*“शिक्षा से ही बदलेगा राष्ट्र, शिक्षक हैं परिवर्तन की धुरी” — रायगढ़ में दो दिवसीय प्रांत स्तरीय शिक्षक सम्मेलन संपन्न*
प्रेस विज्ञप्ति
*“शिक्षा से ही बदलेगा राष्ट्र, शिक्षक हैं परिवर्तन की धुरी” — रायगढ़ में दो दिवसीय प्रांत स्तरीय शिक्षक सम्मेलन संपन्न*
छत्तीसगढ़ शिक्षक संघ द्वारा अपने चार पुरुषार्थ—राष्ट्रहित, शिक्षाहित, शिक्षार्थी हित एवं शिक्षक हित—की गौरवशाली परंपरा को आगे बढ़ाते हुए आयोजित दो दिवसीय प्रांत स्तरीय शिक्षक सम्मेलन एवं शैक्षिक संगोष्ठी का भव्य समापन गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। नगर निगम रायगढ़ के ऑडिटोरियम में आयोजित इस सम्मेलन में शिक्षा और राष्ट्र निर्माण से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर गहन विचार-विमर्श किया गया। सम्मेलन का आयोजन 03 एवं 04 जनवरी 2026 को किया गया था। समापन कार्यक्रम में प्रदेश के वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम का
विधिवत शुभारंभ किया। इस वैचारिक कुंभ में प्रदेश के 33 जिलों—सुकमा, दंतेवाड़ा, बस्तर, सरगुजा, कबीरधाम सहित दूर-दराज के अंचलों—से बड़ी संख्या में शिक्षक प्रतिनिधियों ने सहभागिता निभाई। सम्मेलन के प्रथम एवं द्वितीय दिवस में “राष्ट्र निर्माण में शिक्षकों की भूमिका” विषय पर नारायण नामदेव (सह प्रांत प्रचारक, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ), “राष्ट्रीय शिक्षा नीति–2020” पर आलोक शर्मा (सेवानिवृत्त प्राध्यापक, शिक्षा महाविद्यालय रायपुर) तथा “समाज और राष्ट्र निर्माण में पंच परिवर्तन” विषय पर गोपाल यादव (सह प्रांत कार्यवाह, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ) ने अपने विचार रखे।
वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने अपने उद्बोधन में कहा कि किसी भी राष्ट्र का भविष्य शिक्षा से ही बदलता है और शिक्षा की गुणवत्ता का सीधा संबंध शिक्षक की सोच, संस्कार और नवाचार से होता है। शिक्षक केवल विषयवस्तु पढ़ाने वाला नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र का निर्माता होता है। उन्होंने कहा कि आज संसाधन और योजनाएं बढ़ी हैं, लेकिन गुणवत्ता, नवाचार और मूल्य आधारित शिक्षा सबसे बड़ी चुनौती है। सरकारी स्कूलों के प्रति समाज का विश्वास मजबूत करने में शिक्षकों की भूमिका निर्णायक है। रायगढ़ में शिक्षक सदन की मांग पर विधायक निधि से 20 लाख रुपये की स्वीकृति की घोषणा करते हुए उन्होंने शिक्षक संघ के लिए स्थायी आधार उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया। महासमुंद लोकसभा क्षेत्र की सांसद रूपकुमारी चौधरी ने कहा कि शिक्षक बच्चों को केवल शिक्षित ही नहीं करते, बल्कि उन्हें जीवन की चुनौतियों से जूझने योग्य बनाते हैं। नगर निगम रायगढ़ के महापौर जीवर्धन चौहान ने शिक्षकों को समाज का ज्ञान-स्तंभ बताते हुए सम्मेलन के सफल आयोजन पर बधाई दी। सम्मेलन के दौरान प्रदेश के शिक्षकों की मूलभूत समस्याओं को लेकर एक मांग-पत्र वित्त मंत्री को सौंपा गया, जिसमें एल बी शिक्षक संवर्ग की प्रमुख मांग—प्रथम नियुक्ति तिथि से सेवा गणना—को प्रमुखता से रखा गया। साथ ही शिक्षक संघ रायगढ़ एवं सक्ति द्वारा प्रकाशित वार्षिक कैलेंडर का विमोचन भी किया गया। इस अवसर पर नगर निगम सभापति डिग्रीलाल साहू, अरुणधर दिवान, स्थानीय जनप्रतिनिधिगण, शिक्षक संघ के प्रांतीय, संभागीय एवं जिला पदाधिकारी ओंकार ठाकुर, संजय ठाकुर, मनोज राय, आलोक शर्मा, गोपाल यादव, आशीष रंगारी, मनीष देवांगन (जिला अध्यक्ष रायपुर), सुनील नायक, ज्ञानेश्वर वर्मा, मोहित वर्मा, अवध वर्मा, गोविन्द वर्मा, तिल्दा विकासखंड से देवेंद्र सिंह ठाकुर, प्रकाश चंद गिलहरे, युधिष्ठिर बुडेक, ललित शर्मा, नरेश वर्मा, संजय वर्मा, धरसीवां इकाई से नंदू निषाद (अध्यक्ष), राजकुमार साहू (उपाध्यक्ष), लेखराम साहू, पूनम चन्द्र वर्मा, उत्तरा कुमार पटेल सहित बड़ी संख्या में शिक्षकगण उपस्थित