दल्लीराजहरा की बेटियों का कमाल: छत्तीसगढ़ अंडर-15 क्रिकेट टीम में चयन, क्षेत्र का नाम किया रोशन
दल्लीराजहरा (बालोद): 'लौहनगरी' के रूप में मशहूर दल्लीराजहरा ने एक बार फिर खेल जगत में अपनी चमक बिखेरी है। यहाँ की दो होनहार बेटियों, हृतिका साहनी और देविका भुआर्य ने छत्तीसगढ़ की अंडर-15 महिला क्रिकेट टीम में जगह बनाकर न केवल अपने शहर, बल्कि पूरे बालोद जिले को गौरवान्वित किया है।
दोनों खिलाड़ियों ने इंदौर और चंडीगढ़ में आयोजित राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व किया। हरियाणा, मुंबई और चंडीगढ़ जैसी दिग्गज टीमों के खिलाफ खेलते हुए इन बालिकाओं ने अपने शानदार प्रदर्शन से सभी का ध्यान अपनी ओर खींचा।
हृतिका साहनी (13 वर्ष): ये एक बेहतरीन बल्लेबाज और ऑफ-स्पिन ऑलराउंडर हैं। इनके पिता संजय साहनी हैं। हृतिका पिछले दो वर्षों से राजहरा क्रिकेट स्टेडियम में कड़ा अभ्यास कर रही हैं।
देविका भुआर्य (14 वर्ष): इन्होंने अंडर-16 वर्ग में भी अपनी विशेष पहचान बनाई है। इनके पिता कुशल सिंह हैं।
अपनी इस उपलब्धि पर दोनों खिलाड़ियों ने अपने माता-पिता के विश्वास और कोच सुरेश रेड्डी एवं प्रदुम कुमार के मार्गदर्शन को जीत का आधार बताया। कोचों के अनुसार, बालिकाओं की बॉलिंग एक्शन और बैटिंग तकनीक को निखारने के लिए विशेष मेहनत की गई है। हृतिका और देविका का अब अगला लक्ष्य भारतीय राष्ट्रीय टीम में जगह बनाकर देश का नाम रोशन करना है।
यह सफलता राजहरा क्रिकेट स्टेडियम में पिछले 35 वर्षों से चल रहे सतत प्रशिक्षण का परिणाम है। इस मैदान ने पहले भी देश को कई बड़े खिलाड़ी दिए हैं, जिनमें शामिल हैं:
हरप्रीत सिंह भाटिया:
जो अंडर-19 वर्ल्ड कप में भारतीय टीम के उपकप्तान रहे और IPL की कई टीमों का हिस्सा रहे।
ऐश्वर्या मौर्य:
जिन्होंने विजय हजारे और रणजी ट्रॉफी में पदार्पण किया।
श्वेता देवांगन:
जिन्होंने राज्य रणजी टीम का प्रतिनिधित्व किया।
खिलाड़ियों ने बेहतर सुविधाओं के लिए कोचों के साथ-साथ BSP प्रबंधन और छत्तीसगढ़ क्रिकेट संघ (CSCS) का भी आभार व्यक्त किया है।