अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद, रायपुर द्वारा स्वामी विवेकानंद जी की जयंती एवं राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर स्वामी आत्मानंद शासकीय विद्यालय, फाफाडीह में एक प्रेरणादायी संगोष्ठी का आयोजन किया गया।
प्रेस विज्ञप्ति
दिनांक : 16/01/2026
स्थान : रायपुर
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद, रायपुर द्वारा स्वामी विवेकानंद जी की जयंती एवं राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर स्वामी आत्मानंद शासकीय विद्यालय, फाफाडीह में एक प्रेरणादायी संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में प्रख्यात पत्रकार डॉ. संदीप कुमार तिवारी, मुख्य वक्ता के रूप में शिक्षाविद् डॉ. भूमिराज पटेल तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में सुश्री रुचिका गौतम जी की गरिमामयी उपस्थिति रही।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि डॉ. संदीप कुमार तिवारी ने विकसित भारत एवं विज़न 2047 में युवाओं की भूमिका पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि एक सशक्त राष्ट्र निर्माण के लिए युवाओं का स्वस्थ, स्वावलंबी एवं सकारात्मक स्वभाव अत्यंत आवश्यक है। नशा, नकारात्मकता एवं अनावश्यक आरोप-प्रत्यारोप से दूर रहकर ही युवा राष्ट्र का सशक्त नेतृत्व कर सकता है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आज इसी सभागार में बैठा कोई विद्यार्थी कल विकसित भारत का नेतृत्वकर्ता बनेगा।
डॉ. भूमिराज पटेल ने अपने संबोधन में कहा कि मनुष्य का सबसे बड़ा शत्रु उसका डर है और सबसे बड़ा मित्र उसका आत्मविश्वास। आत्मविश्वास से ही सफलता का मार्ग प्रशस्त होता है। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि आने वाले समय के डॉक्टर, कलेक्टर, वैज्ञानिक एवं नेता आज के विद्यार्थी ही हैं, जिन्हें अपने लक्ष्य के प्रति सजग रहकर आगे बढ़ना होगा।
वहीं सुश्री रुचिका गौतम ने अभाविप के राष्ट्रव्यापी अभियान “Screen Time to Activity Time” पर प्रकाश डालते हुए कहा—
“आज का युवा मोबाइल स्क्रीन में कैद होता जा रहा है, जबकि राष्ट्र को सक्रिय, जागरूक और नेतृत्व करने वाला युवा चाहिए। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद का ‘Screen Time to Activity Time’ अभियान युवाओं को मोबाइल से मैदान, सोशल मीडिया से समाज सेवा और निष्क्रियता से राष्ट्र निर्माण की ओर ले जाने का संकल्प है। युवा जब गतिविधि में होगा, तभी भारत सशक्त बनेगा।”
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। संगोष्ठी के माध्यम से युवाओं को स्वामी विवेकानंद जी के विचारों, राष्ट्र निर्माण में उनकी भूमिका तथा सक्रिय जीवन शैली अपनाने के लिए प्रेरित किया गया।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने इस अवसर पर युवाओं से आह्वान किया कि वे स्क्रीन टाइम कम कर रचनात्मक गतिविधियों, खेल, समाज सेवा एवं राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएं।