*पचरी संकुल के विद्यालयों में प्रज्वलित हुआ आशीर्वाद का दिया* *सेवा संकल्प अभियान के तहत शिक्षक, विद्यार्थियों, जनप्रतिनिधियों एवं पालकों ने लिया सहभागिता का संकल्प*

*पचरी संकुल के विद्यालयों में प्रज्वलित हुआ आशीर्वाद का दिया* *सेवा संकल्प अभियान के तहत शिक्षक, विद्यार्थियों, जनप्रतिनिधियों एवं पालकों ने लिया सहभागिता का संकल्प*

*पचरी संकुल के विद्यालयों में प्रज्वलित हुआ आशीर्वाद का दिया* *सेवा संकल्प अभियान के तहत शिक्षक, विद्यार्थियों, जनप्रतिनिधियों एवं पालकों ने लिया सहभागिता का संकल्प*
*पचरी संकुल के विद्यालयों में प्रज्वलित हुआ आशीर्वाद का दिया* *सेवा संकल्प अभियान के तहत शिक्षक, विद्यार्थियों, जनप्रतिनिधियों एवं पालकों ने लिया सहभागिता का संकल्प* 
सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत पचरी संकुल के विभिन्न विद्यालयों में गुरुवार को भावपूर्ण वातावरण में “आशीर्वाद का दिया” प्रज्वलित किया गया। संकुल अंतर्गत छड़िया, पचरी, नहरडीह, मधईपुर, कुम्हारी एवं आलेसुर के प्राथमिक एवं पूर्व माध्यमिक विद्यालयों में शिक्षक-शिक्षिकाओं, विद्यार्थियों, जनप्रतिनिधियों तथा शाला प्रबंधन समिति के सदस्यों ने एकजुट होकर दीप प्रज्वलित कर अभियान के प्रति अपनी सहभागिता व्यक्त की। इस अवसर पर विद्यालय परिसर में शिक्षा, संस्कार, सेवा और समाज के सहयोग से
 बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए सकारात्मक वातावरण निर्मित करने का संदेश दिया गया। संकुल प्राचार्य अशोक कुमार कोशले ने कहा कि आशीर्वाद का यह दिया केवल दीपक नहीं, बल्कि विद्यालय और समाज के बीच विश्वास एवं सहयोग की रोशनी का प्रतीक है। जब शिक्षक, विद्यार्थी, अभिभावक, जनप्रतिनिधि और शाला प्रबंधन समिति एक साथ आगे बढ़ते हैं, तो शिक्षा की गुणवत्ता और बच्चों के भविष्य को नई दिशा मिलती है। संकुल समन्वयक कांत कुमार ने कहा कि सेवा संकल्प अभियान समाज को
 विद्यालय से जोड़ने की एक सकारात्मक पहल है। आशीर्वाद का दिया बच्चों के प्रति समाज की जिम्मेदारी, स्नेह और शुभकामनाओं का प्रतीक है। ऐसे आयोजन विद्यार्थियों में अपनत्व, संस्कार और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करते हैं।शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला छड़िया के प्रधान पाठक धीरेंद्र कुमार वर्मा ने कहा कि विद्यालय केवल पढ़ाई का केंद्र नहीं, बल्कि समाज के भविष्य को गढ़ने का स्थान है।आशीर्वाद का दिया प्रज्वलित करना इस बात का संदेश है कि हमारे बच्चे अकेले नहीं हैं, उनके साथ उनके शिक्षक, पालक, जनप्रतिनिधि और पूरा
 समाज खड़ा है। इस दीपक की रोशनी बच्चों के सपनों, उनकी मेहनत और उनके उज्ज्वल भविष्य तक पहुंचे—यही इस अभियान की सार्थकता है। कार्यक्रम के दौरान विद्यालयों में उत्साह एवं आत्मीयता का वातावरण रहा। सभी ने मिलकर सेवा, सहयोग और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर कार्य करने का संकल्प लिया।

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