माताओ में अनंत शक्तियां होती है परिवार को संभालते हुए निस्वार्थ सेवा आध्यात्मिक ज्ञान की प्रसार और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने में अग्रसर रहती है । इसलिए माताओ को शक्ति स्वरूपा कहा जाता है ।
माताओ में अनंत शक्तियां होती है परिवार को संभालते हुए निस्वार्थ सेवा आध्यात्मिक ज्ञान की प्रसार और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने में अग्रसर रहती है । इसलिए माताओ को शक्ति स्वरूपा कहा जाता है ।
उक्त आशय के विचार मंगलनगर स्थित प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय सिविल लाइन की उपकेंद्र में ईश्वरीय सेवा और समर्पण में जीवन समर्पित करने वाली माताओ के सम्मान समारोह के पावन अवसर पर मंगलनगर प्रभारी अनीता बहन ने व्यक्त किया ।कार्यक्रम का शुभारंभ सिविल लाइन राजयोग केंद्र संचालिका बीके लक्ष्मी दीदी
और बहोरीबंद की रजनी दीदी के सम्मान स्वागत और दीप प्रज्ज्वलन से किया गया । तत्पश्चाप ब्रह्मकुमारी बहनों द्वारा गीता माता, रेखा माता, ग्यारसी माता , शिवदुलारी माता, गौरा माता, मंगला माता, राजरानी माता, सुनीता माता, रामबाई माता, गीता माता, दुर्गा माता, कौशल्या माता, माला माता को मुकुट चुनरी और तिलक से सुशोभित कर ईश्वरीय सौगात भेंट की गई ।नन्ही खुशी और बहनों द्वारा मनमोहक नृत्य की प्रस्तुति दी गई । कार्यक्रम का संचालन प्रकाश भाई ने किया ।इस कार्यक्रम को सफल बनाने में मंगलनगर के सभी भाई बहनों का सहयोग रहा ।