदारी है कि वह उपभोक्ताओं को पारदर्शी व्यवस्था, उचित बिल और निर्बाध बिजली उपलब्ध कराए। श्री छाबड़ा ने कहा कि कांग्रेस जनता के साथ हो रहे अन्याय को चुपचाप सहन नहीं करेगी। भाजपा सरकार को अपने चुनावी वादों का हिसाब देना होगा और जनता को वास्तविक राहत देनी होगी। कांग्रेस केवल विरोध के लिए विरोध नहीं कर रही, बल्कि बिजली उपभोक्ताओं के अधिकारों और आम जनता के हितों की लड़ाई लड़ रही है। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि बिजली विभाग को समस्याओं के निराकरण के लिए एक सप्ताह का समय दिया गया है। अब विभाग की जिम्मेदारी है कि वह इस अवधि में उपभोक्ताओं की शिकायतों का गंभीरता से निराकरण करे। यदि एक सप्ताह के भीतर समस्याओं का समाधान नहीं हुआ, तो कांग्रेस चुप नहीं बैठेगी और जनता के साथ मिलकर आंदोलन को और व्यापक रूप देगी। भाजपा सरकार को समझ लेना चाहिए कि जनता की आवाज को दबाया नहीं जा सकता। आम जनता को राहत दिलाने और उसके अधिकारों की रक्षा के लिए कांग्रेस का संघर्ष सड़क से सदन तक जारी रहेगा। कांग्रेस ने रखीं प्रमुख मांगें
कांग्रेस नेताओं ने मांग की कि स्मार्ट मीटर से संबंधित उपभोक्ताओं की शिकायतों की निष्पक्ष जांच कराई जाए, बिजली बिलों में पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए, अनियमित बिलिंग से संबंधित समस्याओं का समयबद्ध निराकरण हो तथा उपभोक्ताओं को चुनाव के समय किए गए वादों के अनुरूप बिजली बिलों में राहत प्रदान की जाए। साथ ही क्षेत्र में बिजली आपूर्ति से संबंधित समस्याओं का समाधान कर उपभोक्ताओं को राहत देने की मांग की गई। कांग्रेस ने स्पष्ट किया कि बिजली व्यवस्था में सुधार करना और उपभोक्ताओं की समस्याओं का समाधान करना सरकार तथा संबंधित विभाग की जिम्मेदारी है, जिससे वह मुंह नहीं मोड़ सकती। एक सप्ताह की समय-सीमा के भीतर समस्याओं का निराकरण सुनिश्चित किया जाना चाहिए, ताकि आम जनता को अनावश्यक परेशानी से मुक्ति मिल सके।
वहीं, वोट चोरी के मुद्दे पर कांग्रेस नेताओं ने निर्वाचन प्रक्रिया की पारदर्शिता एवं निष्पक्षता सुनिश्चित करने की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनता के मताधिकार की रक्षा सर्वोपरि है। निर्वाचन प्रक्रिया से संबंधित सवालों का पारदर्शी तरीके से समाधान होना चाहिए, ताकि लोकतांत्रिक संस्थाओं के प्रति जनता का विश्वास बना रहे।
कांग्रेस ने दो टूक शब्दों में कहा कि भाजपा सरकार की वादाखिलाफी, जनसमस्याओं की अनदेखी और आम जनता पर बढ़ते आर्थिक बोझ के खिलाफ संघर्ष जारी रहेगा। स्मार्ट मीटर से जुड़ी समस्याओं का समाधान, बिजली उपभोक्ताओं को राहत और लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा कांग्रेस की प्राथमिकता है। बिजली विभाग को दिया गया एक सप्ताह का समय जनता की समस्याओं के समाधान के लिए है; यदि इस अवधि में सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई, तो कांग्रेस जनता की आवाज बनकर फिर सड़कों पर उतरेगी। इस विरोध प्रदर्शन में बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि, कार्यकर्ता एवं ग्रामीणजन उपस्थित रहे। सभी ने बिजली समस्याओं के निराकरण, स्मार्ट मीटर से जुड़ी शिकायतों के समाधान तथा आम जनता को राहत दिलाने की मांग को लेकर एकजुटता प्रदर्शित की। इस अवसर पर मंगत साहू प्रांजल तिवारी विवेक राजपूत ईश्वर वर्मा रोशन सिन्हा टी आर साहू श्रीमति माधुरी रवि परगनिहा हरीश साहू विजय बघेल सुरेश दुबे शशि प्रभा गायकवाड पुन्नी लाल पटेल जगदीश प्रसाद दुबे प्रभात श्रीवास्तव संतोष वर्मा रवि रजक रामाधार देवांगन विजय देवांगन ललित विश्वकर्मा मनोज शर्मा प्रदीप साहू नोहर देवांगन भागवत दास टोनू देवांगन संतोष माण्डले राजा साहू श्याम बंजारे गुणेश पटेल गुड्डा पटेल संतोष पटेल डाकवर पटेल भरत पटेल कुमार पटेल ओम वर्मा छगन साहू तारण निर्मलकर खिलु साहू गौरी शंकर शर्मा प्रवीन शर्मा सागर पटेल फत्ते पटेल ऋतिक सलूजा संजय यदु चेतन वर्मा अयोध्या चंद्राकर नीलकंठ वर्मा ओमप्रकाश कश्यप भवानी पटेल गिरधारी निषाद प्रकाश पटेल दुर्गेश पटेल शोभा साहू गोरेलाल साहू गौकरण टंडन रमेश टंडन विनोद पटेल हेमंत पटेल केदार पटेल दिलहरन साहू अजय पांडे नीलू पटेल विजय वर्मा दीनबंधु साहू सुदर्शन साहू प्रभु साहू अरुण पटेल रामसिंग साहू खेदु साहू तोमन पटेल दानेश्वर पटेल गौतम चंद जैन मानसिंह साहू देवा गर्ग डॉ यशवंत साहू रामविलाश निषाद खूबी साहू परदेशी निषाद सहित बड़ी संख्या में कांग्रेसी कार्यकर्ता उपस्थित रहे।