स्वामी आत्मानंद जयंती पर ‘धरती मां के नाम पत्र’ लेखन अभियान का आयोजन

स्वामी आत्मानंद जयंती पर ‘धरती मां के नाम पत्र’ लेखन अभियान का आयोजन

स्वामी आत्मानंद जयंती पर ‘धरती मां के नाम पत्र’ लेखन अभियान का आयोजन
स्वामी आत्मानंद जयंती पर ‘धरती मां के नाम पत्र’ लेखन अभियान का आयोजन

लगभग 450 विद्यार्थियों ने प्रकृति संरक्षण का लिया संकल्प, डाक विभाग ने 10 विद्यार्थियों को किया पुरस्कृत
राजहरा। स्वामी आत्मानंद जी की जयंती के अवसर पर सेजेस नया बाजार राजहरा में डाक विभाग, दल्ली राजहरा के सहयोग से प्रकृति संरक्षण की भावना को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से विशेष पत्र लेखन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। डाक विभाग द्वारा संचालित पत्र लेखन अभियान के अंतर्गत इस वर्ष “प्रकृति को बचाने हेतु धरती मां को पत्र” विषय पर विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।
कार्यक्रम में शाला के लगभग 450 विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। विद्यार्थियों ने अपनी रचनात्मकता का परिचय देते हुए रंग-बिरंगे एवं आकर्षक लेटर पैड तैयार किए और उन पर धरती मां को संबोधित करते हुए भावपूर्ण पत्र लिखे। पत्रों में विद्यार्थियों ने प्रकृति के प्रति अपने प्रेम, पर्यावरण संरक्षण की आवश्यकता तथा आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ एवं हरित धरती सुरक्षित रखने की भावना को अभिव्यक्त किया।
कई विद्यार्थियों ने अपने पत्रों में पेड़-पौधों की रक्षा करने, जल संरक्षण करने, प्लास्टिक का कम उपयोग करने, स्वच्छता बनाए रखने तथा प्राकृतिक संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग का संकल्प व्यक्त किया। इस दौरान विद्यालय परिसर में बच्चों का उत्साह देखते ही बनता था। विद्यार्थी पूरे मनोयोग से पत्र लिखते हुए दिखाई दिए और उन्होंने अपनी कल्पनाशक्ति एवं भावनाओं को सुंदर शब्दों में कागज पर उतारा।

पत्र लेखन के माध्यम से प्रकृति संरक्षण का संदेश

कार्यक्रम का उद्देश्य केवल पत्र लिखवाना ही नहीं, बल्कि विद्यार्थियों में पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता एवं जिम्मेदारी की भावना विकसित करना भी रहा। बच्चों ने धरती मां को अपनी भावनाओं के साथ पत्र लिखकर यह संदेश दिया कि प्रकृति केवल हमारे उपयोग की वस्तु नहीं, बल्कि हमारे जीवन का आधार है।
पत्र लेखन पूर्ण होने के पश्चात विद्यार्थियों द्वारा लिखे गए पत्रों को मिडिल विंग प्रभारी सिन्हा सर के द्वारा मुख्य डाकघर अधिकारी को सौंपा गया। विद्यार्थियों द्वारा तैयार किए गए रंग-बिरंगे पत्र कार्यक्रम का विशेष आकर्षण रहे।

डाक विभाग द्वारा 10 विद्यार्थियों को किया गया पुरस्कृत

विद्यार्थियों की रचनात्मकता एवं उत्साहवर्धन के लिए डाक विभाग, दल्ली राजहरा द्वारा 10 विद्यार्थियों को पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया गया। पुरस्कार प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों में विशेष उत्साह एवं खुशी देखने को मिली। इस अवसर पर अन्य विद्यार्थियों ने भी तालियों के साथ अपने साथियों का उत्साहवर्धन किया।

