*पांच हजार शिक्षकीय पदों की भर्ती से विद्यार्थियों और युवाओं का भविष्य मजबूत होगा — डॉ. प्रतीक उमरे*
*पांच हजार शिक्षकीय पदों की भर्ती से विद्यार्थियों और युवाओं का भविष्य मजबूत होगा — डॉ. प्रतीक उमरे*
दुर्ग नगर निगम के पूर्व एल्डरमैन भाजपा नेता डॉ. प्रतीक उमरे ने छत्तीसगढ़ में लगभग पांच हजार शिक्षकीय पदों पर सीधी भर्ती की प्रक्रिया आगे बढ़ाने के लिए स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह निर्णय प्रदेश के विद्यार्थियों और शिक्षक बनने की तैयारी कर रहे हजारों युवाओं के हित में महत्वपूर्ण है।डॉ. प्रतीक उमरे ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था की गुणवत्ता का सबसे महत्वपूर्ण आधार योग्य और पर्याप्त संख्या में शिक्षक हैं। जब स्कूलों में शिक्षकों की उपलब्धता बेहतर होगी तो विद्यार्थियों को नियमित कक्षा शिक्षण का अधिक अवसर मिलेगा, शिक्षकों पर अतिरिक्त भार कम होगा और विषयवार पढ़ाई को बेहतर ढंग से संचालित किया जा सकेगा।उन्होंने कहा कि शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने शिक्षा विभाग की समीक्षा में शिक्षक उपलब्धता को प्राथमिकता देते हुए लगभग 5 हजार शिक्षकीय पदों पर सीधी भर्ती परीक्षा प्रक्रिया को आगे बढ़ाया है।इन पदों में सहायक शिक्षक,शिक्षक,व्याख्याता तथा सहायक शिक्षक विज्ञान जैसे पद शामिल हैं।इस भर्ती का महत्व केवल सरकारी नौकरी के अवसर तक सीमित नहीं है। इसके दो प्रत्यक्ष लाभ हैं।प्रदेश के शिक्षित एवं पात्र युवाओं को रोजगार का अवसर मिलेगा तथा सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की उपलब्धता मजबूत होगी,जिसका सीधा लाभ विद्यार्थियों को मिलेगा।उन्होंने कहा कि एक ओर हजारों युवा शिक्षक बनने के लिए वर्षों से तैयारी कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर सरकारी स्कूलों में विषयवार शिक्षकों की आवश्यकता रहती है। ऐसे में 5 हजार पदों की भर्ती दोनों आवश्यकताओं को एक साथ संबोधित करने वाला कदम है।उन्होंने कहा कि परीक्षा आधारित चयन से पात्र अभ्यर्थियों को प्रतिस्पर्धा के आधार पर अवसर मिलता है और भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने में मदद मिलती है।युवा को सबसे ज्यादा आवश्यकता पारदर्शी और निष्पक्ष अवसर की है। शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव द्वारा भर्ती प्रक्रिया को परीक्षा आधारित तरीके से आगे बढ़ाना युवाओं के विश्वास को मजबूत करने वाला कदम है।उन्होंने कहा कि ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों सहित ऐसे विद्यालय जहां शिक्षकों की कमी है, वहां पर्याप्त शिक्षकीय मानव संसाधन उपलब्ध होने से विद्यार्थियों की पढ़ाई अधिक नियमित हो सकेगी।उन्होंने कहा कि बच्चे किसी भी शिक्षा व्यवस्था के केंद्र में हैं। शिक्षक की कमी का प्रभाव सीधे बच्चों की पढ़ाई पर पड़ सकता है।इसलिए भर्ती के बाद पदस्थापना करते समय भी विद्यार्थियों की संख्या,विषयवार आवश्यकता और विद्यालयों की वास्तविक स्थिति को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।उन्होंने कहा कि यदि शिक्षक पर्याप्त संख्या में उपलब्ध हों,स्कूलों में आवश्यक अधोसंरचना हो और शिक्षण कार्य की नियमित निगरानी हो,तो इसका सबसे बड़ा लाभ प्रदेश के विद्यार्थियों को मिलेगा।डॉ. प्रतीक उमरे ने कहा कि अब सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए कि भर्ती प्रक्रिया को निर्धारित नियमों के अनुसार निष्पक्ष,पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए तथा चयनित शिक्षकों की पदस्थापना उन विद्यालयों में प्राथमिकता से हो जहां वास्तविक आवश्यकता है।उन्होंने कहा कि शिक्षक केवल सरकारी कर्मचारी नहीं होता,वह हजारों बच्चों के भविष्य का निर्माता होता है।इसलिए 5 हजार शिक्षकीय पदों की भर्ती का अंतिम लाभ प्रदेश के हर विद्यार्थी तक पहुंचना ही इस पूरी पहल की सबसे बड़ी सफलता होगी।