*कांग्रेस का घोर ओछापन चरम पर,प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के चाय बेचने के गौरवशाली संघर्ष को अपमानित करने की घटिया कोशिश - डॉ. प्रतीक उमरे*

*कांग्रेस का घोर ओछापन चरम पर,प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के चाय बेचने के गौरवशाली संघर्ष को अपमानित करने की घटिया कोशिश - डॉ. प्रतीक उमरे*

*कांग्रेस का घोर ओछापन चरम पर,प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के चाय बेचने के गौरवशाली संघर्ष को अपमानित करने की घटिया कोशिश - डॉ. प्रतीक उमरे*
*कांग्रेस का घोर ओछापन चरम पर,प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के चाय बेचने के गौरवशाली संघर्ष को अपमानित करने की घटिया कोशिश - डॉ. प्रतीक उमरे*
दुर्ग नगर निगम के पूर्व एल्डरमैन भाजपा नेता डॉ. प्रतीक उमरे ने कांग्रेस पार्टी के उस घिनौने कृत्य की कड़ी निंदा किया है जिसमें उसने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल से देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के चाय बेचने के पुराने वीडियो को अपमानजनक संदर्भ के साथ साझा किया।उन्होंने कहा कि यह न केवल एक व्यक्ति विशेष का अपमान है,बल्कि देश के करोड़ों मेहनतकश चाय विक्रेताओं,छोटे व्यापारियों और सामान्य परिवारों से आने वाले संघर्षशील नागरिकों का भी अपमान है।कांग्रेस पार्टी ने एक बार फिर सिद्ध कर दिया है कि वह जन्मजात "शाही परिवार" की मानसिकता से ग्रस्त है।जिस पार्टी के लोग कभी चांदी के चम्मच मुंह में लेकर पैदा हुए हों,जिन्होंने कभी मेहनत की रोटी नहीं खाई, जिनके पूर्वजों ने देश को गुलामी की जंजीरों में जकड़ा रहा,वही लोग आज देश के उस प्रधानमंत्री का मजाक उड़ा रहे हैं जिसने चाय की केतली से लेकर देश की कमान तक का सफर मेहनत, ईमानदारी और लगन से तय किया।शर्मनाक बात यह है कि कांग्रेस को गरीब का बेटा प्रधानमंत्री बनता दिखाई नहीं देता।उन्हें सिर्फ अपना "युवराज" और विदेशी बैंक बैलेंस दिखाई देता है। मोदी ने चाय बेचकर परिवार चलाया,स्टेशन पर किताबें बेचीं,आरएसएस के प्रचारक के रूप में गांव-गांव भटके,यही उनका अपराध है कांग्रेस की नजर में,लेकिन देश की १४० करोड़ जनता जानती है कि चाय वाला ही वह शख्स है जिसने गरीबों के लिए उज्ज्वला योजना दी,गरीब की बेटी को शौचालय की गरिमा दी,गरीब के खाते में सीधे योजनाओं का लाभ पहुंचाया,दुनिया के पटल पर भारत को नंबर-१ उभरती हुई अर्थव्यवस्था बनाया।कांग्रेस का यह कृत्य केवल नीचता नहीं,बल्कि देश की मेहनतकश जनता के आत्मसम्मान पर सीधा आघात है।यह वही कांग्रेस है जिसने ७० साल तक गरीबी हटाओ का नारा लगाया,लेकिन गरीबों को गरीब ही रखा ताकि वोट बैंक बना रहे।आज जब गरीब का बेटा गरीबी हटा रहा है, तब इनकी जलन सातवें आसमान पर है।उन्होंने कांग्रेस से पूछा कि क्या चाय बेचना अपराध है?क्या मेहनत की कमाई से परिवार पालना शर्म की बात है?क्या गरीब घर में जन्म लेना कांग्रेस के "खानदानी" मानकों के खिलाफ है?उन्होंने स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि कांग्रेस अगर देश के प्रधानमंत्री और करोड़ों मेहनतकश नागरिकों के सम्मान से खिलवाड़ बंद नहीं करेगी,तो जनता अबकी बार कांग्रेस को ऐसा सबक सिखाएगी कि २०२४ में मिला सबक भी छोटा लगेगा।

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