स्वाधीन जैन की मुहिम लाई रंग: बालोद जिले में कम हुईं रजिस्ट्री दरें, शासन ने जारी किया आदेश
बालोद/रायपुर। छत्तीसगढ़ चैंबर ऑफ कॉमर्स के प्रदेश मंत्री स्वाधीन जैन द्वारा बालोद जिले के विकास और आम जनता के हितों को लेकर उठाई गई आवाज का बड़ा असर देखने को मिला है। शासन ने बालोद सहित कुछ अन्य जिलों के लिए अचल संपत्ति की गाइडलाइन दरों में पुनरीक्षण (कमी) के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। यह नई दरें 20 फरवरी 2026 से प्रभावी हो जाएंगी।
क्या था पूरा मामला?
फरवरी की शुरुआत में स्वाधीन जैन ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और चैंबर के प्रदेश अध्यक्ष सतीश थौरानी को पत्र लिखकर बालोद जिले में रजिस्ट्री की ऊंची दरों का मुद्दा उठाया था। उन्होंने तर्क दिया था कि:
रायपुर और कोरबा जैसे बड़े जिलों में दरें पहले ही कम कर दी गई थीं, लेकिन बालोद में दरें अधिक थीं।
इससे ग्रामीणों, किसानों और छोटे व्यापारियों पर जमीन की खरीद-फरोख्त में भारी आर्थिक बोझ पड़ रहा था।
उच्च दरों के कारण जिले में निवेश और व्यापारिक गतिविधियां प्रभावित हो रही थीं।
शासन का त्वरित निर्णय
स्वाधीन जैन की इस मांग को गंभीरता से लेते हुए कार्यालय महानिरीक्षक पंजीकरण एवं अधीक्षक मुद्रांक (छत्तीसगढ़) ने एक आधिकारिक आदेश जारी किया है। 19 फरवरी 2026 को जारी पत्र के अनुसार, केंद्रीय मूल्यांकन बोर्ड की बैठक में बालोद, रायगढ़ और महासमुंद जिलों से प्राप्त गाइडलाइन पुनरीक्षण प्रस्तावों को वर्ष 2025-26 के लिए अनुमोदित कर दिया गया है।
"यह बालोद के किसानों और व्यापारियों की जीत है। रजिस्ट्री दरें कम होने से अब आम आदमी के लिए अपना घर या जमीन लेना आसान होगा और जिले की अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी।"
— स्वाधीन जैन, प्रदेश मंत्री, छत्तीसगढ़ चैंबर ऑफ कॉमर्स
मुख्य बातें:
प्रभावी तिथि: नई संशोधित दरें कल, 20 फरवरी 2026 से लागू होंगी।
लाभार्थी: जिले के हजारों किसान, ग्रामीण और रियल एस्टेट क्षेत्र से जुड़े व्यापारी।
प्रक्रिया: एनजीडीआरएस (NGDRS) सॉफ्टवेयर में आवश्यक बदलाव करने के निर्देश दे दिए गए हैं ताकि लोगों को तत्काल लाभ मिले।