ग्राम पंचायत रत्नाबांधा में आधुनिक 'मछली हाट-बाजार' निर्माण हेतु जनपद सदस्य कीर्तन मीनपाल ने मुख्य कार्यपालन अधिकारी को सौंपा मांग पत्र।
: प्रेस विज्ञप्ति ::
ग्राम पंचायत रत्नाबांधा में आधुनिक 'मछली हाट-बाजार' निर्माण हेतु जनपद सदस्य कीर्तन मीनपाल ने मुख्य कार्यपालन अधिकारी को सौंपा मांग पत्र।
वर्तमान में सड़क किनारे बैठकर व्यवसाय करने को मजबूर हैं स्थानीय मछुआरे, फोरलेन निर्माण से बढ़ेगा आजीविका का संकट।
सड़क दुर्घटनाओं की आशंका और आवागमन में बाधा को दूर करने के लिए जनपद की सामान्य सभा में प्रमुखता से उठाई गई मांग।
मछुआरों के हित में प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना व डी.एम.एफ. शासकीय कल्याणकारी योजनाओं से निर्माण कराने का आग्रह।
धमतरी। जनपद पंचायत धमतरी के अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत रत्नाबांधा में स्थानीय मछुआरों के आर्थिक उत्थान, सुरक्षित रोजगार और क्षेत्र की व्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से एक आधुनिक व सर्वसुविधायुक्त 'मछली हाट-बाजार' के निर्माण की मांग तेज हो गई है। इस संबंध में क्षेत्र क्रमांक-15 के सक्रिय जनपद सदस्य श्री कीर्तन मीनपाल ने धमतरी के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को एक विस्तृत मांग पत्र व शासकीय अनुशंसा पत्र सौंपा है। इसके साथ ही उन्होंने जनपद पंचायत की सामान्य सभा की बैठक में इस जनहित के विषय को प्रमुखता से रखते हुए प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया है। सौंपे गए मांग पत्र में जनपद सदस्य कीर्तन मीनपाल ने बताया कि ग्राम पंचायत रत्नाबांधा और इसके आसपास के क्षेत्रों में मछुआरा समाज की एक बहुत बड़ी और सघन जनसंख्या निवास करती है, जिनका जीवनयापन और मुख्य व्यवसाय पूरी तरह से मछली व्यापार पर निर्भर है। वर्तमान में कोई निश्चित व व्यवस्थित बाजार स्थल न होने के कारण इन गरीब स्थानीय मछुआरों को मुख्य सड़क के दोनों किनारों पर जमीन पर बैठकर मछली बेचने के लिए विवश होना पड़ता है। इससे मार्ग पर आवागमन में भारी बाधा उत्पन्न होती है और गंदगी की स्थिति निर्मित होती है। जनपद सदस्य ने सुरक्षा और भविष्य की चुनौतियों का उल्लेख करते हुए विशेष रूप से आगाह किया कि वर्तमान में उक्त मार्ग पर फोरलेन चौड़ीकरण (सड़क निर्माण) का कार्य प्रारंभ हो चुका है। सड़क चौड़ी होने के बाद भविष्य में सड़क किनारे बैठकर व्यापार करना पूरी तरह से असंभव हो जाएगा। वर्तमान स्थिति में भी सड़क के दोनों ओर बाजार सजने से हर समय गंभीर सड़क दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है, जिससे जान-माल की हानि की संभावना लगातार बनी रहती है। फोरलेन निर्माण के पश्चात यह समस्या और अधिक विकराल रूप ले लेगी, जिससे स्थानीय मछुआरों के समक्ष आजीविका का एक गंभीर संकट खड़ा हो जाएगा।
शासकीय योजनाओं के अंतर्गत निर्माण की मांग जनपद सदस्य ने मांग पत्र में स्पष्ट किया है कि केंद्र व राज्य सरकार की कल्याणकारी योजनाओं जैसे प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना या डी.एम.एफ. एवं अन्य संबंधित विभागीय योजनाओं के माध्यम से फंड स्वीकृत कर इस हाट-बाजार का निर्माण तत्काल प्रभाव से कराया जा सकता है। एक व्यवस्थित और शेडयुक्त आधुनिक बाजार बनने से कचरा प्रबंधन सुगम होगा, जिससे स्वच्छ भारत मिशन के उद्देश्यों को भी गति मिलेगी।
श्री कीर्तन मीनपाल ने मुख्य कार्यपालन अधिकारी से इस संवेदनशील और महत्वपूर्ण निर्माण कार्य के लिए प्रशासनिक सहयोग प्रदान करने तथा शीघ्र स्वीकृति हेतु संबंधित उच्च विभाग को त्वरित अनुशंसा भेजने का सादर अनुरोध किया है। उन्होंने विश्वास जताया है कि प्रशासन की ओर से विभाग को प्राप्त होने वाली त्वरित अनुशंसा से इस कार्य को धरातल पर उतारने में गति मिलेगी, जिससे ग्रामीण आजीविका में व्यापक सुधार होगा और स्थानीय मछुआरों को सुरक्षित, स्वच्छ एवं सर्वसुविधायुक्त व्यापारिक स्थल प्राप्त हो सकेगा।