*गरबा के नाम पर अश्लीलता परोसी तो खैर नहीं,पंडालों में फूहड़ता पर भाजपा नेता डॉ. प्रतीक उमरे की खुली चेतावनी*

*गरबा के नाम पर अश्लीलता परोसी तो खैर नहीं,पंडालों में फूहड़ता पर भाजपा नेता डॉ. प्रतीक उमरे की खुली चेतावनी*

*गरबा के नाम पर अश्लीलता परोसी तो खैर नहीं,पंडालों में फूहड़ता पर भाजपा नेता डॉ. प्रतीक उमरे की खुली चेतावनी*
*गरबा के नाम पर अश्लीलता परोसी तो खैर नहीं,पंडालों में फूहड़ता पर भाजपा नेता डॉ. प्रतीक उमरे की खुली चेतावनी*
दुर्ग नगर निगम के पूर्व एल्डरमैन भाजपा नेता डॉ. प्रतीक उमरे ने नवरात्रि के पावन अवसर पर गरबा आयोजनों के नाम पर परोसी जाने वाली फूहड़ता और अश्लीलता पर कड़ा आक्रोश व्यक्त किया है।उन्होंने दो टूक शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा है कि गरबा के नाम पर अभद्रता और पश्चिमी फूहड़ता छत्तीसगढ़ की पावन संस्कृति का हिस्सा कभी नहीं रही है।छत्तीसगढ़ की माटी मर्यादा,लोक-संस्कृति और कड़े संस्कारों की माटी है।भक्ति के इस महापर्व को कुछ लोग व्यावसायिक लाभ के लिए डिस्को और अश्लीलता का अड्डा बनाने की कोशिश कर रहे हैं,जिसे कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।डॉ. प्रतीक उमरे ने छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत को रेखांकित करते हुए कहा कि हमारी माटी की पहचान सुआ,कर्मा,ददरिया,पंथी और राउत नाचा जैसे लोकनृत्यों से है,जिनमें अध्यात्म,सादगी और गहरा सम्मान छुपा होता है।हमारी माताएं और बहनें जब सुआ या कर्मा नृत्य करती हैं, तो उसमें एक मर्यादा होती है।लेकिन गरबा पंडालों में बॉलीवुड के फूहड़ गानों पर अश्लील डांस स्टेप्स और अभद्र व्यवहार को बढ़ावा दिया जा रहा है।यह छत्तीसगढ़िया अस्मिता और सनातन परंपरा पर सीधा प्रहार है। उन्होंने प्रशासन से मांग किया है कि ऐसे फूहड़ आयोजनों पर कड़ी नजर रखी जाए।गरबा पंडालों में पाश्चात्य और अमर्यादित कपड़ों की एंट्री पूरी तरह बंद हो।केवल भारतीय और पारंपरिक वेशभूषा को ही अनुमति दी जाए।फिल्मी और फूहड़ गानों की जगह केवल मां दुर्गा की आराधना के पारंपरिक गीतों और गरबा भजनों पर ही नृत्य हो तथा पंडालों में असामाजिक तत्वों के प्रवेश को रोकने के लिए एंट्री गेट पर अनिवार्य रूप से पहचान पत्र की जांच की जाए ताकि मां की भक्ति के इस माहौल की पवित्रता बनी रहे।

Ads Atas Artikel

Ads Atas Artikel 1

Ads Center 2

Ads Center 3