*छत्तीसगढ़ स्थापना दिवस पर निर्मला स्कूल में रंगोली प्रतियोगिता का आयोजन*

*छत्तीसगढ़ स्थापना दिवस पर निर्मला स्कूल में रंगोली प्रतियोगिता का आयोजन*

*छत्तीसगढ़ स्थापना दिवस पर निर्मला स्कूल में रंगोली प्रतियोगिता का आयोजन*
*छत्तीसगढ़ स्थापना दिवस पर निर्मला स्कूल में रंगोली प्रतियोगिता का आयोजन*

**छत्तीसगढ़ की लोकसंस्कृति, जनजातीय परंपराओं और गौरवशाली विरासत को रंगों के माध्यम से विद्यार्थियों ने दिया जीवंत रूप**
दल्ली राजहरा। छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस के शुभ अवसर पर निर्मला इंग्लिश मीडियम सीनियर सेकेंडरी स्कूल, दल्ली राजहरा में विद्यार्थियों के लिए रंगोली प्रतियोगिता सहित विभिन्न सांस्कृतिक एवं शैक्षणिक गतिविधियों का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोकसंस्कृति, परंपराओं, जनजातीय विरासत एवं राज्य के गौरवशाली इतिहास से परिचित कराना तथा अपनी सांस्कृतिक पहचान के प्रति जागरूक करना था।

कार्यक्रम का शुभारंभ छत्तीसगढ़ के राजकीय गीत **'अरपा पैरी के धार'** के सामूहिक गायन के साथ हुआ। इसके पश्चात विद्यार्थियों को छत्तीसगढ़ की लोकसंस्कृति, विभिन्न जनजातियों, पारंपरिक वेशभूषा, लोककला, रीति-रिवाजों एवं सांस्कृतिक परंपराओं की जानकारी दी गई। इससे विद्यार्थियों को अपने राज्य की विविधता और सांस्कृतिक धरोहर को समझने का अवसर मिला।

इसके पश्चात आयोजित रंगोली प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने पूरे उत्साह एवं रचनात्मकता के साथ भाग लिया। रंगों और कलात्मक कल्पनाओं के माध्यम से छात्र-छात्राओं ने छत्तीसगढ़ की लोकसंस्कृति, पारंपरिक जीवनशैली, जनजातीय कला, प्राकृतिक सौंदर्य एवं सांस्कृतिक प्रतीकों को रंगोली के रूप में आकर्षक ढंग से प्रस्तुत किया। विद्यार्थियों की कलात्मक प्रतिभा और उनकी कल्पनाशीलता ने आयोजन को विशेष आकर्षण प्रदान किया।

इस अवसर पर विद्यालय की उप-प्राचार्य **सिस्टर लीना फ्रांसिस** ने कहा कि, *"इस प्रकार के आयोजनों का उद्देश्य केवल प्रतियोगिताएं आयोजित करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को अपनी जड़ों, संस्कृति और परंपराओं से जोड़ना भी है। छत्तीसगढ़ की संस्कृति अत्यंत समृद्ध और विविधतापूर्ण है।

विद्यालय प्रबंधन एवं शिक्षकों के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता निभाई। रंगों, कला और संस्कृति के सुंदर संगम के साथ विद्यालय परिसर छत्तीसगढ़ की गौरवशाली विरासत के रंगों से सराबोर नजर आया। कार्यक्रम ने विद्यार्थियों को यह संदेश दिया कि अपनी संस्कृति और परंपराओं को जानना, समझना और आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाना हम सभी की जिम्मेदारी है।

Ads Atas Artikel

Ads Atas Artikel 1

Ads Center 2

Ads Center 3