*बढ़ते बिजली बिल पर संज्ञान ले सरकार,बिजली संपन्न राज्य होने के बाद भी ऐसी स्थिति दुर्भाग्यजनक – डॉ. प्रतीक उमरे*

*बढ़ते बिजली बिल पर संज्ञान ले सरकार,बिजली संपन्न राज्य होने के बाद भी ऐसी स्थिति दुर्भाग्यजनक – डॉ. प्रतीक उमरे*

*बढ़ते बिजली बिल पर संज्ञान ले सरकार,बिजली संपन्न राज्य होने के बाद भी ऐसी स्थिति दुर्भाग्यजनक – डॉ. प्रतीक उमरे*
*बढ़ते बिजली बिल पर संज्ञान ले सरकार,बिजली संपन्न राज्य होने के बाद भी ऐसी स्थिति दुर्भाग्यजनक – डॉ. प्रतीक उमरे*
दुर्ग नगर निगम के पूर्व एल्डरमैन भाजपा नेता डॉ. प्रतीक उमरे ने प्रदेश में लगातार बढ़ते बिजली बिलों को लेकर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से तत्काल संज्ञान लेने की मांग की है।उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ देश के प्रमुख बिजली उत्पादक राज्यों में से एक है।संसाधनों से समृद्ध होने के बावजूद यदि प्रदेश की जनता बढ़ते बिजली बिलों के बोझ से परेशान है,तो यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और चिंता का विषय है।डॉ. प्रतीक उमरे ने कहा कि प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से लगातार शिकायतें मिल रही हैं कि घरेलू उपभोक्ताओं,छोटे व्यापारियों,किसानों और मध्यमवर्गीय परिवारों के बिजली बिलों में अप्रत्याशित वृद्धि देखने को मिल रही है।कई परिवारों के लिए हर महीने बिजली बिल का भुगतान करना आर्थिक चुनौती बनता जा रहा है।ऐसे समय में सरकार का दायित्व है कि वह आम नागरिकों को राहत देने के लिए प्रभावी कदम उठाए।उन्होंने कहा कि गर्मी के मौसम में बिजली की खपत बढ़ना स्वाभाविक है,लेकिन जुलाई में उपभोक्ताओं को उनकी वास्तविक खपत की तुलना में अधिक बिल जारी किए जा रहे हैं।यदि कहीं मीटर रीडिंग,बिलिंग प्रक्रिया या तकनीकी त्रुटि है,तो उसकी निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की जानी चाहिए और प्रभावित उपभोक्ताओं को तत्काल राहत दी जानी चाहिए।डॉ. प्रतीक उमरे ने कहा कि बिजली केवल एक सुविधा नहीं बल्कि आम नागरिक की मूलभूत आवश्यकता बन चुकी है।ऐसे में सरकार को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि बिजली की दरें जनहित के अनुरूप हों और उपभोक्ताओं पर अनावश्यक आर्थिक बोझ न पड़े।उन्होंने मांग की कि बिजली बिलों की समीक्षा के लिए उच्चस्तरीय जांच समिति गठित किया जाए व उपभोक्ताओं की शिकायतों का समयबद्ध समाधान किया जाए तथा जरूरतमंद परिवारों को राहत देने के लिए व्यावहारिक और पारदर्शी नीति बनाई जाए।उन्होंने कहा कि राज्य सरकार को बिजली वितरण व्यवस्था में सुधार,मीटर रीडिंग की पारदर्शिता एवं जवाबदेही बढ़ाने पर भी विशेष ध्यान देना चाहिए।यदि किसी उपभोक्ता को गलत या अत्यधिक बिल प्राप्त होता है,तो उसके निराकरण की सरल और त्वरित व्यवस्था सुनिश्चित की जानी चाहिए।डॉ. प्रतीक उमरे ने कहा कि छत्तीसगढ़ जैसे बिजली संपन्न राज्य की पहचान तभी सार्थक होगी जब यहां की जनता को सस्ती,गुणवत्तापूर्ण और निर्बाध बिजली उपलब्ध हो।सरकार को जनता की परेशानियों को गंभीरता से लेते हुए बढ़ते बिजली बिलों के मुद्दे पर तत्काल ठोस निर्णय लेना चाहिए, ताकि प्रदेश के लाखों उपभोक्ताओं को राहत मिल सके।

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