*दुर्ग में स्वाइन फ्लू की पुष्टि के बाद भी प्रशासन गंभीर नहीं — डॉ. प्रतीक उमरे*
दुर्ग जिले में करीब तीन वर्षीय बच्ची में स्वाइन फ्लू संक्रमण की पुष्टि होने के बाद दुर्ग नगर निगम के पूर्व एल्डरमैन भाजपा नेता डॉ. प्रतीक उमरे ने स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन की तैयारियों पर सवाल उठाते हुए कहा है कि एक पुष्ट मामला सामने आना केवल एक मरीज का मामला नहीं,बल्कि सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए चेतावनी है।इसके बावजूद प्रशासन की ओर से जिस स्तर की गंभीरता,सक्रियता और जन-जागरूकता दिखाई देनी चाहिए,वह जमीन पर नजर नहीं आ रही है।डॉ. प्रतीक उमरे ने कहा कि दुर्ग जिले में संक्रमण की पुष्टि ऐसे समय में हुई है,जब मौसमी वायरल संक्रमण तेजी से फैलने की आशंका रहती है।ऐसे में स्वास्थ्य विभाग को केवल संक्रमित मरीज के उपचार और संपर्कों की निगरानी तक सीमित नहीं रहना चाहिए,बल्कि पूरे जिले में सर्विलांस,संदिग्ध मरीजों की पहचान,अस्पतालों की तैयारी और जन-जागरूकता अभियान को तत्काल मजबूत करना चाहिए।उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के स्वास्थ्य तंत्र द्वारा स्वाइन फ्लू के लिए मरीजों के वर्गीकरण,नमूना संग्रह,जांच,क्लिनिकल प्रबंधन,मास्क के उपयोग, होम-केयर और निगरानी संबंधी दिशानिर्देश उपलब्ध हैं।ऐसे में जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी है कि इन प्रोटोकॉल का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए।डॉ. प्रतीक उमरे ने कहा कि प्रशासन को यह सोचकर नहीं बैठना चाहिए कि अभी केवल एक मामला सामने आया है।संक्रामक बीमारी के मामले में पहला पुष्ट मरीज चेतावनी का संकेत होता है,अंतिम आंकड़ा नहीं।इसलिए संभावित संक्रमण की श्रृंखला को शुरुआती स्तर पर ही रोकने के लिए सक्रिय निगरानी आवश्यक है।उन्होंने मांग की कि जिले के सरकारी एवं निजी अस्पतालों से इन्फ्लुएंजा जैसी बीमारी और गंभीर श्वसन संक्रमण के संदिग्ध मामलों की नियमित जानकारी संकलित की जाए,संदिग्ध मरीजों की पहचान और आवश्यकतानुसार जांच की व्यवस्था मजबूत की जाए तथा किसी संभावित क्लस्टर की स्थिति में तत्काल कार्रवाई की जाए।पहला मामला सामने आने के बाद यदि प्रशासन अभी भी सक्रिय और युद्धस्तर पर तैयार नहीं होता है, तो बाद में स्थिति बिगड़ने पर जिम्मेदारी तय करना कठिन नहीं होगा।