*दुर्ग गरबा विवाद: भाजपा नेता डॉ. प्रतीक उमरे को बजरंग दल से मिली धमकी; प्रधानमंत्री कार्यालय ने लिया संज्ञान*
*दुर्ग गरबा विवाद: भाजपा नेता डॉ. प्रतीक उमरे को बजरंग दल से मिली धमकी; प्रधानमंत्री कार्यालय ने लिया संज्ञान*
दुर्ग के पद्मनाभपुर हॉकी ग्राउंड में आयोजित गरबा उत्सव के दौरान माताओं-बहनों से हुई अभद्रता का मामला अब देश के सर्वोच्च प्रशासनिक गलियारे में पहुंच गया है। गरबा पंडाल में हुई गुंडागर्दी के खिलाफ आवाज उठाने और पुलिस की ढीली कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करने के बाद भाजपा नेता एवं नगर निगम दुर्ग के पूर्व एल्डरमैन डॉ. प्रतीक उमरे को बजरंग दल के कथित कार्यकर्ताओं द्वारा सोशल मीडिया पर खुलेआम धमकियां और चेतावनी दी गई है। मामले की गंभीरता और व्यक्तिगत सुरक्षा को देखते हुए डॉ. प्रतीक उमरे ने सीधे प्रधानमंत्री कार्यालय को पत्र लिखकर पूरे घटनाक्रम से अवगत करा दिया है। जिसपर प्रधानमंत्री कार्यालय द्वारा तत्काल संज्ञान लेते हुए आगामी कार्यवाही के लिए अवर सचिव मुकुल दीक्षित को अग्रेषित किया गया है।
*अभद्रता के खिलाफ आवाज उठाने पर मिली खुली धमकी*
उल्लेखनीय है कि गरबा पंडाल में बजरंग दल के नाम पर कुछ तत्वों द्वारा महिलाओं के साथ की गई झूमाझटकी और गाली-गलौज पर डॉ. प्रतीक उमरे ने कड़ा आक्रोश जताया था। इसके प्रतिवाद में कथित संगठन के कार्यकर्ताओं द्वारा सोशल मीडिया पर एक बयान जारी कर डॉ. प्रतीक उमरे को सीधे तौर पर परिणाम भुगतने और 'देख लेने' की धमकी दी गई है। उपद्रवियों ने यह तक ऐलान किया है कि वे इस मामले में होने वाली किसी भी कानूनी कार्रवाई को सहने और उसका समर्थन करने वालों को 'तोड़ने' के लिए तैयार बैठे हैं।
*मर्यादा की आड़ में अराजकता स्वीकार नहीं: डॉ. प्रतीक उमरे*
इस धमकी भरे काउंटर-स्टेटमेंट पर पलटवार करते हुए भाजपा नेता डॉ. प्रतीक उमरे ने कहा, "सनातन संस्कृति और धर्म की रक्षा के नाम पर महिलाओं के सामने अश्लील गालियां देना, आतंक का माहौल बनाना और जनप्रतिनिधियों को कानून हाथ में लेकर धमकियां देना किसी भी सभ्य समाज में बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। गरबा जैसे पावन उत्सव में जहां साक्षात शक्ति स्वरूपा मां दुर्गा की आराधना होती है, वहां बजरंग दल के नाम पर कुछ अराजक तत्वों ने मर्यादा की सारी सीमाएं लांघ दीं। यह कृत्य धर्म की रक्षा नहीं, बल्कि विशुद्ध रूप से गुंडागर्दी और मानसिक दिवालियापन है।"
*स्थानीय पुलिस प्रशासन पूरी तरह फेल*
डॉ. प्रतीक उमरे ने स्थानीय पुलिस प्रशासन की कायरतापूर्ण निष्क्रियता को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि जब पंडाल में सरेआम महिलाओं के सामने मारपीट हो रही थी, तब दुर्ग पुलिस मूकदर्शक बनी तमाशा देख रही थी। पुलिस की यही ढीली कार्यप्रणाली इन हुड़दंगियों का हौसला बढ़ा रही है, जिससे वे अब खुलेआम कानून को चुनौती दे रहे हैं और उन्हें धमकियां दे रहे हैं।
*मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री से सख्त कार्रवाई की मांग*
छत्तीसगढ़ में स्थापित सुशासन और कानून के राज का हवाला देते हुए डॉ. प्रतीक उमरे ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और प्रधानमंत्री कार्यालय से मांग की है कि इस लचर कार्यप्रणाली और मिल रही धमकियों का तत्काल संज्ञान लिया जाए।जिन भी कथित कार्यकर्ताओं ने संगठन के नाम की आड़ लेकर महिलाओं का अपमान किया है, शहर की शांति भंग की है और अब दहशत फैलाने का प्रयास कर रहे हैं, उन्हें तुरंत चिन्हित कर सलाखों के पीछे भेजा जाए।