तिल्दा नेवरा
दिलीप वर्मा
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जेबी पब्लिक स्कूल पर फीस और किताबों को लेकर मनमानी का आरोप।
तिल्दा-नेवरा के J.B. पब्लिक स्कूल में किताबों और फीस बढ़ोतरी को लेकर उठे विवाद ने अब बड़ा राजनीतिक और प्रशासनिक स्वरूप ले लिया है। स्थानीय स्तर पर पालकों की नाराजगी के बीच यह मामला अब राज्य सरकार और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय तक पहुंचता दिखाई दे रहा है।
स्कूल प्रबंधन द्वारा पालकों पर एक ही दुकान से किताब खरीदने के कथित दबाव और चुनिंदा पालकों के साथ फीस वृद्धि बैठक जैसे आरोपों को लेकर शहर में चर्चाओ का बाजार गर्म है।
इसी बीच राजधानी में पत्रकारों द्वारा जब मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से निजी स्कूलों में फीस बढ़ोतरी और एक दुकान से किताबें खरीदने जैसे मामलों पर सवाल किया गया, तो उन्होंने साफ संकेत दिए कि यदि इस प्रकार की शिकायत सरकार तक पहुंचती है तो कठोर से कठोर कार्रवाई की जाएगी।
मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद तिल्दा-नेवरा के पालकों को एक बड़ी राहत और उम्मीद जगी है।
पालकों का कहना है कि J.B. पब्लिक स्कूल को लेकर पिछले कई दिनों से लगातार शिकायतें सामने आ रही हैं। आरोप है कि अभिभावकों पर एक विशेष दुकान से ही किताबें खरीदने का दबाव बनाया गया, जिससे पालकों के उपर आर्थिक बोझ बढ़ गया।
इसके अलावा फीस बढ़ोतरी को लेकर भी सभी पालकों को विश्वास में लेने के बजाय चुनिंदा लोगों के साथ बैठक किए जाने की बात भी सामने आई है। इसी कारण अब अभिभावक पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग कर रहे हैं।
सूत्रों के अनुसार शहर में यह भी चर्चा है कि स्कूल प्रबंधन की कथित ऊंची पहुंच के कारण कार्रवाई में देरी हो रही है। हालांकि इस दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन मामले में अब तक ठोस प्रशासनिक कदम सामने नहीं आने से सवाल लगातार गहराते जा रहे हैं।
शिक्षा जगत से जुड़े लोगों का मानना है कि यदि शिकायत मुख्यमंत्री कार्यालय, शिक्षा मंत्री या स्कूल शिक्षा विभाग तक औपचारिक रूप से पहुंचती है, तो जिला शिक्षा अधिकारी, ब्लॉक शिक्षा अधिकारी और संबंधित स्कूल प्रबंधन से विस्तृत प्रतिवेदन मांगा जा सकता है।
मुख्यमंत्री के बयान के बाद अब यह मामला केवल एक स्कूल तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि निजी स्कूलों की जवाबदेही, फीस नियंत्रण और शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता का बड़ा मुद्दा बन गया है। पालकों ने संकेत दिए हैं कि वे जल्द ही सभी दस्तावेज, फीस रसीदें, बुक लिस्ट और संबंधित साक्ष्यों के साथ शिक्षा मंत्री, मुख्यमंत्री कार्यालय, कलेक्टर और जिला शिक्षा विभाग को औपचारिक शिकायत भेजेंगे।
अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या मुख्यमंत्री के सख्त संकेतों के बाद शिक्षा विभाग J.B. पब्लिक स्कूल मामले में तेज कार्रवाई करेगा, या फिर पालकों को न्याय के लिए लंबी लड़ाई लड़नी पड़ेगी। इसी तरह से कुछ अन्य निजी स्कूलों की भी मनमानी चरम पर है।
वही कई पालकों का कहना है कि निजी स्कूलों को मनमानी की शिकायत बीईओ(ब्लॉक शिक्षा अधिकारी) कार्यालय में की जाती है लेकिन कार्रवाई कुछ नहीं होती। संपर्क करने पर कहा जाता है कि हमने शिकायत जिला शिक्षा अधिकारी को भेज दिए है।
फिलहाल यह विवाद तिल्दा-नेवरा में शिक्षा व्यवस्था की पारदर्शिता और निजी स्कूलों की मनमानी पर सबसे बड़ा सवाल बनकर उभरा हुआ है।