कुर्मी समाज की केंद्रीय महिला अध्यक्ष सरिता बघेल ने डॉ. तीजनबाई को दी भावभीनी श्रद्धांजलि: कहा- "इतिहास के स्वर्ण अक्षरों में लिखा जाएगा उनका योगदान"
कुर्मी समाज की केंद्रीय महिला अध्यक्ष सरिता बघेल ने डॉ. तीजनबाई को दी भावभीनी श्रद्धांजलि: कहा- "इतिहास के स्वर्ण अक्षरों में लिखा जाएगा उनका योगदान"
भिलाई/गनियारी:
लोक कला जगत की देदीप्यमान नक्षत्र, पद्मविभूषण डॉ. तीजनबाई के निधन पर पूरे प्रदेश और देश में शोक की लहर है। इसी कड़ी में कुर्मी समाज की केंद्रीय महिला अध्यक्ष श्रीमती सरिता बघेल स्वर्गीय डॉ. तीजनबाई के निवास स्थान ग्राम गनियारी पहुंचीं। उन्होंने वहां आयोजित श्रद्धांजलि कार्यक्रम में सम्मिलित होकर दिवंगत आत्मा को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके तैलचित्र पर श्रद्धासुमन अर्पित किए।
श्रद्धांजलि सभा को संबोधित करते हुए भावुक स्वर में सरिता बघेल ने कहा:
"डॉ. तीजनबाई ने छत्तीसगढ़ की लोक कला और संस्कृति (पंडवानी) को अंतरराष्ट्रीय पटल पर जो पहचान दिलाई है, वह अद्वितीय है। कला के क्षेत्र में उनका यह अनुपम योगदान इतिहास के स्वर्ण अक्षरों में हमेशा अंकित रहेगा। उनका जाना कला जगत के लिए एक ऐसा शून्य है, जिसे कभी भरा नहीं जा सकेगा।"
इस भावपूर्ण श्रद्धांजलि कार्यक्रम में डॉ. तीजनबाई को अंतिम विदाई देने के लिए जनसैलाब उमड़ पड़ा। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय सहित शासन-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी, विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता, सामाजिक कार्यकर्ता और लाखों की संख्या में लोक कलाकार अपने आंसुओं के साथ गनियारी पहुंचे। मुख्यमंत्री साय ने भी तीजनबाई के अवदान को याद करते हुए उन्हें नमन किया।
कुर्मी समाज की केंद्रीय महिला अध्यक्ष सरिता बघेल ने डॉ. तीजनबाई के परिजनों से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया और अपनी गहरी संवेदनाएं प्रकट कीं। उन्होंने कहा कि पूरा समाज और प्रदेश इस दुख की घड़ी में परिवार के साथ खड़ा है।