शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था दल्लीराजहरा में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर हर्षोल्लास के साथ योगाभ्यास किया गया।
शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था दल्लीराजहरा में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर हर्षोल्लास के साथ योगाभ्यास किया गया।
अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के बारे में प्रशिक्षण अधीक्षक एवं प्रभारी प्राचार्य के के दुबे ने कहा कि योग की शुरुआत भारत की भूमि से हुई है। यह कोई धर्म या जाति विशेष की नहीं है, बल्कि जीवन जीने की कला है। योग के माध्यम से हम अपने जीवन को व्यवस्थित, सुरक्षित एवं सुखी बना सकते हैं। महर्षि पतंजलि ने अष्टांग योग की स्थापना की है जिसमें यम, नियम,आसन,प्राणायाम प्रत्याहार, धारणा, ध्यान समाधि की व्याख्या की गई है। यम नियम का पालन करते हुए ही हम योग के क्षेत्र में आगे बढ़ सकते हैं। अतः आहार ,विहार, व्यवहार भी जीवन के लिए अति महत्वपूर्ण है। स्वस्थ जीवन के लिए नियमित योग करते रहना चाहिए। योगाचार्य विरेंद्र कुमार बघेल ने योगाभ्यास कराते हुए कहा कि योग से केवल शारीरिक स्वास्थ्य ही नहीं बल्कि मानसिक,आध्यात्मिक एवं सामाजिक लाभ भी मिलता है। योगाचार्य के द्वारा कराए गए आसन प्राणायाम के शरीर के विभिन्न हिस्सों पर पड़ने वाले लाभ एवं प्रभाव को बताया गया।
प्रोटोकॉल का पालन करते हुए सूक्ष्म व्यायाम के अंतर्गत ग्रीवा चालन, स्कंदचालान, कटी चक्रासन, पादसंचलन किया गया। साथ ही वृक्षासान, ताड़ासन, पादहस्तासन,पेट के बल लेटकर किए जाने वाले आसन के अंतर्गत शलभासन,धनुरासन, भुजंगासन, पीठ के बल लेटकर किए जाने वाले आसनों में पाद उत्तानसन, पद चक्रासन , मर्कट आसान ,हलासन, अर्ध हलासन शवासन, प्राणायाम में भस्त्रिका, कपालभाति, अनुलोम विलोम, भ्रामरी किया गया। सूर्य नमस्कार का भी अभ्यास कराया गया। अंत में उपस्थित सभी प्रशिक्षणार्थियों,अधिकारी कर्मचारियो ने नियमित योग अभ्यास करने का संकल्प लिया। इस अवसर पर प्रशिक्षण अधिकारी चंद्र प्रकाश कश्यप, शिवेंद्र कुमार, टिकेश्वर साहू, फ़निल कुमार ,प्रवीण कुमार, गीतांजलि एवं सहायक ग्रेड एक राजेश श्रीवास्तव एवं प्रशिक्षनार्थीगण उपस्थित रहे।