*डॉ. प्रतीक उमरे की पहल पर मुख्यमंत्री ने लिया संज्ञान, निजी स्कूलों की मनमानी फीस वृद्धि पर सख्त कार्रवाई के निर्देश*
*डॉ. प्रतीक उमरे की पहल पर मुख्यमंत्री ने लिया संज्ञान, निजी स्कूलों की मनमानी फीस वृद्धि पर सख्त कार्रवाई के निर्देश*
दुर्ग नगर निगम के पूर्व एल्डरमैन भाजपा नेता डॉ. प्रतीक उमरे द्वारा निजी स्कूलों की लगातार बढ़ती फीस और पालकों पर पड़ रहे आर्थिक बोझ के संबंध में उठाए गए मुद्दे पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने गंभीर संज्ञान लिया है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट रूप से कहा है कि प्रदेश में निजी स्कूलों की मनमानी किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी और नियमों का उल्लंघन करने वाले संस्थानों के खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।डॉ. प्रतीक उमरे ने दुर्ग जिले के निजी स्कूलों द्वारा फीस में लगातार की जा रही मनमानी वृद्धि को लेकर मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप करने की मांग की थी।उन्होंने छत्तीसगढ़ अशासकीय विद्यालय फीस विनियमन अधिनियम के प्रावधानों का हवाला देते हुए कहा था कि निर्धारित सीमा से अधिक फीस वृद्धि कर पालकों पर अनावश्यक आर्थिक बोझ डाला जा रहा है, जिससे आम और मध्यम वर्गीय परिवारों में चिंता का माहौल है।मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस विषय पर कहा कि अभिभावक निश्चिंत रहें,राज्य सरकार शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और संतुलन बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है।उन्होंने कहा कि शिकायत प्राप्त होने और नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित निजी स्कूलों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और पालकों पर किसी भी प्रकार का अनावश्यक दबाव या आर्थिक बोझ स्वीकार्य नहीं होगा।डॉ. प्रतीक उमरे ने मुख्यमंत्री द्वारा लिए गए संज्ञान का स्वागत करते हुए कहा कि यह निर्णय पालक हित में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने स्कूल शिक्षा विभाग से दुर्ग जिले के सभी निजी स्कूलों की फीस संरचना की जांच, जिला फीस विनियमन समिति की अनुमति की समीक्षा तथा अनियमितता पाए जाने पर तत्काल कार्रवाई की मांग दोहराई है।साथ ही पालकों की शिकायतों के निराकरण के लिए विशेष हेल्पलाइन और जांच अभियान चलाने की आवश्यकता भी बताई है।उन्होंने कहा कि शिक्षा एक मूलभूत अधिकार है और इसे व्यवसाय का माध्यम नहीं बनाया जाना चाहिए।शासन द्वारा बनाए गए नियमों का पालन सभी निजी स्कूलों को करना अनिवार्य है, जिससे प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और पालकों को राहत मिल सके।