डाक विभाग की जनकल्याणकारी योजनाओं की दी जानकारी
कार्यक्रम के दौरान डाक विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों प्रेस विज्ञाप्ति में हमारे सहयोगी का नाम 

जयप्रकाश जायसवाल पोस्ट मास्टर दल्लीराजहरा ,दीपक पटेल डाक सहायक दल्ली राजहरा ,
पुरोहित निषाद पोस्ट मास्टर नर्राटोला द्वारा विद्यार्थियों तथा शाला परिवार को डाक विभाग की विभिन्न जनकल्याणकारी सेवाओं एवं सुविधाओं की जानकारी भी प्रदान की गई। बच्चों को डाकघर की कार्यप्रणाली, पत्र एवं पार्सल सेवाओं सहित विभाग द्वारा संचालित विभिन्न उपयोगी सेवाओं के बारे में जानकारी दी गई। इससे विद्यार्थियों को आधुनिक डिजिटल दौर में भी डाक विभाग की उपयोगिता एवं सामाजिक भूमिका को समझने का अवसर मिला।

प्राचार्य ने पत्र लेखन को बताया व्यक्तित्व विकास का माध्यम

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्राचार्य श्री गोरे सर ने विद्यार्थियों को पत्र लेखन के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि पत्र लेखन केवल अपने विचारों को व्यक्त करने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह भाषा कौशल, रचनात्मकता, भावनात्मक अभिव्यक्ति और सामाजिक संवेदनशीलता को विकसित करने का प्रभावी माध्यम भी है। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारी समझते हुए पर्यावरण संरक्षण के लिए निरंतर प्रयास करने के लिए प्रेरित किया।

डाक विभाग ने विद्यार्थियों को डाकघर भ्रमण के लिए किया आमंत्रित
इस अवसर पर मुख्य डाकघर अधिकारी श्री जायसवाल जी ने विद्यार्थियों के उत्साह की सराहना करते हुए उन्हें डाकघर सप्ताह के अवसर पर डाकघर भ्रमण (विजिट) कार्यक्रम के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने कहा कि डाकघर भ्रमण से विद्यार्थियों को डाक विभाग की सेवाओं और दैनिक कार्यप्रणाली को प्रत्यक्ष रूप से समझने का अवसर मिलेगा।

शाला परिवार ने डाक विभाग का व्यक्त किया आभार

कार्यक्रम के समापन अवसर पर सुश्री साक्षी साहू ने डाक विभाग, दल्ली राजहरा के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के रचनात्मक एवं ज्ञानवर्धक कार्यक्रम विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने भविष्य में भी डाक विभाग एवं विद्यालय के बीच इसी प्रकार के शैक्षणिक एवं जागरूकता आधारित कार्यक्रम निरंतर आयोजित किए जाने की अपेक्षा व्यक्त की।

कार्यक्रम में मुख्य डाकघर अधिकारी श्री जायसवाल जी सहित डाक विभाग के कर्मचारी, प्राचार्य श्री गोरे सर, मिडिल विंग प्रभारी सिन्हा सर, सुश्री साक्षी साहू एवं शाला परिवार के समस्त शिक्षक-शिक्षिकाएं उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों में विशेष उत्साह और उल्लास देखने को मिला। रंग-बिरंगे पत्रों, रचनात्मक लेखन और प्रकृति संरक्षण के संकल्प से विद्यालय परिसर में एक सकारात्मक एवं प्रेरणादायक वातावरण निर्मित हुआ। विद्यार्थियों ने अपने पत्रों के माध्यम से धरती मां को यह संदेश दिया कि प्रकृति की सुंदरता को बनाए रखना केवल सरकार या किसी एक संस्था की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है।

इस प्रकार स्वामी आत्मानंद जी की जयंती के अवसर पर आयोजित यह पत्र लेखन अभियान विद्यार्थियों के लिए ज्ञान, रचनात्मकता, अभिव्यक्ति और पर्यावरणीय जिम्मेदारी का सुंदर संगम साबित हुआ।

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