*सेवा संकल्प अभियान के तहत बीएनबी शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय तिल्दा नेवरा में विकासखंड स्तरीय चित्रकला एवं भाषण प्रतियोगिता संपन्न*
*सेवा संकल्प अभियान के तहत बीएनबी शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय तिल्दा नेवरा में विकासखंड स्तरीय चित्रकला एवं भाषण प्रतियोगिता संपन्न*
सेवा संकल्प अभियान के तहत बीएनबी शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय तिल्दा नेवरा में विकासखंड स्तरीय चित्रकला एवं भाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में विकासखंड तिल्दा नेवरा के अंतर्गत आने वाले विभिन्न विद्यालयों से चयनित प्रथम एवं द्वितीय स्थान प्राप्त प्राथमिक एवं माध्यमिक स्तर के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम में पार्षद रानी जैन, पार्षद प्रतिनिधि सौरभ जैन, शाला प्रबंधन समिति अध्यक्ष नरेंद्र शर्मा, चिकित्सा प्रकोष्ठ प्रभारी मंत्री डॉ. लक्ष्मण साहू,
विकासखंड शिक्षा अधिकारी लीलाधर सिन्हा, सहायक विकासखंड शिक्षा अधिकारी एल.के. जाहिरे एवं विकासखंड स्त्रोत समन्वयक देवेंद्र सिंह ठाकुर की गरिमामयी उपस्थिति रही। साथ ही बीएनबी नेवरा के प्राचार्य आर.के. चांदनी ने कार्यक्रम के सफल आयोजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। चित्रकला प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने ‘डिजिटल भारत’, ‘स्वच्छ भारत’ एवं ‘विकसित भारत’ जैसी विषय-वस्तुओं पर अपनी रचनात्मक प्रतिभा का प्रदर्शन करते हुए आकर्षक चित्रों की प्रदर्शनी लगाई। वहीं भाषण प्रतियोगिता में ‘मेरे सपनों का भारत’ तथा
‘विगत 25 वर्षों में भारत और आने वाले 25 वर्षों में भारत की संकल्पना’ जैसे विषयों पर विद्यार्थियों ने अपने विचार एवं भविष्य के भारत की परिकल्पना प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत की। प्रतियोगिता के सफल आयोजन में निनवा संकुल समन्वयक नरोत्तम ध्रुव, बीएनबी नेवरा संकुल समन्वयक लेखराज सोनी, तुलसी नेवरा संकुल समन्वयक हिमांचल चौबे, तरपोंगी संकुल समन्वयक कौशल वर्मा, ताराशिव संकुल समन्वयक कमलेश वर्मा, देवरी संकुल समन्वयक संतोष कुमार वर्मा एवं बहेसर संकुल समन्वयक सतीश चन्द्र साहू का सक्रिय सहयोग रहा। इस अवसर पर शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला छड़िया के प्रधान पाठक धीरेंद्र कुमार वर्मा ने कहा कि “सेवा संकल्प अभियान
विद्यार्थियों को केवल प्रतियोगिता का मंच नहीं देता, बल्कि उन्हें अपने सपनों के भारत की कल्पना करने और उसे साकार करने के लिए प्रेरित करता है। बच्चों की चित्रकला और भाषण में जिस रचनात्मक सोच, आत्मविश्वास और राष्ट्र के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण की झलक दिखाई दी, वह निश्चित रूप से हमारे लिए उत्साह का विषय है। आज के विद्यार्थी ही आने वाले भारत के निर्माता हैं, इसलिए विद्यालयों में ऐसे आयोजन उनके व्यक्तित्व विकास के साथ-साथ उनमें जिम्मेदारी और राष्ट्र निर्माण की भावना को मजबूत करते हैं।”