*शिव महापुराण कथा में शिव-पार्वती विवाह प्रसंग का हुआ आध्यात्मिक वर्णन*

*शिव महापुराण कथा में शिव-पार्वती विवाह प्रसंग का हुआ आध्यात्मिक वर्णन*

*शिव महापुराण कथा में शिव-पार्वती विवाह प्रसंग का हुआ आध्यात्मिक वर्णन*
रिपोर्टर रोहित वर्मा 
लोकेशन खरोरा 

*शिव महापुराण कथा में शिव-पार्वती विवाह प्रसंग का हुआ आध्यात्मिक वर्णन*
| खरोरा
खरोरा। श्रावण मास के पावन अवसर पर नगर के गांधीनगर स्थित श्री शनि बजरंग शिव शक्ति मंदिर, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के पीछे प्रहलदवा तालाब  के पास रायपुर 7 से 12 अगस्त तक संगीतमय श्री शिवमहापुराण कथा का आयोजन किया जा रहा है। कथा वाचक पंडित गिरीश शर्मा छत्तीसगढ़ वाले द्वारा शिवमहापुराण के विभिन्न प्रसंगों का भावपूर्ण वर्णन किया जा रहा है।
कथा के दौरान शिव-पार्वती विवाह प्रसंग की आध्यात्मिक विवेचना करते हुए पंडित गिरीश शर्मा ने कहा कि उमा-महेश्वर स्वयं जगत पिता और जगत माता हैं। भगवान शिव ने माता पार्वती से विवाह कर संसार को गृहस्थ धर्म, लोकरीति और वैवाहिक संस्कारों का आदर्श संदेश दिया। उन्होंने कहा कि माता पार्वती प्रकृति स्वरूपा और भगवान शिव परम पुरुष के रूप में सृष्टि के संतुलन का प्रतीक हैं।
शिव-पार्वती विवाह प्रसंग के अवसर पर भव्य शिव बारात निकाली गई, जो नगरवासियों और श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र रही। शिव बारात में शामिल झांकियों के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। भक्तों ने भगवान शिव के चरणों में श्रद्धापूर्वक भेंट अर्पित की।
कथा आयोजन के चलते नगर एवं आसपास के क्षेत्रों में भक्तिमय वातावरण बना हुआ है। श्रावण मास में आयोजित इस धार्मिक कार्यक्रम को लेकर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखा जा रहा है। आयोजन समिति ने श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर कथा श्रवण एवं धर्मलाभ लेने की अपील की है।
श्री शिवमहापुराण कथा का आयोजन श्रीमती निर्मला कैलाश देवांगन, तोरन लाल रामसहाय, ललित, अंशु, रवि, वंश एवं समस्त देवांगन परिवार द्वारा किया जा रहा है।

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