संयोजक अभिषेक टंडन ने प्रदेशवासियों को दी बधाई
धनतेरस, लक्ष्मी पूजा, दीपावली, गोवर्धन पूजा और भाई दूज की बधाई
1 दीपावली अपने संग त्योहारों का गुलदस्ता सजाकर आती है। इसमें धनतेरस, नरक चतुर्दशी, छोटी दीपावली, हनुमान जयंती, बड़ी दीपावली, अन्नकूट, गोवर्धन पूजा, कलम दवात पूजा और भाई दूज मनाया जाएगा। इस गुलदस्ते के पहले दिन पुष्य के रूप में धनतेरस पर्व मनोकामना पूर्ति करने वाला होगा।
2 नवंबर दिन मंगलवार को धनतेरस का पूजन किया जाएगा। उसी दिन भौम प्रदोष व्रत भी रखा जाएगा। धनतेरस पूजन का सबसे उत्तम समय रात में 08 बजकर 44 मिनट से 10 बजकर 19 मिनट तक होगा।
3 नवंबर को छोटी दीपावली पर हनुमान जयंती कार्तिक मास की कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को छोटी दीपावली और हनुमान जयंती मनाई जाएगी। जो इस बार 3 नवंबर दिन बुधवार को है। इस दिन को नरक चतुर्दशी का पूजन किया जाता है। कार्तिक महीने का शिवरात्रि भी इसी दिन रखा जाएगा। इसके साथ ही पितरों की शांति और प्रेतों से मुक्ति के लिए सूर्यास्त शाम 05 बजकर 17 मिनट के बाद चतुरमुखी दीपक जलाया जा सकेगा।
4 नवंबर को दीपावली
4 नवंबर दिन गुरुवार को अमावस्या के दिन दीपावली पर घरों के दीपक, झालर, तोरण अलपनाओं से अलंकृत किया जाएगा। प्रथम देव गणपति संग संपन्नता को देवी लक्ष्मी का पूजन खील बताशे, शक्कर के खिलोने, लइया, चूरा गट्टे संग किया जाएगा।
5 नवंबर को गोवर्धन और अन्नकूट कार्तिक मास की शुक्ल पक्ष की पहली तिथि पर 5 नवंबर दिन शुक्रवार को गोवर्धन और अन्नकूट पूजन किया जाएगा। इसमें गाय के रूप में लक्ष्मी का पूजन किया जाएगा, जिसमें लोग घरों पर गाय के गोबर से जमीन पर वृंदावन बनाएंगे और कान्हाजी को गाय बछड़ों के बीच गोवर्धन पर्वत उठाए दिखाएंगे। इसमें करवे की सीकों से सजावट की जाएगी। गोवर्धन पूजन के दिन गाय की पूजा की जाती है इसलिए दूध की बनी वस्तुओं के स्थान पर ताजी सब्जियां अर्पित की जाएंगी। प्रसाद में खीले, खाजा, बालूशाही, जलेबी, इमरती, बूंदी, पेठा का भोग लगाया जाएगा। पूजन सूर्योदय 06 बजकर 21 मिनट के बाद से सूर्यास्त तक किया जा सकेगा।
6 नवंबर को भाई दूज और कलम दावत की पूजा कार्तिक मास की शुक्ल पक्ष की द्वितीया को यम द्वितीया कहा जाता है। इस साल यह पर्व 6 नवंबर दिन शनिवार को मनाया जाएगा। इस दिन भाई दूज का भी पर्व मनाया जाएगा। भाई दूज का पूजन सुबह 06 बजकर 22 मिनट के बाद से दिनभर किया जा सकेगा। इस दिन कायस्थ कलम दावत का पूजन भी करेंगे