बेमेतरा:- शहीद वीर नारायण सिंह केवल एक व्यक्ति नहीं थे, बल्कि अन्याय, शोषण और अत्याचार के विरुद्ध संघर्ष की जीवंत चेतना थे :- दीपेश साहू
बेमेतरा:- शहीद वीर नारायण सिंह केवल एक व्यक्ति नहीं थे, बल्कि अन्याय, शोषण और अत्याचार के विरुद्ध संघर्ष की जीवंत चेतना थे :- दीपेश साहू
शहीद वीर नारायण सिंह बलिदान दिवस कार्यक्रम मे मुख्य अतिथि के रूप मे शामिल हुए विधायक़ दीपेश साहू
मेघू राणा बेमेतरा :- आज बेमेतरा के दुर्ग रोड स्थित कृषि उपज मंडी परिसर में आयोजित शहीद वीर नारायण सिंह बलिदान दिवस के गरिमामय कार्यक्रम में बेमेतरा विधायक दीपेश साहू मुख्य अतिथि के रूप में सम्मिलित हुए। विशिष्ट अतिथि के रूप मे नगर पालिका अध्यक्ष विजय सिन्हा उपस्थित रहे l कार्यक्रम स्थल पर पहुँचने पर सर्व आदिवासी समाज द्वारा उनका पारंपरिक रीति-रिवाजों, वेशभूषा एवं आत्मीय अभिनंदन के साथ भव्य स्वागत किया गया, जो आदिवासी संस्कृति की समृद्ध परंपराओं को दर्शाता है।कार्यक्रम में विधायक दीपेश साहू ने महान क्रांतिकारी, जननायक और आदिवासी अस्मिता के अमर प्रतीक शहीद वीर नारायण सिंह जी को श्रद्धा-सुमन अर्पित कर उनके बलिदान को नमन किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक दीपेश साहू ने कहा कि शहीद वीर नारायण सिंह केवल एक व्यक्ति नहीं थे, बल्कि अन्याय, शोषण और अत्याचार के विरुद्ध संघर्ष की जीवंत चेतना थे। उन्होंने अंग्रेजी हुकूमत के सामने आदिवासी समाज के अधिकार, स्वाभिमान और आत्मसम्मान के लिए जो अदम्य साहस दिखाया, वह आज भी हम सभी के लिए प्रेरणास्रोत है।”
उन्होंने आगे कहा की आदिवासी समाज सदियों से जल, जंगल और जमीन का सच्चा संरक्षक रहा है। प्रकृति के साथ सहअस्तित्व की जो भावना आदिवासी समाज में देखने को मिलती है, वही सतत विकास का वास्तविक आधार है। आज जब पर्यावरण संरक्षण पूरी दुनिया की आवश्यकता बन चुका है, तब आदिवासी समाज की जीवनशैली हम सबके लिए मार्गदर्शक है।” विधायक साहू ने अपने संबोधन में संविधानिक अधिकारों पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि हमारा संविधान आदिवासी समाज को विशेष संरक्षण, सम्मान और अधिकार प्रदान करता है। पाँचवीं अनुसूची, वन अधिकार अधिनियम और सामाजिक न्याय से जुड़े प्रावधान इस बात का प्रमाण हैं कि आदिवासी समाज देश की मूल आत्मा है। इन अधिकारों की रक्षा और उनके प्रभावी क्रियान्वयन की जिम्मेदारी हम सभी की सामूहिक है।” उन्होंने सांस्कृतिक प्रस्तुतियों की सराहना करते हुए कहा कि आज जब आदिवासी समाज के नन्हे-नन्हे बच्चों को पारंपरिक गीतों पर मनमोहक नृत्य करते देखा, तो यह स्पष्ट हो गया कि हमारी संस्कृति, परंपराएं और इतिहास सुरक्षित हाथों में हैं। इन बच्चों की जीवंत प्रस्तुतियों ने पूरे वातावरण को ऊर्जा, आत्मीयता और गौरव से भर दिया—मैं स्वयं मंत्रमुग्ध हो गया।”
विधायक साहू ने आगे कहा कि
वीर नारायण सिंह जी का बलिदान हमें समानता, सामाजिक न्याय और स्वाभिमान के मार्ग पर निरंतर आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है। हमें संकल्प लेना होगा कि हम उनके सपनों का ऐसा छत्तीसगढ़ बनाएँ, जहाँ हर वर्ग को सम्मान, अधिकार और समान अवसर प्राप्त हों।”अंत में विधायक दीपेश साहू ने सर्व आदिवासी समाज द्वारा आयोजित इस गरिमामय कार्यक्रम की मुक्तकंठ से सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजन न केवल इतिहास को जीवंत रखते हैं, बल्कि नई पीढ़ी को अपने महापुरुषों के विचारों, संघर्ष और बलिदान से जोड़ने का सशक्त माध्यम भी हैं।”
इस अवसर पर आर एन ध्रुव प्रांतीय अध्यक्ष अनुसूचित जाति मुरीत मांडवी अध्यक्ष सर्व आदिवासी समाज बेमेतरा हिरऊ राम ध्रुव, दरबार सिंह नेताम महादेव नेताम, पार्षद गौरव साहू, शहर मंडल अध्यक्ष युगल देवांगन,ओबीसी मोर्चा जिलाध्यक्ष रेवाराम निषाद सहित अनेक जनप्रतिनिधि, सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी, सर्व आदिवासी समाज के वरिष्ठजन एवं बड़ी संख्या में नागरिकजन उपस्थित रहे।