देश दुनिया में छत्तीसगढ़ी कल्चरल को पहुंचाकर भिलाई की बेटी निहारिका ने किया छत्तीसगढ़ को गौरवान्वित

देश दुनिया में छत्तीसगढ़ी कल्चरल को पहुंचाकर भिलाई की बेटी निहारिका ने किया छत्तीसगढ़ को गौरवान्वित

देश दुनिया में छत्तीसगढ़ी कल्चरल को पहुंचाकर भिलाई की बेटी निहारिका ने किया छत्तीसगढ़ को गौरवान्वित
देश दुनिया में छत्तीसगढ़ी कल्चरल को पहुंचाकर भिलाई की बेटी निहारिका ने किया छत्तीसगढ़ को गौरवान्वित 
 
समाजसेवियों ने किया निहारिका का सम्मान 

देश और दुनिया में छत्तीसगढ़ी कल्चरल वेशभूषा और ज्वेलरी को अपने टैलेंट के माध्यम से पहुंचने वाली भिलाई की बेटी निहारिका साहू का आज एक निजी होटल में वरिष्ठ भाजपा नेत्री तुलसी साहू समाजसेवी सूरज साहू व कबीर साहू हीरा शंकर द्वारा गरिमा पूर्ण कार्यक्रम में सम्मानित किया गया इस अवसर पर वरिष्ठ भाजपा नेत्री तुलसी साहू ने कहा कि हमें आज की युवा पीढ़ी पर हमें बेहद गर्व है कि छत्तीसगढ़ी भाषा कल्चरल को ही नहीं दे रहे हैं बल्कि देश और दुनिया तक पहुंचाने का कार्य कर रहे हैं उसमें प्रमुख है जिन्होंने मैगजीन के माध्यम से पूरे 51 देश में छत्तीसगढ़ी आभूषण और कल्चरल को पहुंचाने का कार्य किया है सुश्री निहारिका साहू का सम्मान करते हुए युवा समाजसेवी सूरज साहू ने कहा कि निहारिका मात्र 20 साल की उम्र में ही एक ऐसा कार्य कर डाली है जो यहां के साहू समाज के साथ ही गौरवान्वित की है सर्बिया देश से निकलने वाली मारिका मैगजीन छत्तीसगढ़ी वेश भूषा और ज्वेलरी पहनकर
 मॉडलिंग की है जिसकी पूरी देश दुनिया में पसंद की जा रही है यह मरिका मैगजीन सर्बिया देश से निकलती है दुनिया के 50 देश से 50 देश से प्रकाशित हुई है। छत्तीसगढ़ी वेशभूषा व ज्वैलरी को पहुंचाने के पीछे निहारिका की इस बारे में चर्चा किया तो निहारिका ने बताया कि मैं बचपन से ही छत्तीसगढ़ी वेशभूषा और कल्चरल कल्चरल से प्रभावित हूं भारत के झुमके को एक विदेशी ब्रांड ने अपना नाम बता कर पूरी दुनिया में प्रचार कर रहा है ऐसी स्थिति छत्तीसगढ़ी आभूषणों वा वेशभूषा के साथ ना हो इसलिए छत्तीसगढ़ी ज्वेलरी और वेशभूषा को नया रूप देकर मॉडलिंग की हूं और आगे भी मेरा इस प्रकार का कार्य जारी रहेगा मुझे जहां तक ज्ञात है कि छत्तीसगढ़ी वेशभूषा और ज्वेलरी को अपने देश में ही बहुत जगह नहीं पहचानते मेरी कोशिश है कि छत्तीसगढ़ी वेशभूषा व कल्चरल को देश के साथी पूरे देश दुनिया में लोग जाने निहारिका ने एक प्रश्न का उत्तर देते हुए कहा कि वीएलसीसी शिलांग में मुझे मॉडलिंग का अवसर दिया जिसके बदलत आज 3 साल से इंटरनेशनल लेवल पर मॉडलिंग कर रही हूं और आज जब मेरा देश दुनिया में नाम है तो क्यों ना छत्तीसगढ़ी कल्चरल वेशभूषा और ज्वेलरी को पूरे देश दुनिया के सामने लाकर छत्तीसगढ़ को एक अलग पहचान बनाऊं मेरी यहां के युवाओं से अपील है कि वह छत्तीसगढ़ी भाषा बोली रोज की जीवन शैली में उपयोग में लाइन की मातृभाषा छत्तीसगढ़ी बोलने में शर्मिंदगी महसूस ना करें आपको बता दे की निहारिका साहू भिलाई रामनगर की रहने वाली है जिनके पिता डॉक्टर चंद्रशेखर साहू है तीन भाई बहनों में सबसे बड़ी है कि आज के युवा पीढ़ी यहां छत्तीसगढ़ी बोली भाषा को बोलने में संकोच करते हैं वही आज निहारिका साहू छत्तीसगढ़ के साथ ही पूरे देश दुनिया में प्रचार कर रही है इस इस अवसर पर मानव अधिकार अध्यक्ष जीतेंद्र हसवानी , रेड ड्रॉप के सलाहकार हीरा शंकर साहू ,रामकुमार साहू, सत्येंद्र कुमार, श्रीमती श्वेता साहू, डॉ सी स साहू ,श्रीमती संगीता साहू, समीर , दीपक , कृष्ण कांत साहू, आदित्य साहू, मिष्ठा , चिराग आदि मौजूद रहे

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