*प्रधानमंत्री कार्यालय के बाहर धरना कांग्रेस की हताशा का प्रतीक - डॉ. प्रतीक उमरे*
दुर्ग नगर निगम पूर्व एल्डरमैन भाजपा नेता डॉ. प्रतीक उमरे ने प्रधानमंत्री कार्यालय के बाहर कांग्रेस नेता राहुल गांधी के धरने पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि यह प्रदर्शन जनहित का नहीं,बल्कि कांग्रेस की राजनीतिक हताशा और प्रासंगिक बने रहने की कोशिश का प्रतीक है।उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी लगातार युवाओं की भावनाओं का राजनीतिक लाभ उठाने का प्रयास कर रहे हैं,जबकि उनके पास देश के विकास के लिए कोई ठोस नीति या सकारात्मक दृष्टिकोण नहीं है।डॉ. प्रतीक उमरे ने कहा कि कांग्रेस ने दशकों तक देश पर शासन किया,लेकिन बेरोजगारी, भ्रष्टाचार, भाई-भतीजावाद और तुष्टिकरण की राजनीति को बढ़ावा दिया।आज जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में अपनी मजबूत पहचान बना रहा है,तब कांग्रेस विकास की चर्चा करने के बजाय केवल विरोध की राजनीति कर रही है।उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री कार्यालय देश की सर्वोच्च प्रशासनिक संस्थाओं में से एक है। उसके बाहर धरना देकर कांग्रेस लोकतांत्रिक मर्यादाओं का सम्मान करने के बजाय केवल राजनीतिक नाटक करने में लगी हुई है। यदि राहुल गांधी के पास युवाओं और देश के हित में कोई ठोस सुझाव हैं,तो उन्हें संसद और संवैधानिक मंचों पर रखना चाहिए न कि सड़क पर भ्रम फैलाने का प्रयास करना चाहिए।डॉ. प्रतीक उमरे ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने स्टार्टअप इंडिया,स्किल इंडिया, डिजिटल इंडिया,मुद्रा योजना,मेक इन इंडिया,राष्ट्रीय शिक्षा नीति और विभिन्न रोजगार एवं स्वरोजगार योजनाओं के माध्यम से करोड़ों युवाओं के लिए अवसर पैदा किए हैं।इसके विपरीत कांग्रेस केवल निराशा,भ्रम और नकारात्मक राजनीति फैलाने का कार्य कर रही है।उन्होंने कहा कि कांग्रेस का इतिहास युवाओं को आंदोलन की राजनीति में धकेलने का रहा है,जबकि भाजपा युवाओं को नवाचार, उद्यमिता,कौशल विकास और आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ाने का कार्य कर रही है।देश का युवा अब समझ चुका है कि केवल नारे लगाने से भविष्य नहीं बनता,बल्कि ईमानदार नेतृत्व, स्पष्ट नीति और विकास के संकल्प से राष्ट्र आगे बढ़ता है।डॉ. प्रतीक उमरे ने कहा कि जनता ने लगातार चुनावों में कांग्रेस की नकारात्मक राजनीति को नकारा है, फिर भी कांग्रेस आत्ममंथन करने के बजाय धरना और प्रदर्शन की राजनीति से सुर्खियां बटोरने का प्रयास कर रही है।उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को देश के युवाओं को राजनीतिक मोहरा बनाने के बजाय उन्हें राष्ट्र निर्माण, रोजगार,शिक्षा और नवाचार की दिशा में प्रेरित करना चाहिए।उन्होंने कहा कि युवा अब जागरूक है। वह केवल आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति नहीं, बल्कि परिणाम देने वाली सरकार और विकास की राजनीति पर विश्वास करता है। देश की जनता भी ऐसे राजनीतिक नाटकों से प्रभावित होने वाली नहीं है।