*24 जून को बालोद जिले की हर पंचायत में होगी ग्रामसभा,पीएम आवास प्लस 2.0 की सूची का होगा वाचन*

*24 जून को बालोद जिले की हर पंचायत में होगी ग्रामसभा,पीएम आवास प्लस 2.0 की सूची का होगा वाचन*

*24 जून को बालोद जिले की हर पंचायत में होगी ग्रामसभा,पीएम आवास प्लस 2.0 की सूची का होगा वाचन*
*24 जून को बालोद जिले की हर पंचायत में होगी ग्रामसभा,पीएम आवास प्लस 2.0 की सूची का होगा वाचन*

*जिला पंचायत अध्यक्ष तारणी चंद्राकर ने जनता से की शामिल होने की अपील*

    *बालोद :-* ग्रामीण विकास और हर गरीब को पक्का मकान देने के संकल्प को गति देने के लिए 24 जून को बालोद जिले सहित पूरे छत्तीसगढ़ प्रदेश में विशेष ग्रामसभाओं का आयोजन किया जा रहा है। यह ग्रामसभा केंद्र व राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी योजना 'प्रधानमंत्री आवास योजना 2.0 के आगामी चरण के लिए बेहद निर्णायक साबित होने वाली है। बालोद जिला पंचायत की अध्यक्ष श्रीमती तारणी पुष्पेंद्र चंद्राकर ने इस संबंध में जिले की जनता के नाम एक महत्वपूर्ण संदेश जारी किया है। उन्होंने सभी ग्रामीणों और विशेषकर जरूरतमंद परिवारों से इस बैठक में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने की अपील की है। जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती तारणी पुष्पेंद्र चंद्राकर ने कहा कि हर ग्राम पंचायत में होने वाली यह ग्रामसभा बेहद खास है। इसमें प्रधानमंत्री आवास योजना 2.0 के अंतर्गत शामिल किए गए संभावित हितग्राहियों की सूची का वाचन और अवलोकन किया जाएगा। मेरा सभी ग्रामीणों से खासकर जो इस योजना के दायरे में आते हैं, विशेष आग्रह है कि वे कल अपने-अपने गांवों में होने वाली इस बैठक में जरूर जाएं। उन्होंने आगे कहा कि इस बैठक में शामिल होकर ग्रामीणजन योजना की विस्तृत गाइडलाइन और जानकारियों से अवगत हो सकेंगे साथ ही यह भी सुनिश्चित कर पाएंगे कि उनका या उनके किसी पात्र पड़ोसी का नाम सूची में छूटा तो नहीं है। प्रशासनिक स्तर पर इस ग्रामसभा को लेकर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। जिला पंचायत अध्यक्ष ने बताया कि सरकार की मंशा है कि आवास योजना का लाभ पूरी पारदर्शिता के साथ अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति तक पहुंचे। ग्रामसभा में सबके सामने सूची पढ़े जाने से गड़बड़ियों की गुंजाइश खत्म होती है और वास्तविक पात्र लोगों की पहचान आसान हो जाती है।
श्रीमती चंद्राकर ने जिले के सभी सरपंचों, पंचों, सचिवों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों से भी आह्वान किया है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में मुनादी और अन्य माध्यमों से ग्रामीणों को जागरूक करें, ताकि 24 जून को होने वाली इस बैठक में ऐतिहासिक उपस्थिति दर्ज हो सके।

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