*तितुरगहन में राज्य स्तरीय भव्य लोककला महोत्सव का हुआ शानदार आयोजन,लोकसंस्कृति के रंगों से सराबोर हुआ गांव*

*तितुरगहन में राज्य स्तरीय भव्य लोककला महोत्सव का हुआ शानदार आयोजन,लोकसंस्कृति के रंगों से सराबोर हुआ गांव*

*तितुरगहन में राज्य स्तरीय भव्य लोककला महोत्सव का हुआ शानदार आयोजन,लोकसंस्कृति के रंगों से सराबोर हुआ गांव*
*तितुरगहन में राज्य स्तरीय भव्य लोककला महोत्सव का हुआ शानदार आयोजन,लोकसंस्कृति के रंगों से सराबोर हुआ गांव*
    *बालोद :-* गणेश चतुर्थी के पावन पर्व के उपलक्ष्य में बालोद जिले के गुरूर विकासखंड अंतर्गत ग्राम तिंतुरगहन (सनौद) में एक दिवसीय राज्य स्तरीय भव्य लोककला महोत्सव का आयोजन अत्यंत हर्षोल्लास एवं धूमधाम के साथ संपन्न हुआ। इस आयोजन ने संपूर्ण अंचल को छत्तीसगढ़ी लोककला, गीत-संगीत और सांस्कृतिक धरोहर की अनुपम छटा से सराबोर कर दिया। कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र में मुख्य अतिथि पुष्पेन्द्र चन्द्राकर पूर्व जिला पंचायत सदस्य एवं जिला पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि बालोद , अध्यक्षता- श्रीमती लक्ष्मी अशोक साहू सभापति जिला पंचायत बालोद, विशेष अतिथि नरेश मदन साहू जनपद सदस्य गुरूर, डॉ. हरिकृष्ण गंजीर सभापति जनपद पंचायत गुरूर,खेमलाल देवांगन अध्यक्ष भाजपा मंडल सनौद, संध्या अजेन्द्र साहू सभापति जनपद पंचायत गुरूर, टुकेश्वर पाण्डे भाजपा मंत्री गुरूर, मितेश साहू भाजपा युवा मोर्चा गुरूर, घनाराम साहू अध्यक्ष सोसायटी कंवर,श्रीमती गंगादेवी बालकराम सरपंच ओझाहगन, पूरण साहू, उपसरपंच गंगोरीपार,श्रीमती दुखिया बाई साहू पूर्व सरपंच गंगोरीपार, तामेश्वर साहू अध्यक्ष मेट संघ गुरूर, समस्त पंचगण ग्राम पंचायत गंगोरीपार शामिल हुए। कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक परंपराओं, नृत्य, और संगीत के शानदार कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियों से दर्शकों को देर रात तक बांधे रखा। ग्रामवासियों एवं आसपास के क्षेत्रों से आए हजारों लोगों ने इस सांस्कृतिक कार्यक्रम का भरपूर आनंद लिया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि पुष्पेंद्र चंद्राकर ने कहा कि गणेश चतुर्थी का पावन पर्व हमारे जीवन में नई ऊर्जा और सकारात्मकता लेकर आता है। आज तितुरगहन की इस पवित्र धरा पर आयोजित राज्य स्तरीय भव्य लोककला महोत्सव छत्तीसगढ़ की विलुप्त होती लोककलाओं और सांस्कृतिक धरोहरों को सहेजने का एक प्रशंसनीय प्रयास है। छत्तीसगढ़ की माटी में कला और संस्कृति का अनूठा संगम है। इस प्रकार के आयोजनों से हमारी युवा पीढ़ी को अपनी जड़ों और ग्रामीण संस्कृति से जुड़ने का अवसर मिलता है। मैं आयोजकों और समस्त ग्रामवासियों को इस शानदार सफल आयोजन के लिए बधाई एवं शुभकामनाएं देती हूँ। जिला पंचायत सभापति लक्ष्मी अशोक साहू ने कहा कि गणपति बाप्पा के आशीर्वाद से आज तिंतुरगहन में कला और युवाओं का अद्भुत उत्साह देखने को मिल रहा है। लोककला हमारी पहचान है और हमारी संस्कृति ही हमारी आत्मा है। आज जब हमारी युवा पीढ़ी आधुनिकता के दौर में आगे बढ़ रही है, तब अपनी पारंपरिक लोककला को मंच देना और कलाकारों का सम्मान करना अत्यंत गर्व की बात है। युवा शक्ति जब इस तरह के सांस्कृतिक आयोजनों से जुड़ती है, तो समाज में भाईचारे और समरसता की नई मिसाल कायम होती है।

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