बेमेतरा:-हर घर में एक गाय जरूर होना चाहिए - स्वामी आत्मानंद गिरी जी महाराज

बेमेतरा:-हर घर में एक गाय जरूर होना चाहिए - स्वामी आत्मानंद गिरी जी महाराज

बेमेतरा:-हर घर में एक गाय जरूर होना चाहिए - स्वामी आत्मानंद गिरी जी महाराज
बेमेतरा:-हर घर में एक गाय जरूर होना चाहिए - स्वामी आत्मानंद गिरी जी महाराज
मेघू राणा बेमेतरा :- समीपस्थ ग्राम देवादा में स्व. संदीप वर्मा की प्रथम पुण्यतिथि के अवसर पर उनके पिता रामखिलावन वर्मा एवं समस्त परिवार द्वारा आयोजित श्रीमद् भागवत महापुराण ज्ञान यज्ञ के छठवें दिवस श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत वातावरण देखने को मिला। दूर-दूर से पहुंचे श्रद्धालुओं ने कथा श्रवण कर आध्यात्मिक ऊर्जा का अनुभव किया। कथा पांडाल में भजन-कीर्तन, मंत्रोच्चार और धर्मचर्चा के साथ पूरे क्षेत्र में भक्तिमय माहौल बना रहा।
कथा व्यास के रूप में पधारे स्वामी आत्मानंद गिरी जी महाराज (पंचदश नाम जूना अखाड़ा) ने कंस वध, द्वारिका लीला एवं रुक्मणी मंगल के प्रसंगों का सरस एवं भावपूर्ण वर्णन करते हुए कहा कि ईश्वर प्राप्ति बाह्य प्रदर्शन से नहीं, अंतर्मन की श्रद्धा और साधना से संभव है। उन्होंने कहा कि जब बिंदु सिंधु में मिल जाता है तो उसका अलग अस्तित्व नहीं रहता—उसी प्रकार मनुष्य जब ईश्वर में लीन होता है, तब अहंकार समाप्त हो जाता है।
अपने प्रवचन में स्वामी जी ने धर्म के व्यापक स्वरूप पर प्रकाश डालते हुए कहा कि हिंदू कोई व्यवस्था नहीं, बल्कि जीवन जीने की कला है। उन्होंने चरित्र निर्माण को जीवन का मूल आधार बताते हुए कहा कि व्यक्ति का वास्तविक परिवर्तन पद या व्यक्तित्व से नहीं, बल्कि उसके आचरण और चरित्र से होता है। उन्होंने समाज में नैतिकता, सेवा और करुणा की आवश्यकता पर जोर देते हुए गौसेवा को कल्युग में मोक्ष का सरल मार्ग बताया। स्वामी जी के शब्दों में—“गौ माता में साक्षात लक्ष्मी का निवास है, प्रत्येक घर में गौपालन से समृद्धि, शांति और आध्यात्मिक उन्नति का मार्ग प्रशस्त होता है।”
इस अवसर पर मुख्य यजमान सुनील वर्मा, रामखिलावन वर्मा, अहिल्या वर्मा सहित परिवारजनों ने श्रद्धालुओं का स्वागत किया। कार्यक्रम में माँ भद्रकाली जिला मानस संघ के अध्यक्ष देवलाल सिंहा, रामकुमार शर्मा, ओमप्रकाश शर्मा, संत वर्मा, घनश्याम साहू, चुरामन साहू सहित बड़ी संख्या में धर्मप्रेमी उपस्थित रहे। श्रद्धालुओं ने सामूहिक रूप से कथा श्रवण कर पुण्य लाभ अर्जित किया।

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