जनसेवा, महिला सशक्तिकरण और विकास की नई पहचान: पार्षद रानी सौरभ जैन का प्रेरणादायी राजनीतिक एवं सामाजिक सफर,28 जुलाई जन्मदिन पर विविध आयोजन।
तिल्दा नेवरा
दिलीप वर्मा
9424211900
जनसेवा, महिला सशक्तिकरण और विकास की नई पहचान: पार्षद रानी सौरभ जैन का प्रेरणादायी राजनीतिक एवं सामाजिक सफर,
28 जुलाई जन्मदिन पर विविध आयोजन।
तिल्दा-नेवरा नगर पालिका परिषद के वार्ड क्रमांक 21 की पार्षद एवं तिल्दा शहर भाजपा महिला मोर्चा की अध्यक्ष रानी सौरभ जैन आज क्षेत्र की सक्रिय, संवेदनशील और जनसेवा के प्रति समर्पित महिला जनप्रतिनिधियों में अपनी अलग पहचान बना चुकी हैं। समाज सेवा, संगठन क्षमता, महिलाओं के उत्थान और वार्ड के समग्र विकास को लेकर उनकी सक्रियता ने उन्हें जनता के बीच एक भरोसेमंद जनप्रतिनिधि के रूप में स्थापित किया है।
28 जुलाई 1992 को मध्यप्रदेश के जबलपुर में जन्मी रानी जैन के पिता श्री रमेश चंद जैन तथा माता श्रीमती उपमा जैन हैं। बचपन से ही उन्हें शिक्षा, सामाजिक संस्कार और सांस्कृतिक मूल्यों से परिपूर्ण वातावरण मिला। उन्होंने एम.कॉम. तक शिक्षा प्राप्त की, जिसने उनके व्यक्तित्व में नेतृत्व क्षमता और सामाजिक समझ को और अधिक मजबूत बनाया।
विवाह के पश्चात उनका जीवन तिल्दा-नेवरा से जुड़ा। उनके पति सौरभ जैन भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ कार्यकर्ता हैं तथा वर्तमान में भाजपा मंडल उपाध्यक्ष के दायित्व का निर्वहन कर रहे हैं। पूर्व में मंडल महामंत्री सहित विभिन्न संगठनात्मक दायित्वों का अनुभव रखने वाले सौरभ जैन के मार्गदर्शन और जनसेवा की भावना ने रानी जैन को समाज और राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाने की प्रेरणा दी।
रानी सौरभ जैन ने वर्ष 2017 से सक्रिय राजनीतिक जीवन की शुरुआत की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राष्ट्र निर्माण के विचारों तथा लोकमाता अहिल्याबाई होलकर के आदर्शों से प्रेरित होकर उन्होंने सेवा को राजनीति का आधार बनाया। भारतीय जनता पार्टी के माध्यम से उन्होंने समाज के विभिन्न वर्गों तक अपनी पहुंच बनाई और संगठन को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
15 फरवरी 2025 को वे पहली बार तिल्दा-नेवरा नगर पालिका परिषद के वार्ड क्रमांक 21 से पार्षद निर्वाचित हुईं। जनता ने उनके सरल स्वभाव, सेवा भावना और सक्रिय कार्यशैली पर विश्वास व्यक्त करते हुए उन्हें अपना जनप्रतिनिधि चुना।
पार्षद बनने के बाद उन्होंने वार्ड के विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। सड़क, नाली, पेयजल, स्ट्रीट लाइट और स्वच्छता जैसी मूलभूत सुविधाओं के विस्तार एवं सुधार के लिए निरंतर प्रयास किए। बच्चों की शिक्षा में सहयोग, विशेष रूप से बालिकाओं को उच्च शिक्षा के लिए प्रेरित करना और आवश्यकतानुसार सहायता उपलब्ध कराना उनके सामाजिक कार्यों का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है।
रानी जैन ने अपने वार्ड तक सीमित न रहकर पूरे अंचल के विद्यालयों, अस्पतालों और आंगनवाड़ी केंद्रों का लगातार दौरा किया। विभिन्न विभागों के अधिकारियों और आम जनता के बीच समन्वय स्थापित कर समस्याओं के त्वरित समाधान का प्रयास उनकी कार्यशैली की विशेष पहचान बन गया। यही कारण है कि क्षेत्र के लोग उन्हें एक सहज, सुलभ और सक्रिय जनप्रतिनिधि के रूप में देखते हैं।
महिला सशक्तिकरण उनके सार्वजनिक जीवन का प्रमुख उद्देश्य रहा है। वे महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने, उन्हें सामाजिक नेतृत्व से जोड़ने तथा सम्मानजनक वातावरण उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयासरत हैं। वरिष्ठ नागरिकों को समाज की धरोहर मानते हुए उनके अनुभव और ज्ञान को नई पीढ़ी तक पहुंचाने की पहल भी उनके कार्यों की विशेष पहचान है।
धार्मिक और सामाजिक गतिविधियों में भी उनकी उल्लेखनीय सक्रियता रही है। श्रीराम मंदिर निर्माण से जुड़े जनजागरण अभियानों में उन्होंने व्यापक जनसंपर्क किया। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ स्वयंसेवक स्वर्गीय शांताराम जी के विचारों और सेवा परंपरा से प्रेरित होकर उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों, विशेषकर ओटगन सहित आसपास के क्षेत्रों में अनेक सामाजिक कार्यों में भागीदारी निभाई तथा जरूरतमंद लोगों की सहायता को सदैव प्राथमिकता दी।
उन्होंने लोकमाता अहिल्याबाई होलकर के आदर्शों से प्रेरित महिला समूहों के गठन और सामाजिक जागरूकता के कार्यों को गति दी। ब्रह्माकुमारी परिवार से जुड़कर आध्यात्मिक एवं नैतिक मूल्यों के प्रसार में भी सक्रिय भूमिका निभाई। पत्रकारों और मीडिया के साथ सकारात्मक संवाद बनाए रखते हुए वे जनहित के मुद्दों पर निर्भीकता और स्पष्टता से अपनी बात रखने के लिए भी जानी जाती हैं।
वार्डवासियों का मानना है कि रानी सौरभ जैन हर सुख-दुख में उनके साथ खड़ी रहने वाली जनप्रतिनिधि हैं। किसी भी समस्या के समाधान के लिए उनकी तत्परता, सरल व्यवहार और निरंतर जनसंपर्क ने उन्हें जनता के बीच विशेष सम्मान दिलाया है। उनके कार्यों में उनके पति सौरभ जैन का संगठनात्मक अनुभव और मार्गदर्शन भी महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान करता है, जिससे जनसेवा के कार्यों को और अधिक मजबूती मिली है।
आज रानी सौरभ जैन केवल एक पार्षद नहीं, बल्कि सेवा, संवेदनशीलता, महिला नेतृत्व और विकास की नई सोच का प्रतीक बनकर उभरी हैं। उनका विश्वास है कि जनप्रतिनिधि का सबसे बड़ा दायित्व जनता के बीच रहकर उनकी समस्याओं का समाधान करना और समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास की रोशनी पहुंचाना है। यही संकल्प उन्हें निरंतर जनसेवा के पथ पर आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है।
जन्मदिवस के अवसर पर उन्हें हार्दिक शुभकामनाएं। जनसेवा के प्रति उनका समर्पण, समाजहित में उनकी सक्रियता और विकास के प्रति उनकी प्रतिबद्धता आने वाले वर्षों में भी क्षेत्रवासियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी रहे—यही कामना है।