*सेम्हरडीह में श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ सप्ताह के तृतीय दिवस पर वामन भगवान की कथा सुनाए*

*सेम्हरडीह में श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ सप्ताह के तृतीय दिवस पर वामन भगवान की कथा सुनाए*

*सेम्हरडीह में श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ सप्ताह के तृतीय दिवस पर वामन भगवान की कथा सुनाए*
*प्रेस विज्ञप्ति*

*सेम्हरडीह में श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ सप्ताह के तृतीय दिवस पर वामन भगवान की कथा सुनाए*
आनन्द कन्द नंद नंदन श्री कृष्ण की असीम कृपा एवं पूर्वजों के आशीर्वाद से ग्राम सेम्हरडीह में स्वर्गीय श्री रामू लाल निषाद की स्मृति में श्रीमद् भागवत महापुराण का आयोजन किया जा रहा है , जिसमें कथावाचक पंडित आकाश दुबे अछोली निवासी द्वारा तृतीय दिवस पर समुद्र मंथन और भगवान विष्णु के वामन अवतार की कथा सुनाई गई। कथा के माध्यम से पंडित दुबे ने बताया कि श्रीमद् भागवत कथा सुनने से मनुष्य के कई जन्मों के पापों का क्षय हो जाता है। हमें भागवत कथा सुनने के साथ साथ उसकी शिक्षाओं पर भी अमल करना चाहिए। उन्होंने बताया कि वामन अवतार के रूप में भगवान विष्णु ने राजा बलि को यह शिक्षा दी कि दंभ और अंहकार से जीवन में कुछ भी हासिल नहीं होता और यह धन संपदा क्षण भंगुर होती है। इसलिए इस जीवन में परोपकार करों। उन्होंने बताया कि अहंकार, गर्व, घृणा और ईषर्या से मुक्त होने पर ही मनुष्य को ईश्वर की कृपा प्राप्त होती है। ईषालु व्यक्ति अपने जीवन में कभी तरक्की नहीं कर सकता। ऐसे व्यक्तियों को भगवान सूर्य, वायु, नदियों, बादलों व वृक्षों इत्यादि से प्रेरणा लेनी चाहिए। भगवान सूर्य बिना किसी भेदभाव के सृष्टि के सभी प्राणियों को अपना प्रकाश देते हैं। वायु सभी जीवों में प्राणों का संचार करती है। बादल परोपकार के लिए गरजते हुए वर्षा करते है, नदियां किसी से नहीं पूछती कि तुम मेरा जल क्यों पीते हो और वृक्ष भी किसी व्यक्ति से यह नहीं पूछते कि तुम मेरे फल क्यों तोड़ते हो, लेकिन स्वार्थी मानव इष्र्यालु होता जा रहा है। यदि अपना उद्धार करना चाहते हो तो परोपकार में अपना जीवन लगाओ, जिससे तुम्हारा कल्याण होगा। भगवान वामन देव की झांकी आकार्षक का केंद्र बना। समस्त ग्रामवासियों ने वामन भगवान को भिक्षा देकर आशीर्वाद लिया।

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