ग्रामीणों के आंदोलन में पत्रकारों की सुरक्षा को लेकर उठ रहे सवाल, देवरी में भी दो पत्रकारों के साथ मारपीट की घटना।
तिल्दा नेवरा ।
दिलीप वर्मा
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ग्रामीणों के आंदोलन में पत्रकारों की सुरक्षा को लेकर उठ रहे सवाल, देवरी में भी दो पत्रकारों के साथ मारपीट की घटना।
तिल्दा ब्लॉक के कुछ ग्रामीण क्षेत्रों में इन दिनों कुछ मुद्दों को लेकर ग्रामीण आंदोलन कर रहे हैं तिल्दा के ग्राम अल्दा के ग्रामीण सोमवार से एसडीएम कार्यालय के सामने धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। एसडीएम कार्यालय के पास ग्रांउड रिपोर्टिंग करने गए एक पत्रकार की कार पर कुछ ग्रामीणों द्वारा हल्ला भी बोला गया था, रात्रि में हुए इस घटना से पत्रकारों में रोष व्याप्त हो गया है।
इस घटना की नेवरा थाने में शिकायत दर्ज करा दी गई है, पुलिस ने मामले में एफआईआर भी दर्ज कर लिया है। और आरोपियों को पहचान में जुटी हुई है। साथ ही इस आंदोलन को लेकर पुलिस ने अलग अलग मामला दर्ज किया है।
इसी तरह से तिल्दा के ही ग्राम देवरी में एक प्लांट को लेकर 8 अप्रैल को जनसुनवाई होना था जो आगामी पर्यंत तक रद्द किया गया है, जनसुनवाई रद्द होने के बाद ग्रामीण गांव में कंपनी के विरोध में बैठक कर चर्चा कर रहे थे जहां दो पत्रकार पहुंचे और फोटो वीडियो लेने लगे , इसी बीच कुछ ग्रामीणों ने उन पर हमला बोल दिया और गाली गलौज करते हुए उनके साथ मारपीट की गई।
वहीं इन दो घटनाओं से पत्रकारों की सुरक्षा पर सवाल खड़े हो गए हैं, वहीं पत्रकारों में नाराजगी भी देखी जा रही है।
तिल्दा में हुए कार क्षतिग्रस्त मामले में पत्रकार ने नेवरा थाना में रिपोर्ट दर्ज करवाई है वहीं देवरी मामले में जिन पत्रकारो के साथ मारपीट हुई है वे पत्रकार सामने नहीं आ रहे हैं।
इधर इस मामले में ग्राम देवरी के प्लांट का विरोध कर रहे कुछ ग्रामीण युवकों ने कहा कि अनजाने में पत्रकारों से मारपीट की गई है, गांव के कुछ ग्रामीण उन्हें नहीं पहचान पाए। गांव में जब बैठक चल रही थी तो दो लोग पीछे से आकर फोटो वीडियो लेने लगे जहां कुछ ग्रामीणों को लगा कि ये प्लांट के द्वारा भेजे हुए लोग होंगे कहकर उनके साथ गाली गलौज मारपीट की गई ।
इस घटना के लिए आंदोलन कर रहे कुछ ग्रामीण युवकों ने खेद व्यक्त किया है ।
इधर अब एक बड़ा सवाल खड़ा हो गया है कि किसी भी घटना या किसी भी मामले की ग्राउंड रिपोर्टिंग करने जा रहे पत्रकारों के साथ अगर इस तरह की घटना हो रही है तो उनकी सुरक्षा पर सवाल खड़े हो गए हैं।
साथ ही दोनों घटनाओं के लिए पत्रकारों में घोर नाराजगी भी व्यक्त हो गई है, कई पत्रकारों का कहना है कि देवरी में हुई घटना के पत्रकारों को सामने आना चाहिए।