धरसीवां के मुख्यकार्यपालन अधिकारी के आदेश का अवहेलना

धरसीवां के मुख्यकार्यपालन अधिकारी के आदेश का अवहेलना

धरसीवां के मुख्यकार्यपालन अधिकारी के आदेश का अवहेलना
धरसीवां के मुख्यकार्यपालन अधिकारी के आदेश का अवहेलना --

तिल्दा नेवरा 
दिलीप वर्मा 
जनपद पंचायत धरसींवा अंतर्गत ग्राम पंचायत नगरगांव मे रोजगार सहायक के पद पर भारती वर्मा मनरेगा का काम करवाने के साँथ मनरेगा मजदूरों से दूरव्यवहार करती है जिसके चलते गांव के मनरेगा मजदूर डर कर काम करते है जिसका शिकायत अभी सोशल मिडिया इंस्टाग्राम के माध्यम से गांव के ही जागरूक युवा नागरिक द्वारा किया गया था जिसके बाद जनपद पंचायत के मुख्यकार्यपालन अधिकारी द्वारा ग्राम रोजगार सहायक भारती वर्मा का स्थानतरण ग्राम पंचायत नगरगांव से ग्राम पंचायत टोर कर दिया गया था फिर भी रोजगार सहायक भारती द्वारा आदेश का अवहेलना करके और कुछ ग्रामीणों को प्रलोभन देकर जनपद कार्यलय लेकर चले गए थे और आदेश को नही मनमानी से कार्य करवाऊंगी करके आदेश को दरकिनारा कर कार्य चालू कर दी जिससे मुख्यकार्यपानल अधिकारी के लिखित आदेश का अवहेलना करना जनपद पंचायत के कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़ा करता है की एक रोजगार सहायक द्वारा ऐसा किसके संरक्षण मे किया जा रहा है 

रोजगार सहायक ऊपर पहले भी कई गंभीर आरोप लगे है जिसको जाँच के नाम पर मुख्यकार्यपालन अधिकारी द्वारा दबाया जाता आ रहा है या किसी राजनीती दबाव मे ऐसा हो रहा ए मुख्यकार्यपालन अधिकारी के जांच और सवालिया निशान लगा रहा है 
रोजगार सहायक ऊपर कुछ दिन पहले मनरेगा मजदूर को गाँव के बाहर काम पर ले जाने का आरोप है जंहा से पेवर ब्लाक लेकर आते समय ट्रैक्टर से गिर कर हादसे का शिकार हो गयी और हॉस्पिटल मे दम तोड़ दि थी जिसका जाँच कांग्रेस के प्रतिनिधि मंडल द्वारा आवेदन के माध्यम से दिया गया था लेकिन जाँच को दबा दिया गया और कुछ दिनों पहले गांव के गौठान मे बहुत सारे गौ वंस मृत अवस्था मे पाया गया था जिसके बारे मे जानकरी लेने पर रोजगार सहायक द्वारा गौ सेवको को देख लेने और राजनीती मत करो करके धमकी दिया था जिसका लिखित शिकायत भी मुख्यकार्यपालन अधिकारी धरसींवा से किया गया था लेकिन अभी तक जाँच के नाम पर सिर्फ लीपापोती किया जाता है आज मृत मनरेगा मजदूर को मनरेगा कार्य ठेकादार के बोलने पर दुसरे गाँव भेजनें के बाद वापस आते समय हादसे का शिकार होकर मृत हुयी थी जिसके बच्चे 15,10 और 7 वर्ष के है जो की अब अनाथ का जिंदगी जी रहे है बच्चो के सर से पिता का हाँथ पहले उठने के बाद अब माँ का सहारा छूटने के बाद बच्चे अनाथो की जिंदगी जी रहे है लेकिन जिसके वजह से अनाथ हुए ओ आज भी ऐसा कार्य कर रही और जनपद के अधिकारी कंही न कंही राजनीती दबाव मे आकर कार्यवाही करने से डर रहे है

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