*मूरा मे हैवी ब्लास्टिंग से ग्रामिणों मे दहशत **

*मूरा मे हैवी ब्लास्टिंग से ग्रामिणों मे दहशत **

*मूरा मे हैवी ब्लास्टिंग से ग्रामिणों मे दहशत **
रिपोर्टर रोहित वर्मा 
खरोरा 

*मूरा मे हैवी ब्लास्टिंग से ग्रामिणों मे दहशत **


खरोरा 
समीपस्थ ग्राम मुरा में लगातार हो रही हैवी ब्लास्टिंग
महाविस्फोट से पूरे इलाके में दहशत और आक्रोश का माहौल बना हुआ है।
 तेज धमाकों की गूंज से ग्रामीणों का जनजीवन प्रभावित हो रहा है तथा लोग भय के साये में जीने को मजबूर हैं।
बंगोली मे माईनिंग कर्मचारी केवल रकम वसूली की ऑफिस बन गये हैं |
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ग्रामीणों का आरोप है कि लगातार हो रहे धमाकों से घरों में कंपन महसूस किया जा रहा है, जिससे मकानों मे दरार पड़ गये हैं तथा आगे भी मकानों में दरार आने की आशंका बढ़ गई है। 
वहीं ब्लास्टिंग के दौरान पत्थरों के टुकड़े खेतों, तालाबों एवं आसपास के रिहायशी क्षेत्रों तक पहुंच रहे हैं, जिससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।
ज्ञात हो कि बंगोली मे माईनिंग ऑफिस है जहॉ केवल पत्थर लेकर जाने वाले ट्रेक्टर,हाईवा से केवल मोटी रकम लेने के लिये कर्मचारी बैठे हैं तथा माईनिंग कर्मचारी अवैध वसूली करने सुबह से पत्थर खदानों मे धरना दे रहे हैं परंतु जरुरत से ज्यादा गहरा व बारुद से महाविस्फोट हो रहे इसकी जानकारी नही है |
खनिज विभाग प्रशासन माईनिंग वालों को केवल अवैध मोटी रकम वसूली हेतू रखा है इसके अलावा कोई काम नही है ये रोज की काम है यहॉ के कर्मचारीयों की इसके अलावा कुछ नही |
रायल्टी चोरी यहीं से होती है तब तो बेरोक टोक के महाविस्फोट हैवी ब्लास्टिंग कर रहे हैं |

*सुरक्षा पर गंभीर सवाल*
बारुद के महाविस्फोट लक्ष्मी पत्थर खदान सहित अन्य दर्जनों पत्थर खदान के मालिकगण कर रहे हैं |
बताया जा रहा है कि ब्लास्टिंग स्थल से मात्र 100 मीटर दूरी पर लक्ष्मीसागर तालाब स्थित है, जहां प्रतिदिन सैकड़ों लोग स्नान करते हैं। वहीं बस्ती से लगभग 500 मीटर दूरी पर विस्फोटक ब्लास्टिंग किए जाने से ग्रामीणों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।

स्थानीय लोगों ने प्रशासन पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि शिकायतों के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। ग्रामीणों ने तत्काल जांच कर ब्लास्टिंग पर रोक लगाने तथा दोषियों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है |

*ग्रामीणों की अंतिम चेतावनी*
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यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो ग्रामवासी उग्र आंदोलन, धरना प्रदर्शन एवं जनआंदोलन करने को बाध्य होंगे जिसके जिम्मेदार माईनिंग प्रशासन व पत्थर खदान मालिक होंगे |
सबसे बड़ा सवाल ये है कि आखिर ग्रामीणों की जान जोखिम में डालकर यह हैवी ब्लास्टिंग ,महाविस्फोट का खेल कब तक चलता रहेगा?

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