2 जून को जरूरतमंदों को जन समर्पण सेवा सँस्था खिलाएगी 2 जून की रोटी..

2 जून को जरूरतमंदों को जन समर्पण सेवा सँस्था खिलाएगी 2 जून की रोटी..

2 जून को जरूरतमंदों को जन समर्पण सेवा सँस्था खिलाएगी 2 जून की रोटी..

2 जून को जरूरतमंदों को जन समर्पण सेवा सँस्था खिलाएगी 2 जून की रोटी..


दो जून आते ही सोशल मीडिया पर 'दो जून की रोटी' वाले जोक्स और कहावतें तैरने लगती हैं. इसमें से कुछ लोग बताते हैं कि आखिर में दो जून की रोटी कमाना कितना मुश्किल है, तो कुछ कहते हैं कि वे बहुत भाग्यशाली हैं कि वे दो जून की रोटी खा पा रहे हैं. 
    
दरअसल, दो जून की रोटी से लोगों का मतलब दो वक्त के खाने से होता है. इंसान की जो सबसे आम जरूरत है, वह भोजन ही है. खाने के लिए ही इंसान क्या नहीं करता है. नौकरी, बिजनेस करने वाले से लेकर गरीब तक, हर शख्स भोजन के लिए ही काम करता है. और हर शख्स की मूल आवश्यकता खाना ही है.   

खाना इंसान की सबसे बड़ी जरूरतों में से एक है। इसकी सहजीय कल्पना की जा सकती है कि जिन लोगों को 2 जून की रोटी नसीब नहीं होती उनकी जिंदगी कितनी कष्टप्रद और बदत्तर होती है। 
    
कहा भी जाता है कि भूखे को रोटी देने और जरूरतमंदों की मदद से करने से बड़ा धर्म कोई और नहीं, भले ही आज के भौतिकवादी युग मे ये बातें किताबी लगती है, मगर आज भी समाज मे ऐसे लोग मौजूद है जिन्होंने मानवता की सेवा को ही अपने जीवन का उद्देश्य बना रखा है..
   

छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले की जन समर्पण सेवा सँस्था जोकि पिछले 6 वर्ष 5 माह (2350 दिनों) से बिना रुके बिना किसी दिन नागा किये 100 से अधिक जरूरतमंदों, फुटपात, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन में सोने वाले गरीबों को निशुल्क भोजन उपलब्ध करवा रही है, यह सँस्था कोरोना काल मे भी पूरे जिले में सबसे अधिक भोजन पैकेट वितरण करने वाली सेवाभावी सँस्था रही..
    
आज पूरे प्रदेश में मानव सेवा की मिसाल बन चुकी जन समर्पण सेवा सँस्था जिसका एक मात्र उद्देश्य मानव सेवा एवं गौ सेवा है, यह सँस्था इन 6 वर्षों में पूरे जिले में कोई भूखा न सोये इसका प्रयास किया है, निशुल्क भोजन के साथ साथ गौ माता को चारा हरि सब्जी भी गौठान एवं अन्य स्थानों में प्रतिदिन दे रहे है, यह सँस्था दिव्यांग जनोँ को ट्रायसिकल, व्हीलचेयर, बैसाखी, कम्मोट चेयर, मेडिकल पलंग, भी निःशुल्क उपलब्ध करवा रही है, ठंड में कम्बल, त्योहारों में हर आश्रम एवं फुटपात में जरूरतमंदों को नया कपड़ा मिठाई एवं अन्य जरूरत की सामग्री साबुन, निरमा, तेल निःशुल्क उपलब्ध करवाती है,  यह संस्था विगत 6 वर्षों से 2 जून को हर जरूरतमंदों तक 2 जून की रोटी (2 समय का भोजन) पहुँचाने का प्रयास करती है,
    

इस वर्ष 2 जून को संस्था द्वारा बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, अनाथ आश्रम, वृद्धाआश्रम, बालआश्रम, अनाथ हॉस्पिटल, एवं शहर के फुटपाथों में जीवन यापन करने वाले हर जरूरतमंदों तक 2 समय का भोजन पहुँचाने का कार्य करेगी, ताकि शहर में कोई भी व्यक्ति 2 जून को 2 जून की रोटी के लिए न तरसे..
     
इस सभी कार्यों में सँस्था के अध्यक्ष योगेन्द्र शर्मा बंटी, आशीष मेश्राम, शिशु शुक्ला, राहुल शर्मा, अर्जित शुक्ला, विकाश पुरोहित, प्रकाश कश्यप, दद्दू ढीमर, सुजल शर्मा, राजेन्द्र ताम्रकार, संजय सेन , हरीश ढीमर, अख्तर खान, मयंक शर्मा, शिबू मिर्जा, आदित्य नारंग, मृदुल गुप्ता, रिषी गुप्ता,शब्बीर पाकीजा, मोहित पुरोहित, बिट्टू कुरैशी, एवं अन्य सदस्य गण सेवा दे रहे है..

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