लेबर लायसेंस केन्द्रीय मगर जग्गन्नाथ कंपनी पैलेट प्लांट में कार्यरत ठेका श्रमिकों को नहीं दे रहा केन्द्रीय वेतनमान, संघ ने श्रम एवं उधोग मंत्री को सौंपा ज्ञापन

लेबर लायसेंस केन्द्रीय मगर जग्गन्नाथ कंपनी पैलेट प्लांट में कार्यरत ठेका श्रमिकों को नहीं दे रहा केन्द्रीय वेतनमान, संघ ने श्रम एवं उधोग मंत्री को सौंपा ज्ञापन

लेबर लायसेंस केन्द्रीय मगर जग्गन्नाथ कंपनी पैलेट प्लांट में कार्यरत ठेका श्रमिकों को नहीं दे रहा केन्द्रीय वेतनमान, संघ ने श्रम एवं उधोग मंत्री को सौंपा ज्ञापन
लेबर लायसेंस केन्द्रीय मगर जग्गन्नाथ कंपनी पैलेट प्लांट में कार्यरत ठेका श्रमिकों को नहीं दे रहा केन्द्रीय वेतनमान, संघ ने श्रम एवं उधोग मंत्री को सौंपा ज्ञापन


खदान मजदूर संघ भिलाई संबंद्ध भारतीय मजदूर संघ के अध्यक्ष मुश्ताक अहमद ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया कि कल दिनांक 24-09-2026 को संघ का एक प्रतिनिधिमंडल भारतीय मजदूर संघ के राष्ट्रीय मंत्री राधेश्याम जायसवाल के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ के श्रम एवं उधोग मंत्री लखनलाल देवांगन से नवा रायपुर में उनके निवास पर भेंट किया और उन्हें दल्ली यंत्रीकृत खदान में संचालित 1.2 मिलीयन टन पैलेट प्लांट में कार्यरत ठेका श्रमिकों के साथ हो रहें अन्याय से संबंधित विभिन्न विषयों पर ज्ञापन भी सौंपा। खदान मजदूर संघ के अध्यक्ष मुश्ताक अहमद ने आगे बताया कि ज्ञापन में दल्ली यंत्रीकृत माइंस के अंदर स्थित 1.2 MTPA पैलेट प्लांट के संबंध में समस्त तथ्यों सहित शिकायत किया गया है जिसमें सेंट्रल लाइसेंस, BSP की EC/CTO/जमीन/पानी/बिजली/मटेरियल होने के बाद भी फैक्ट्री एक्ट बताकर श्रमिकों को केन्द्रीय वेतनमान से वंचित करना एवं लीज बाउंड्री कों अवैध रूप से बदलने की जांच की भी मांग किया है। और बताया कि कार्यलय उप मुख्य श्रमायुक्त (केन्द्रीय) से सूचना के अधिकार से जानकारी दी गई है कि जगन्नाथ स्टील प्लांट द्वारा 300 श्रमिकों का लेबर लायसेंस लिया गया था और जो 05-09-2026 तक वैध था 
 RTI जवाब पत्र क्र. No. RP-99(11)/2026-27-RTI, दिनांक 03.06.2026*
*2. Central Labour License जारी दिनांक 06.09.2023, वैधता 05.09.2026 तक, 300 श्रमिक*
*3. CTO No. 7453/TS/CECB/2023, दिनांक 27.12.2023*
*4.EC- Rajhara Hill Lease 719.60 Ha*.
संघ के अध्यक्ष मुश्ताक अहमद अंसारी ने आगे बताया कि दल्ली यंत्रीकृत खदान में बने पैलेट प्लांट में कार्यरत श्रमिकों के साथ वेतनमान को लेकर कंपनी के द्वारा भेदभाव की निती अपनाईं जा रही है जोकि बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है। क्योंकि निम्न तथ्यों से यह स्पष्ट होता है। पैलेट प्लांट माइनिंग लीज के अंदर ही स्थित है और यहां जानबूझकर श्रमिकों को फैक्ट्री एक्ट का वेतनमान दिया जा रहा है। क्योंकि जब यह पैलेट प्लांट का निर्माण हो रहा था तब बीएसपी प्रबंधन इसे माइनिंग लीज के अंदर बता रही थी और श्रमिकों का वेतन भी बीएसपी द्वारा नियुक्त अतिश्रम कल्याण अधिकारी द्वारा जांच करने के बाद दिया जाता था जिसका पूरा रिकॉर्ड उपलब्ध है मगर बीएसपी प्रबंधन के जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा उस समय भी वहां कार्यरत श्रमिकों से 12-12 घंटे काम करवाया जाता था और वेतन पूरा नहीं दिया जाता था मगर बीएसपी प्रबंधन द्वारा ठेकेदार को 
वेतन भुगतान के लिए अनापत्ति प्रमाणपत्र जारी कर दिया जाता था जोकि बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है। जबकि जगन्नाथ स्टील प्लांट कंपनी द्वारा कार्यलय उप मुख्य श्रमायुक्त( केन्द्रीय) से 300 श्रमिकों का लेबर लाइसेंस भी लिया गया था जोकि 05-09-2026 तक वैध था इससे स्पष्ट होता है कि बीएसपी प्रबंधन और जगन्नाथ स्टील प्लांट के जिम्मेदार अधिकारियों को पहले से पता था कि पैलेट प्लांट माइनिंग लीज में ही है और इसलिए कार्यालय उप मुख्य श्रमायुक्त (केन्द्रीय) से 300 श्रमिकों का लेबर लाइसेंस भी लिया गया था और यह बात निम्नलिखित तथ्यों से भी स्पष्ट होता है कि पैलेट प्लांट माइनिंग लीज के अंदर ही है।
*एक तरफ जग्गन्नाथ कंपनी द्वारा श्रमिकों का लेबर लाइसेंस कार्यालय उप मुख्य श्रमायुक्त से लिया जाता है और दूसरी तरफ गरीब आदिवासी ठेका श्रमिकों का शोषण करने के लिए उनको फैक्ट्री एक्ट वेतनमान दिया जाता है जोकि बहुत ही शर्मनाक है और स्थानीय लोगों का खुला शोषण है*।

*1. सब कुछ BSP का है, पैसा सिर्फ ऑपरेटर ने लगाया है -*
- *BSP सब स्टेशन आदि का पैसा बनाने के लिए BSP ने दिया।*
- *EC BSP के नाम पर है।*
- *Labour License Central का है।*
- *Consent to Operate (CTO) BSP के नाम पर है।*
- *पानी BSP का, लैंड BSP की, मटेरियल BSP का है।*
- निवेश जो किया है वो *श्री जगन्नाथ स्टील प्लांट कंपनी ने किया है, यहाँ से जो पैलेट तैयार होगा वो BSP को बेचेंगे और उसी से उनका पैसा वापस होगा।* यह BOT/MDO मॉडल है, स्वतंत्र फैक्ट्री नहीं।

*2. पूरा सर्कल लीज बाउंड्री के अंदर है -*
- *मटेरियल लीज बाउंड्री के अंदर से आता है और पैलेट बनके फिर वापस लीज बाउंड्री के अंदर BSP को ही जाता है।*
- *BSP द्वारा इसकी मॉनिटरिंग किया जाता है कि कंपनी किसी और को पैलेट न बेच सके।*

*3. पहले सेंट्रल वेतन मिलता था -*
- *Labour का payment जब plant बन रहा था, उस time workers को Central Wages मिलता था और Labour का NOC BSP के Labour Officer के द्वारा दिया जाता था।*
- *उस time Free Power भी BSP द्वारा दिया जाता था।*

*4. सबसे बड़ा सवाल - लीज बाउंड्री किसके आदेश से Change किया गया?*
बिना किसी सक्षम आदेश, IBM की अनुमति और भारत सरकार की मंजूरी के लीज बाउंड्री को बदल दिया गया है। इसकी कोई प्रति सार्वजनिक नहीं की गई।

*कानूनी स्थिति -*
Mines Act 1952 की धारा 2(j) के अनुसार खदान के अंदर स्थित कोई भी बेनिफिएशन प्लांट, पैलेट प्लांट खदान का ही हिस्सा है। जब EC, CTO, जमीन सभी BSP के नाम पर है तो Appropriate Government केन्द्र ही है। इसलिए Central Minimum Wages लागू होगा, Factory Act का State Wages नहीं।

*मांग -*
1. लीज बाउंड्री बदलने के आदेश की प्रति तलब कर निरस्त किया जावे।
2. पैलेट प्लांट में कार्यरत श्रमिकों को 01.04.2026 से लागू Central Wages + VDA + EPF + ESIC + बोनस का भुगतान एवं अंतर की राशि दिलाई जावे।
3. इस पूरे प्रकरण की CVO-SAIL / CVC द्वारा सतर्कता जांच कराई जावे।
4. जांच तक किसी भी श्रमिक को नौकरी से न निकाला जावे।
अंत में संघ के अध्यक्ष मुश्ताक अहमद ने बताया कि कंपनी द्वारा राजहरा और आसपास के आदिवासी श्रमिकों के साथ कंपनी के सुपरवाइजर द्वारा भेदभाव पूर्ण व्यवहार भी किया जाता है और कंपनी के श्रमिकों को स्थानीय श्रमिकों की अपेक्षा ज्यादा सुविधाएं और वेतन भी दिया जाता है यहां एक बात और महत्वपूर्ण है कि जिन स्थानीय श्रमिकों को कंपनी के कुछ चुनिंदा लोगों द्वारा भर्ती किया जाता है उन्हें भी पूरी सुविधाएं दी जाती है।जिससे पैलेट प्लांट में कार्यरत स्थानीय और आदिवासी श्रमिकों की स्थिति दिनों दिन बिगड़ती जा रही है स्थानीय श्रमिकों के साथ हर बात में भेदभाव किया जाता है। और बाहर से आए कंपनी के कुछ चहेतों लोगों द्वारा बकायदा अपने स्तर पर भर्ती का खेल भी खेला जा रहा है। जिसकी भी जांच होनी चाहिए। और कंपनी द्वारा एसडीएम राजहरा के समक्ष हुए बैठक में यह बात भी स्पष्ट रूप से स्वीकार किया गया था कि भविष्य में जितनी भी गाडियां कंपनी में लगेंगी उसके लिए ड्राइवर स्थानीय स्तर पर भर्ती किया जावेगा मगर कंपनी के कुछ लोगों द्वारा यहां पर भी अपने स्तर पर भर्ती का खेल खेला जा रहा है।
ज्ञापन सौंपने में मुख्य रूप से भारतीय मजदूर संघ के राष्ट्रीय मंत्री राधेश्याम जायसवाल खदान मजदूर संघ के अध्यक्ष मुश्ताक अहमद, छत्तीसगढ़ विधुत मंडल के महामंत्री नवरतन बरैठ एवं अन्य सदस्यों की उपस्थिति थी।

*भवदीय,*
*मुश्ताक अहमद अंसारी*
*अध्यक्ष, खदान मजदूर भिलाई संबंद्ध भारतीय मजदूर संघ,*
*मोबाइल नं-9406087222*

Ads Atas Artikel

Ads Atas Artikel 1

Ads Center 2

Ads Center 3