*साइकिलों के वितरण से पहले उनकी गुणवत्ता की जांच हो – डॉ. प्रतीक उमरे*

*साइकिलों के वितरण से पहले उनकी गुणवत्ता की जांच हो – डॉ. प्रतीक उमरे*

*साइकिलों के वितरण से पहले उनकी गुणवत्ता की जांच हो – डॉ. प्रतीक उमरे*
*साइकिलों के वितरण से पहले उनकी गुणवत्ता की जांच हो – डॉ. प्रतीक उमरे*
दुर्ग नगर निगम के पूर्व एल्डरमैन भाजपा नेता डॉ. प्रतीक उमरे ने छत्तीसगढ़ शासन के मुख्य सचिव विकास शील से आग्रह किया है कि सरस्वती साइकिल वितरण योजना के अंतर्गत छात्राओं को साइकिलें वितरित करने से पूर्व उनकी गुणवत्ता,सुरक्षा और उपयोगिता की समुचित जांच सुनिश्चित की जाए ताकि विद्यार्थियों को टिकाऊ एवं सुरक्षित साइकिलें प्राप्त हो सकें।डॉ. प्रतीक उमरे ने कहा कि सरस्वती साइकिल वितरण योजना का उद्देश्य छात्राओं को विद्यालय आने-जाने में सुविधा प्रदान करना,उनकी शिक्षा को प्रोत्साहित करना तथा ड्रॉपआउट दर को कम करना है।यह योजना हजारों छात्राओं के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है,इसलिए इसकी गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं होना चाहिए।उन्होंने कहा कि ऐसी शिकायतें सामने आई हैं,जिनमें वितरण के बाद साइकिलों में तकनीकी खामियां,निम्न गुणवत्ता के पुर्जे,ब्रेक,टायर अथवा फ्रेम संबंधी समस्याएं देखने को मिलीं।ऐसे मामलों से सबक लेते हुए वितरण से पहले प्रत्येक साइकिल का तकनीकी परीक्षण कराया जाना चाहिए।डॉ. प्रतीक उमरे ने सुझाव दिया कि प्रत्येक जिले में वितरण से पूर्व अधिकृत तकनीकी टीम द्वारा साइकिलों का निरीक्षण किया जाए तथा यह सुनिश्चित किया जाए कि ब्रेक,टायर, चेन,रिफ्लेक्टर,घंटी, सीट और अन्य आवश्यक उपकरण निर्धारित मानकों के अनुरूप हों।साथ ही आपूर्तिकर्ता से गुणवत्ता की गारंटी एवं आवश्यक वारंटी भी सुनिश्चित की जाए।उन्होंने कहा कि छात्राओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।गुणवत्तापूर्ण साइकिलें मिलने से छात्राओं का आत्मविश्वास बढ़ेगा,नियमित उपस्थिति में सुधार होगा और शासन की इस महत्वाकांक्षी योजना का वास्तविक उद्देश्य सफल होगा।

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