तांदुला बांध 12 दिन से हो रहा था ओवरफ्लो,तीसरी बार खुला मुख्य गेट
तीन जिले के लिए महत्वपूर्ण तांदुला बांध पिछले 12 दिन से ओवरफ्लो हो रहा है। 15 अगस्त से अब तक 100% से ज्यादा पानी होने की वजह से ओवरफ्लो की स्थिति बनी हुई है। यहां की कुल जलभराव क्षमता 38.50 फीट है। शुक्रवार शाम 6 बजे की स्थिति में जलस्तर 38.80 फीट था। हालांकि मुख्य गेट को गुरुवार सुबह 11 बजे से खोला गया है इसलिए आगे जलस्तर घटते क्रम पर रहेगा। सिंचाई विभाग के अनुसार अगस्त में तीसरी बार मुख्य गेट खुला। 3 जिले बालोद, दुर्ग, बेमेतरा में लगभग 35 हजार हे. रकबा सिंचित होगा। अधिकांश किसान धान की खेती कर रहे है।
हालांकि विभागीय अफसरों का कहना है कि रूक-रूककर बारिश हो रही है इसलिए खेतों में पानी है इसलिए कई किसान बांध के पानी को अपने खेत तक आने नहीं देंगे। इस लिहाज से खपत कम होगी। वर्तमान में बांध से एक हजार क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। आने वाले समय में किसानों के डिमांड अनुसार मात्रा बढ़ाया जाएगा। जिले में इस सीजन अब तक 1069.7 मिमी बारिश हो चुकी है। गुरुवार को 6 मिमी बारिश हुई।
खरखरा, मटियामोती बांध से 550 क्यूसेक पानी छोड़ रहे
सिंचाई विभाग के अनुसार वर्तमान में तांदुला के अलावा खरखरा व मटियामोती बांध भी ओवरफ्लो हो रहा है। खरखरा से अभी 400 क्यूसेक और मटियामोती से 150 क्यूसेक पानी छोड़ रहे है। भले ही बारिश रूक-रूककर हो रही है बावजूद अब तक सुखद स्थिति बनी हुई है क्यांेकि तांदुला बांध में 38.80 फीट, खरखरा में 30 फीट, मटियामोती बांध में 21 फीट यानी 100 प्रतिशत पानी है। वहीं गोंदली बांध में 31.50 फीट पानी है। यहां का जलस्तर पिछले 24 घंटे में 0.10 फीट बढ़ा।
इस सिस्टम के प्रभाव से आज बारिश के आसार
मौसम विभाग के अनुसार मानसून द्रोणिका दक्षिण-पूर्व पाकिस्तान के ऊपर स्थित निम्न दाब के केंद्र, सीकर, सुल्तानपुर, देहरी, पुरुलिया, दीघा, और उसके बाद पूर्व- दक्षिण-पूर्व की ओर उत्तर-पूर्व बंगाल की खाड़ी तक स्थित है। इसके अलावा एक ऊपरी हवा का चक्रीय चक्रवाती घेरा दक्षिण-पूर्व उत्तर प्रदेश और उसके आसपास स्थित है। यह 3.1 किलोमीटर ऊंचाई तक विस्तारित है। जिसके प्रभाव से 27 अगस्त को अधिकांश स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।