रिपोर्टर रोहित वर्मा
खरोरा
*केशला में भव्य कलश यात्रा के साथ श्रीमद्भागवत ज्ञान यज्ञ सप्ताह का शुभारंभ*
खरोरा। समीपस्थ ग्राम केशला में 14 जुलाई से 22 जुलाई तक श्रीमद्भागवत ज्ञान यज्ञ सप्ताह का भव्य आयोजन किया जा रहा है। यह धार्मिक आयोजन देवांगन परिवार द्वारा स्वर्गीय श्रीमती भारती देवांगन की पुण्य स्मृति एवं वार्षिक श्राद्ध के अवसर पर आयोजित किया गया है। मंगलवार को भव्य कलश यात्रा के साथ कथा का शुभारंभ हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
ग्राम केशला के वार्ड क्रमांक 7 स्थित प्रभात फेरी चौक में आयोजित संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा का वाचन राष्ट्रीय कथा प्रवक्ता एवं ज्योतिषाचार्य पंडित लक्ष्मीकांत उपाध्याय (मोहन महाराज), रायपुर द्वारा किया जा रहा है। कथा प्रतिदिन दोपहर 12 बजे से शाम 6 बजे तक आयोजित होगी।
प्रथम दिवस की कथा में परीक्षित जन्म, दिग्विजय, श्राप प्रसंग, व्यास अवतार एवं सृष्टि वर्णन का विस्तारपूर्वक वर्णन किया गया। इस अवसर पर कथावाचक पंडित लक्ष्मीकांत उपाध्याय ने कहा कि "जन्मांतरे भवेत पुण्यं तदा भागवतं लभेत" अर्थात अनेक जन्मों के पुण्य उदय होने पर ही श्रीमद्भागवत कथा श्रवण का सौभाग्य प्राप्त होता है।
उन्होंने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा अमर ज्ञान की धारा है, जिसके श्रवण मात्र से जीव के पाप नष्ट होते हैं और मोक्ष की प्राप्ति का मार्ग प्रशस्त होता है। भागवत महापुराण को वेदों का सार बताते हुए उन्होंने कहा कि यह मानव जीवन में भक्ति, ज्ञान और वैराग्य का संचार करती है। उन्होंने वृंदावन के आध्यात्मिक स्वरूप की व्याख्या करते हुए कहा कि वास्तविक वृंदावन मनुष्य का मन है, जहाँ भक्ति का वास होना चाहिए। गोकर्ण महात्म्य का प्रसंग सुनाते हुए उन्होंने धुंधुकारी की मुक्ति का उल्लेख कर भागवत कथा के महत्व को रेखांकित किया।
कथावाचक ने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा साक्षात भगवान श्रीकृष्ण का स्वरूप है और यह कल्पवृक्ष के समान है, जिससे धर्म, अर्थ, काम एवं मोक्ष चारों पुरुषार्थों की प्राप्ति होती है। कथा श्रवण से व्यक्ति के विचारों और आचरण में सकारात्मक परिवर्तन आता है तथा सद्गुणों का विकास होता है।
नौ दिवसीय आयोजन के दौरान गोकरण कथा, ध्रुव चरित्र, प्रह्लाद चरित्र, समुद्र मंथन, वामन अवतार, श्रीकृष्ण जन्मोत्सव, रुक्मिणी विवाह, सुदामा चरित्र तथा परीक्षित मोक्ष सहित श्रीमद्भागवत महापुराण के विभिन्न प्रसंगों का संगीतमय वर्णन किया जाएगा। समापन दिवस पर हवन, पिंडदान (वार्षिक श्राद्ध), तुलसी वर्षा, गीता पाठ एवं विशाल भंडारे का आयोजन होगा।
आयोजन समिति के अनुसार कथा में परीक्षित राजा के रूप में खुशबू देवांगन विराजमान रहेंगी।
आयोजनकर्ता भरत लाल देवांगन (अध्यक्ष, खरोरा राज देवांगन समाज) एवं श्रीमती गणेशीय बाई देवांगन ने क्षेत्रवासियों से अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर कथा श्रवण एवं धर्मलाभ लेने की अपील की है।
आयोजन को सफल बनाने में विष्णु प्रसाद–छाया देवांगन, डंडीराम–लता देवांगन, नंदकुमार–मधु देवांगन, राजेश–गीतांजलि देवांगन, अशोक–मनीषा देवांगन एवं नरेश–सोनल देवांगन का विशेष सहयोग प्राप्त हो रहा है। वहीं दर्शनाभिलाषियों एवं देवांगन परिवार के सभी सदस्यों की सक्रिय सहभागिता से आयोजन भक्तिमय वातावरण में संपन्न हो रहा है। प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु कथा स्थल पहुंचकर धर्मलाभ प्राप्त कर रहे हैं।