रायपुर में कला का महाकुंभ: संस्कार भारती की चित्रकला कार्यशाला में उकरे लोक संस्कृति के रंग

रायपुर में कला का महाकुंभ: संस्कार भारती की चित्रकला कार्यशाला में उकरे लोक संस्कृति के रंग

रायपुर में कला का महाकुंभ: संस्कार भारती की चित्रकला कार्यशाला में उकरे लोक संस्कृति के रंग
रायपुर में कला का महाकुंभ: संस्कार भारती की चित्रकला कार्यशाला में उकरे लोक संस्कृति के रंग

– "राष्ट्र रंग संघ साधना" के 100 वर्ष पूर्ण होने पर 8 राज्यों के 80 कलाकारों ने दी प्रस्तुति

– पद्मश्री वासुदेव कामत ने चित्रकला को बताया ‘जिंदगी का रंग’

रायपुर: संस्कार भारती छत्तीसगढ़ द्वारा कला एवं साहित्य को समर्पित "अखिल भारतीय राष्ट्र रंग संघ साधना" के शताब्दी वर्ष के गौरवमयी अवसर पर राजधानी के सरोना स्थित ठाकुर विघ्नहरण सिंह राजपूत भवन में एक भव्य चित्रकला कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस पांच दिवसीय आयोजन में देश के विभिन्न हिस्सों से आए कलाकारों ने अपनी तूलिका से भारतीय संस्कृति और राष्ट्र गौरव को कैनवास पर उतारा।
डॉ. रमन सिंह ने किया शुभारंभ
कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ 9 जनवरी 2026 को मुख्य अतिथि छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह द्वारा किया गया। उन्होंने कला के क्षेत्र में संस्कार भारती के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन छत्तीसगढ़ की कला प्रतिभाओं को राष्ट्रीय मंच प्रदान करते हैं।
पद्मश्री वासुदेव कामत ने साझा किए अनुभव
समापन समारोह के मुख्य अतिथि अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त चित्रकार पद्मश्री वासुदेव कामत (मुंबई) रहे। कलाकारों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, "चित्र केवल रेखाओं का समूह नहीं, बल्कि जीवन का रंग है। एक चित्रकार कागज पर जिंदगी के रंग उकेर कर लोक संस्कृति की जीवंत झलक बिखेर देता है।"
8 राज्यों की कला का संगम
इस कार्यशाला में 8 राज्यों के लगभग 80 कलाकारों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। कार्यक्रम की विशेषता यह रही कि इसमें इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय, खैरागढ़ के छात्रों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। संघ साधना के 100 वर्ष पूर्ण होने के प्रतीक स्वरूप 101 चित्रों का निर्माण किया गया, जो दर्शकों के लिए आकर्षण का केंद्र रहे।
बालोद के अविरल साहू ने बढ़ाया मान
कार्यशाला में बालोद जिले के अविरल कृष्ण साहू ने भी अपनी कलात्मक सहभागिता दी, जो क्षेत्र के लिए गर्व का विषय है। उनके साथ खैरागढ़ विश्वविद्यालय के छात्र मिथलेश, दियांशु, टिकेश्वर, सुमन, दीपक, मुकेश, रानी, तनुषा, वीरेन्द्र, मनीषा, अंजल, डॉली, गणेश, करन, कौशल और अन्य कई छात्र-छात्राओं ने अपनी कला का प्रदर्शन किया।
इस अवसर पर संस्कार भारती के पदाधिकारी, गणमान्य नागरिक और कला प्रेमी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

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