*अवैध अफीम खेती मामले में पुलिस की निष्क्रियता और संदिग्ध भूमिका की हो जांच - भाजपा नेता डॉ. प्रतीक उमरे*
*अवैध अफीम खेती मामले में पुलिस की निष्क्रियता और संदिग्ध भूमिका की हो जांच - भाजपा नेता डॉ. प्रतीक उमरे*
दुर्ग जिले के समोदा में अवैध अफीम खेती मामले में पुलिस की निष्क्रियता और संदिग्ध भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। दुर्ग नगर निगम के पूर्व एल्डरमैन भाजपा नेता डॉ. प्रतीक उमरे ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराने एवं दोषी पुलिस अधिकारियों के खिलाफ तत्काल कार्यवाही करने की मांग की है।डॉ. प्रतीक उमरे ने कहा की पुलिस के नाक के नीचे,शिवनाथ नदी किनारे जेवरा-सिरसा पुलिस चौकी क्षेत्र में मक्का-ज्वार की फसल की आड़ में अफीम की खेती कई महीनों से हो रही थी।ड्रिप सिंचाई,बाउंसर, फेंसिंग और मजदूरों की पूरी व्यवस्था थी।इतनी बड़ी खेती पुलिस को जानकारी नहीं होने का मतलब या तो पुलिस की पूर्ण निष्क्रिय है या फिर पुलिस की संलिप्तता को पूरी तरह नकारा नहीं जा सकता।डॉ. प्रतीक उमरे ने कहा कि दुर्ग पुलिस आजकल केवल हेलमेट न लगाने वालों से वसूली करने और ऊपरी दबाव में टार्गेट पूरा करने में माहिर दिख रही है।नशे के कारोबार पर नजर रखना तो दूर,उसके ठीक बगल में अफीम की खेती फल-फूल रही थी।यह आम जनमानस के बीच पुलिस व्यवस्था के प्रति गंभीर अविश्वास पैदा करने वाली स्थिति है।
इसलिए संबंधित वरिष्ठ अधिकारियों की निष्क्रियता अथवा संलिप्तता की जांच कर दोषियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के साथ-साथ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाए तथा पूरे दुर्ग जिले में अवैध अफीम खेती के अन्य संभावित ठिकानों की तलाश के लिए एनसीबी के साथ संयुक्त अभियान चलाया जाए और भविष्य में ऐसी घटनाओं की रोकथाम के लिए सख्त दिशा-निर्देश जारी किए जाएं।भाजपा सरकार छत्तीसगढ़ में नशा मुक्ति अभियान चला रही है।ऐसे में अगर पुलिस खुद नशे के कारोबार पर आंखें मूंद ले तो यह सरकार की छवि और जनता के विश्वास दोनों के लिए घातक होगा।इसलिए दोषियों को बख्शे बिना सख्त से सख्त कार्रवाई सुनिश्चित किया जाना आवश्यक है।