*राजनीतिक विरोध के नाम पर मातृशक्ति का अपमान बर्दाश्त नहीं - डॉ. प्रतीक उमरे*

*राजनीतिक विरोध के नाम पर मातृशक्ति का अपमान बर्दाश्त नहीं - डॉ. प्रतीक उमरे*

*राजनीतिक विरोध के नाम पर मातृशक्ति का अपमान बर्दाश्त नहीं - डॉ. प्रतीक उमरे*
*राजनीतिक विरोध के नाम पर मातृशक्ति का अपमान बर्दाश्त नहीं - डॉ. प्रतीक उमरे*
दुर्ग नगर निगम के पूर्व एल्डरमैन एवं भाजपा नेता डॉ. प्रतीक उमरे ने इंदौर में आयोजित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के दौरान सामने आए वीडियो को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला है।उन्होंने कहा कि राजनीतिक विरोध के नाम पर मातृशक्ति का अपमान बर्दाश्त नहीं किया जा सकता है।राजनीतिक विरोध अपनी जगह है, लेकिन किसी बुजुर्ग महिला, मां और मातृशक्ति के सम्मान को हास्य और राजनीतिक मनोरंजन का विषय बनाना भारतीय सामाजिक संस्कारों के अनुरूप नहीं है।डॉ. प्रतीक उमरे ने कहा कि राजनीति में विचारों का विरोध कीजिए, नीतियों पर सवाल उठाइए, प्रधानमंत्री से असहमति जताइए, लेकिन एक बुजुर्ग मां के सम्मान को मंचीय मजाक का विषय बनाना किस प्रकार की राजनीतिक संस्कृति है, इसका जवाब राहुल गांधी और कांग्रेस को देना चाहिए।उन्होंने कहा कि जिस देश की संस्कृति में मां को सर्वोच्च सम्मान दिया जाता है, वहां सार्वजनिक मंच पर किसी बुजुर्ग महिला से जुड़े प्रसंग की खिल्ली उड़ाए जाने पर हंसी को सामान्य राजनीतिक हास्य कहकर टाल देना उचित नहीं है। मामला केवल एक व्यक्ति या एक राजनीतिक दल का नहीं, बल्कि सार्वजनिक जीवन में बुजुर्गों और मातृशक्ति के प्रति सम्मान की मर्यादा का है।उन्होंने कहा कि कांग्रेस अक्सर सिर्फ दिखावे के लिए महिला सम्मान,सामाजिक न्याय और संवेदनशीलता की बात करती है,लेकिन कांग्रेस के लिए महिला सम्मान केवल राजनीतिक भाषणों तक सीमित है।उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की राजनीतिक नीतियों और निर्णयों की आलोचना करने का कांग्रेस को पूरा लोकतांत्रिक अधिकार है। लेकिन राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता को परिवार और विशेषकर मां के सम्मान तक ले जाना लोकतांत्रिक विमर्श को अनावश्यक रूप से निम्न स्तर पर ले जाता है।

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