तिल्दा नेवरा
दिलीप वर्मा
9424211900
सरस्वती शिशु मंदिर उच्चतर माध्यमिक विद्यालय नेवरा में सामूहिक वंदे मातरम गायन संपन्न हुआ।
यह कार्यक्रम वंदे मातरम के 150 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष में रखा गया । इस कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों ने दीप प्रज्वलन कर किया। ठीक 11 बजे सामूहिक वंदे मातरम गायन प्रारंभ हुआ।
मुख्य अतिथि लक्ष्मी वर्मा सांसद राज्यसभा , अध्यक्षता श्री गोपाल चंद्र अग्रवाल ,विशिष्ट अतिथि श्रीमती छाया वर्मा, श्रीमती स्वाति वर्मा जिला पंचायत सदस्य, श्रीमती शैल साहू जिला पंचायत सदस्य , राजू शर्मा किसान नेता, श्रीमती चंद्रकला वर्मा नगर पालिका अध्यक्ष तिल्दा नेवरा, पवन अग्रवाल एल्डरमैन, पार्षद रानी सौरभ जैन पार्षद , राम पंजवानी, दीपक शर्मा , एल पी साहू,लक्ष्मी लाहौरी ,सोनू पंजवानी, रजनी वर्मा महिला मोर्चा अध्यक्ष , रश्मि वर्मा, राजेश चांदनी प्राचार्य बीएनबी विद्यालय ,कौशल वर्मा , राजेंद्र बंजारे प्राचार्य आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालय नेवरा, स्वप्निल श्रीवास्तव सचिव, नारायण शर्मा सह सचिव, नरेंद्र जैन सदस्य, वासुदेव साहू प्राचार्य उपस्थित रहे।
इस अवसर पर वरिष्ठ आचार्य मनीष कुमार पटेल ने वंदे मातरम के इतिहास की जानकारी देते हुए कहा कि हम सभी वंदे मातरम के 150 वर्ष पूरी होने पर इकट्ठा हुए हैं। वंदे मातरम एक नाम नहीं, इसके पीछे बहुत लंबा इतिहास है। श्री बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय ने उनकी रचना की। यह हमारे देश का नारा बन गया ।इसी नारे से आजादी का रास्ता मिला। वंदे मातरम गायन में हमारे भूमि, पेड़, पौधे, नदियों देश की पजनता का वर्णन है । गोपाल चंद्र अग्रवाल ने कहा कि यह बड़े ही गौरव की बात है कि हम वंदे मातरम गायन का रिकॉर्ड बनाने जा रहे हैं ।यहां उपस्थित होने का सौभाग्य मिला इसके लिए मैं आभारी हूं।
श्रीमती चंद्रकला वर्मा ने कहा कि आज वंदे मातरम समूह गान किया जा रहा है यह बड़े ही गर्व बात है। हम वंदे मातरम के एक-एक शब्द को अपने जीवन में उतरे।
राज्य सभा सांसद श्रीमती लक्ष्मी वर्मा ने अपने उद्बोधन में कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने जो शिक्षण संस्था सरस्वती शिशु मंदिर शुरू किया है , उसमें बच्चे पढ़ाई के साथ-साथ देश भक्ति का पाठ भी पढ़ते हैं। आज प्रातः 11:00 बजे वंदे मातरम सामूहिक गायन से इतिहास रचने का काम हुआ। उन्होंने कहा वंदे मातरम गीत देश राष्ट्र के प्रति सम्मान जागृत करता है। भारत को आजाद करने के लिए अनेक लोगों ने कुर्बानी दी ,तब आजादी मिली सन 1875 में बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय जी ने वंदे मातरम लिखा। वंदे मातरम में भारत भूमि की आराधना है ।एक मां की तरह भारत माता हम सभी का भरण पोषण करती है ।जब अंग्रेज अत्याचार करते थे तो हर युवा के मुंह से वंदे मातरम
निकलता था। उन्होंने कहा हमारी मातृभूमि सबसे पहले है ।हमारे भारत भूमि पहले सोने की चिड़िया थी और आज हम फिर इस सोने की चिड़िया बनाएंगे। जब तक हमें मातृभूमि के प्रति प्रेम रहेगा, यह धरती प्रबल बनेगी।
इस कार्यक्रम में विद्यालय समिति के सदस्य गण, विद्यालय के समस्त भैया-बहन एवं आत्मानंद विद्यालय के भैया -बहन आचार्य -दीदीयां अभिभावक गण, नगर के गणमान्य नगरिक उपस्थिति रहें। कार्यक्रम के अंत में सचिव श्री स्वप्निल श्रीवास्तव ने सभी आए हुए अतिथियों, गणमान्य नागरिकों अभिभावक गण छात्र-छात्राओं का आभार व्यक्त किया।