उभरती ऑलराउंडर हृतिका साहनी ने क्रिकेट के मैदान पर गाड़े झंडे: दल्लीराजहरा की नई 'रन मशीन'
दल्लीराजहरा: छत्तीसगढ़ महिला क्रिकेट के भविष्य के रूप में एक नया नाम तेज़ी से उभर रहा है— हृतिका साहनी। केवल 13 वर्ष की अल्पायु में हृतिका ने अपनी जादुई स्पिन और सधी हुई बल्लेबाजी से चयनकर्ताओं और खेल प्रेमियों को मंत्रमुग्ध कर दिया है।
हृतिका साहनी की सबसे बड़ी ताकत उनका ऑलराउंडर प्रदर्शन है। जहाँ वे एक ओर अपनी आक्रामक बल्लेबाजी से टीम के लिए रन बटोरती हैं, वहीं दूसरी ओर अपनी 'ऑफ-स्पिन' गेंदबाजी से विरोधी टीम के विकेट चटकाने में माहिर हैं। उनकी यही काबिलियत उन्हें टीम का एक अनिवार्य हिस्सा बनाती है।
हृतिका की यह सफलता रातों-रात नहीं आई है। उन्होंने पिछले दो वर्षों से राजहरा क्रिकेट स्टेडियम में पसीना बहाया है।
कोच का मार्गदर्शन: कोच सुरेश रेड्डी और प्रदुम कुमार ने हृतिका की तकनीक, विशेषकर उनके 'बॉलिंग एक्शन' पर बारीकी से काम किया है।
अनुशासन: अपनी पढ़ाई के साथ-साथ क्रिकेट के प्रति उनके समर्पण ने ही उन्हें छत्तीसगढ़ अंडर-15 टीम के मुख्य खिलाड़ियों में शामिल करवाया है।
इंदौर और चंडीगढ़ में आयोजित राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में हृतिका ने हरियाणा और मुंबई जैसी मजबूत टीमों के खिलाफ शानदार खेल दिखाया। दबाव की स्थिति में शांत रहकर प्रदर्शन करने की उनकी क्षमता उन्हें अपनी उम्र के अन्य खिलाड़ियों से अलग बनाती है।
हृतिका अपनी सफलता का श्रेय अपने पिता संजय साहनी और माता को देती हैं, जिन्होंने उनके सपनों को पंख दिए। हृतिका का संकल्प एकदम स्पष्ट है— "नीली जर्सी पहनकर भारतीय राष्ट्रीय टीम के लिए खेलना और देश का मान बढ़ाना।"