*चक्रधर समारोह रायगढ़ में लहर गंगा की प्रस्तुति ने जीता दिल*
22 सितंबर। छत्तीसगढ़ शासन संस्कृति विभाग, पर्यटन मंडल एवं जिला प्रशासन रायगढ़ द्वारा आयोजित विश्व प्रसिद्ध 41वाँ चक्रधर समारोह 2026 अपने अंतिम पड़ाव पर है। 14 से 23 सितंबर तक चल रहे 10 दिवसीय सांस्कृतिक महाकुंभ में देशभर की सांस्कृतिक विधाओं का संगम देखने को मिल रहा है।
इसी कड़ी में रामलीला मैदान में छत्तीसगढ़ की सुप्रसिद्ध लोक सांस्कृतिक संस्था *लहर गंगा, लोक कला ग्राम धनेली (जिला-बालोद)* की विशेष प्रस्तुति ने दर्शकों का मन मोह लिया। संस्था के संचालक-निर्देशक *श्री पुरानिक साहू* के नेतृत्व में कलाकारों ने पारंपरिक लोक नृत्य और गीत-संगीत का अनूठा संगम पेश किया, पूरा मैदान तालियों से गूंज उठा।
प्रस्तुति की शुरुआत गणेश वंदना से हुई, इसके बाद सरगुजा करमा शैली में दुर्गा वंदना और पंडवानी के माध्यम से पद्मविभूषण डॉ. तीजन बाई को विनम्र श्रद्धांजलि दी गई। राज्य गान *'अरपा पैरी के धार'* के साथ राउत नाचा, पर्रा नाचा, गौरा-गौरी, ददरिया, करमा और पंथी नृत्य की मनमोहक प्रस्तुतियों में छत्तीसगढ़ की लोक धरोहर की बहुरंगी छटा बिखरी।
इस अवसर पर रायगढ़ जिलाधीश *श्री मयंक चतुर्वेदी* सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। जिला प्रशासन द्वारा लहर गंगा के संचालक श्री पुरानिक साहू एवं सभी कलाकारों को प्रशस्ति पत्र, शाल व श्रीफल देकर सम्मानित किया गया और प्रस्तुति की खूब सराहना की गई।
*प्रस्तुति में शामिल कलाकार:* मंच संचालक बसंत साहू, लोक गायक विजय मानिकपुरी, रोशन साहू, लोक गायिका कु. किरण साहू, प्रीति साहू, अस्मिता सारथी, संगीतकार - भोलाराम अंगारे (आर्गन), राजकुमार यादव (बांसुरी-मोहरी), चमन देवदास (तबला), सुखराम साहू, दिगेंद्र पटेल (ढोलक), भूषण साहू (पैड) एवं सहयोगी कलाकार लिखेश्वर दिल्लीवार, राजेश निषाद, त्रिलोचन निषाद, चमन पटेल, यमन यदु, यादराम यादव, त्र्यंबक यादव, भूदेव निषाद, ज्योति प्रकाश साहू, सीनू टंडन, रेनू यादव, भावना विश्वकर्मा, राधा साहू, कीर्ति भूआर्य, गुंजा, चांदनी सहित पूरी टीम।